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खुद को गोली मार वकील ने चैंबर में की आत्महत्या
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। सुबह घर से सैर करने निकले वरिष्ठ वकील विजय चोपड़ा ने सेक्टर-12 स्थित अपने चेंबर नंबर-268 में जाकर खुद को लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मार ली। करीब डेढ़ घंटे तक घर वापस नहीं आने पर खोजबीन के लिए निकले परिजन ढूंढते हुए मौके पर पहुंचे, जहां खून से लथपथ पिता के शव को देखकर बेटे के होश उड़ गए। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने एफएसएल टीम की मदद से जांच पड़ताल की और मौके से रिवाल्वर तथा कारतूस के खोल बरामद किए। परिजनों का कहना है कि विजय चोपड़ा मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे, हालांकि फिलहाल घटना के सही कारण का पता नहीं लग सका है।
मृतक के बड़े भाई और नहरी एवं सिंचाई विभाग करनाल के कार्यकारी अभियंता राजेश चोपड़ा ने बताया कि छोटा भाई विजय चोपड़ा सेक्टर-13 में पत्नी और दो बच्चों के साथ रहता था। इसके अलावा पिता भी उसी के साथ रहते थे। सोमवार की रात ही वह छोटे भाई विजय चोपड़ा और पिता केहर सिंह चोपड़ा से मिलकर आए थे। उन्होंने बताया कि घर पर सब कुछ ठीक था, लेकिन लॉकडाउन में काम नहीं चलने के कारण छोटा भाई परेशान चल रहा था। इस दौरान वह दवाइयां भी ले रहा था, लेकिन किसी को इसका आभास नहीं था कि वह आत्मघाती कदम उठा सकता है। रोजाना की तरह ही मंगलवार की सुबह करीब छह बजे वह स्कूटी से सेक्टर-12 पार्क में सैर के लिए निकला था, लेकिन जब साढ़े सात बजे तक वापस नहीं लौटा तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की। इस दौरान पता चला कि विजय चोपड़ा का मोबाइल भी घर पर ही है। पिता को ढूंढते हुए बेटा अखिल पहले सेक्टर-12 पार्क में गया। इसके बाद वह कोर्ट परिसर में पिता के चेंबर की ओर गया, जहां विजय चोपड़ा लहूलुहान पड़े थे। सिविल लाइन थाना प्रभारी रोशन लाल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। परिजनों के बयान पर धारा 174 की कार्रवाई की गई है।
कोर्ट में वकीलों ने नहीं किया कार्य
अधिवक्ता विजय चोपड़ा की मौत से आहत जिला बार एसोसिएशन मंगलवार को कार्य से विरत रहा। अधिवक्ताओं ने साथी की मौत पर दुख व्यक्त किया। विदित हो कि विजय चोपड़ा पिछले 25 साल से करनाल कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे थे और मुख्य रूप से बैंक के केस देखते थे। उनके पिता केहर सिंह चोपड़ा योग समिति से जुड़े हैं और मुख्य योग शिक्षक हैं।
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करनाल। सुबह घर से सैर करने निकले वरिष्ठ वकील विजय चोपड़ा ने सेक्टर-12 स्थित अपने चेंबर नंबर-268 में जाकर खुद को लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मार ली। करीब डेढ़ घंटे तक घर वापस नहीं आने पर खोजबीन के लिए निकले परिजन ढूंढते हुए मौके पर पहुंचे, जहां खून से लथपथ पिता के शव को देखकर बेटे के होश उड़ गए। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने एफएसएल टीम की मदद से जांच पड़ताल की और मौके से रिवाल्वर तथा कारतूस के खोल बरामद किए। परिजनों का कहना है कि विजय चोपड़ा मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे, हालांकि फिलहाल घटना के सही कारण का पता नहीं लग सका है।
मृतक के बड़े भाई और नहरी एवं सिंचाई विभाग करनाल के कार्यकारी अभियंता राजेश चोपड़ा ने बताया कि छोटा भाई विजय चोपड़ा सेक्टर-13 में पत्नी और दो बच्चों के साथ रहता था। इसके अलावा पिता भी उसी के साथ रहते थे। सोमवार की रात ही वह छोटे भाई विजय चोपड़ा और पिता केहर सिंह चोपड़ा से मिलकर आए थे। उन्होंने बताया कि घर पर सब कुछ ठीक था, लेकिन लॉकडाउन में काम नहीं चलने के कारण छोटा भाई परेशान चल रहा था। इस दौरान वह दवाइयां भी ले रहा था, लेकिन किसी को इसका आभास नहीं था कि वह आत्मघाती कदम उठा सकता है। रोजाना की तरह ही मंगलवार की सुबह करीब छह बजे वह स्कूटी से सेक्टर-12 पार्क में सैर के लिए निकला था, लेकिन जब साढ़े सात बजे तक वापस नहीं लौटा तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की। इस दौरान पता चला कि विजय चोपड़ा का मोबाइल भी घर पर ही है। पिता को ढूंढते हुए बेटा अखिल पहले सेक्टर-12 पार्क में गया। इसके बाद वह कोर्ट परिसर में पिता के चेंबर की ओर गया, जहां विजय चोपड़ा लहूलुहान पड़े थे। सिविल लाइन थाना प्रभारी रोशन लाल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। परिजनों के बयान पर धारा 174 की कार्रवाई की गई है।
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कोर्ट में वकीलों ने नहीं किया कार्य
अधिवक्ता विजय चोपड़ा की मौत से आहत जिला बार एसोसिएशन मंगलवार को कार्य से विरत रहा। अधिवक्ताओं ने साथी की मौत पर दुख व्यक्त किया। विदित हो कि विजय चोपड़ा पिछले 25 साल से करनाल कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे थे और मुख्य रूप से बैंक के केस देखते थे। उनके पिता केहर सिंह चोपड़ा योग समिति से जुड़े हैं और मुख्य योग शिक्षक हैं।
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