फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Latency: For two months, 97 college professors did not get salary

लेटलतीफी ः दो माह से 97 कॉलेजों के प्राध्यापकों को नहीं मिला वेतन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 16 May 2022 02:42 AM IST
विज्ञापन
Latency: For two months, 97 college professors did not get salary
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

करनाल। नई वेतन वितरण प्रणाली में फेरबदल की प्रक्रिया के चलते महाविद्यालयों में प्राध्यापकों की तनख्वाह मिलने में अनावश्यक विलंब हो रहा है। प्रदेश के 97 कॉलेजों के 1700 प्राध्यापकों सहित कुल 2700 कर्मचारियों का दो माह से वेतन रुका हुआ है। एक तरफ तो उच्चतर शिक्षा विभाग ने कॉलेजों को पंजाब नेशनल बैंक में खाता खुलवाने को कहा है, वहीं, बैंकों को इसकी कोई जानकारी ही नहीं है। इसलिए प्राध्यापकों में वेतन के संबंध में असमंजस की स्थिति है।
सरकार के आदेश के बाद उच्चतर शिक्षा विभाग ने 22 अप्रैल 2022 को प्रदेश के सभी 97 प्राइवेट गवर्नमेंट एडेड कॉलेज (सरकारी सहायता प्राप्त महाविद्यालय) प्रबंधन को पत्र भेजा था। जिसमें अपने नजदीकी पंजाब नेशनल बैंक शाखा में जीरो बैलेंस चाइल्ड एकाउंट खुलवाने को कहा गया है। यह खाता हरियाणा वित्त विकास निगम के सौजन्य से खुलवाने का प्रावधान है। वित्त विभाग ने सलाह दी है कि पंजाब नेशनल बैंक के माध्यम से पेरेंट-चाइल्ड एकाउंट सेटअप प्रणाली संचालित की जाए। प्राध्यापक नई नीति के तहत बने नियमों को लेकर अनभिज्ञ हैं।
विज्ञापन

बता दें कि राज्य के 97 सरकारी सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में प्राध्यापकों और कर्मचारियों के वेतन का मासिक बजट करीब 38 से 40 करोड़ रुपये होता है। करनाल शहर में भी सरकारी सहायता प्राप्त पांच महाविद्यालय हैं। इनमें दयाल सिंह कॉलेज, डीएवी कॉलेज, डीएवी महिला कॉलेज, डीएवी बीएड कॉलेज व गुरु नानक खालसा कॉलेज शामिल हैं। इन पांचों कॉलेज का मासिक बजट करीब डेढ़ करोड़ रुपये बनता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पहले विभाग की ओर से इन महाविद्यालयों के लिए तिमाही तौर पर बजट जारी किया जाता था। तनख्वाह रुकने व देरी होने पर उचित प्रबंधन करने की अपील की गई थी। अब तिमाही के बजाय मासिक तौर पर सीधे पैसा कॉलेज प्रबंधन को ट्रांसफर होगा। एक ही बैंक में पैसे स्थानांतरित करने में देरी नहीं होगी। संशय यह है कि बजट जारी करने के लिए कोई प्रावधान नहीं बताया गया। यदि किसी कस्बे में कॉलेज है और पीएनबी शाखा नहीं तो दिक्कत हो सकती है। दूसरी बात यह है कि बजट पास करने का तरीका नहीं बदला।
- डॉ. सुरेंद्र राणा, प्रदेश महासचिव, हरियाणा सहायता प्राप्त कॉलेज प्राचार्य एसोसिएशन
पहले तीन-तीन महीने का बजट एडवांस आता था। कई वर्षों से एडवांस सिस्टम खत्म भी नहीं किया और सही से लागू भी नहीं है। नई प्रणाली बाबत बैंक में संपर्क किया तो कर्मचारी इससे अनभिज्ञ हैं। जिस वजह से तनख्वाह में विलंब हो रहा है। सवाल यह है कि सरकार अपने इस चाइल्ड-पेरेंट प्रणाली को सुचारु रूप से लागू कर पाएगी या नहीं।

- डॉ. राकेश भारद्वाज, प्राचार्य, बनवारी लाल जिंदल सुईवाला कॉलेज तोशाम
हर कॉलेज का पीएनबी में एकाउंट खुलेगा। करनाल में ऐसे पांच कॉलेज हैं। सरकार की ओर से पीएनबी में चाइल्ड एकाउंट में पैसा स्थानांतरित किया जाएगा। उसके बाद हम आगे कर्मचारी के खाते में तनख्वाह स्थानांतरित करेंगे। खाते खुलवाए जा रहे हैं, प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। वे सरकार का पत्र लेकर बैंक जाएंगे तो बैंक प्रबंधन को खाता खोलना पड़ेगा। कॉलेज प्रबंधन को पहले पांच प्रतिशत हिस्सा जमा कराना होगा, उसके बाद शत प्रतिशत फंड जारी होगा।
- डॉ. रामपाल सैनी, प्राचार्य, डीएवी कॉलेज करनाल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed