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Karnal News: लक्षिता का पीटी उषा जैसी धावक बनने का सपना
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सुखदेव चौहान
करनाल। कर्ण स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में दो स्वर्ण और एक कांस्य पदक जीतकर जिले की बेटी लक्षिता ने साबित कर दिखाया कि अगर हौंसले बुलंद हो तो किसी भी मुकाम को पाया जा सकता है। युवा धावक लक्षिता का लक्ष्य पीटी उषा जैसी सर्वश्रेष्ठ धावक बनने का है। लक्षिता ने 400 मीटर एकल स्पर्धा में स्वर्ण, 4x400 मीटर रिले में स्वर्ण व 4x100 रिले दौड़ में कांस्य पदक जीता।
लक्षिता के इस प्रदर्शन की बदौलत करनाल जिला इस प्रतियोगिता में ओवरऑल दूसरे स्थान पर रहा। उनकी इस सफलता ने युवा एथलीटों के लिए एक मिसाल कायम की है कि निरंतर अभ्यास व प्रतियोगिता के दौरान सकारात्मक दृष्टिकोण से नए-नए कीर्तिमान स्थापित किए जा सकते है।
महज 15 साल की युवा धावक लक्षिता ने बताया कि वह अभी दसवीं कक्षा की छात्रा है, उसने अपने पिता कमल शर्मा की प्रेरणा से बेहतर एथलीट बनने का सपना संजोया। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए वह कर्ण स्टेडियम में दो साल से अभ्यास कर रही है। वह एथलेटिक्स में 400, 200 मीटर व 4x400 मीटर रिले में भाग लेती है। किसी भी प्रतियोगिता में भाग लेते हुए उनका मुख्य लक्ष्य पदक लाने का रहता है। संवाद
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करनाल। कर्ण स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में दो स्वर्ण और एक कांस्य पदक जीतकर जिले की बेटी लक्षिता ने साबित कर दिखाया कि अगर हौंसले बुलंद हो तो किसी भी मुकाम को पाया जा सकता है। युवा धावक लक्षिता का लक्ष्य पीटी उषा जैसी सर्वश्रेष्ठ धावक बनने का है। लक्षिता ने 400 मीटर एकल स्पर्धा में स्वर्ण, 4x400 मीटर रिले में स्वर्ण व 4x100 रिले दौड़ में कांस्य पदक जीता।
लक्षिता के इस प्रदर्शन की बदौलत करनाल जिला इस प्रतियोगिता में ओवरऑल दूसरे स्थान पर रहा। उनकी इस सफलता ने युवा एथलीटों के लिए एक मिसाल कायम की है कि निरंतर अभ्यास व प्रतियोगिता के दौरान सकारात्मक दृष्टिकोण से नए-नए कीर्तिमान स्थापित किए जा सकते है।
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महज 15 साल की युवा धावक लक्षिता ने बताया कि वह अभी दसवीं कक्षा की छात्रा है, उसने अपने पिता कमल शर्मा की प्रेरणा से बेहतर एथलीट बनने का सपना संजोया। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए वह कर्ण स्टेडियम में दो साल से अभ्यास कर रही है। वह एथलेटिक्स में 400, 200 मीटर व 4x400 मीटर रिले में भाग लेती है। किसी भी प्रतियोगिता में भाग लेते हुए उनका मुख्य लक्ष्य पदक लाने का रहता है। संवाद

प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर मौजूद विधायक व वक्ता।
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