{"_id":"66f0d247c43badeed502bde8","slug":"lakhs-cheated-in-the-name-of-sending-to-canada-karnal-news-c-18-knl1008-481402-2024-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: कनाडा भेजने के नाम पर लाखों ठगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: कनाडा भेजने के नाम पर लाखों ठगे
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। कनाडा भेजने के नाम पर एक व्यक्ति से दो युवकों ने 6.5 लाख रुपये ठग लिया और उसे फर्जी वीजा दे दिया। पीड़ित की शिकायत पर बुटाना थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। शिकायत में गांव अंजनथली निवासी गुलशन कुमार ने बताया कि तीन महीने पहले उसकी अजमेर सिंह से विदेश जाने के संदर्भ में बात हुई थी। अजमेर और उसके साथी नीलोखेड़ी निवासी दक्ष ने उसे कनाडा भेजने की बात कही थी।
छह अगस्त को दोनों ने उसे अपने कार्यालय बुलाया था और सात लाख रुपये ले लिए थे। इसके बाद आठ अगस्त को उन्होंने अपने घर बुलाया और चार लाख रुपये ले लिए थे। इसके बाद अगले दिन दो लाख 11 हजार रुपये तरावड़ी मंडी में ले लिए। इसके बाद 39 हजार रुपये गुगल पे किए। जब उसने आरोपियों को हवाई जहाज की टिकट कराने की बात कही तो उन्होंने कहा कि तुम खुद ही टिकट करा लो। तुम्हारा वीजा एक नंबर में है। कोई दिक्कत आए तो हम जिम्मेदार हैं।
इसके बाद उसने 10 अगस्त की टिकट करा ली। जब वह एयरपोर्ट पर पहुंचा तो वहां से उसे निकाल दिया। एयरपोर्ट पर अधिकारियों ने कहा कि वीजा फर्जी है। इस बारे में जब उसने आरोपियों से कहा तो वह बोले कि हमने तो काम करा दिया। अब हम जिम्मेदार नहीं हैं। जब उसने रुपये वापस मांगे तो मना कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
करनाल। कनाडा भेजने के नाम पर एक व्यक्ति से दो युवकों ने 6.5 लाख रुपये ठग लिया और उसे फर्जी वीजा दे दिया। पीड़ित की शिकायत पर बुटाना थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। शिकायत में गांव अंजनथली निवासी गुलशन कुमार ने बताया कि तीन महीने पहले उसकी अजमेर सिंह से विदेश जाने के संदर्भ में बात हुई थी। अजमेर और उसके साथी नीलोखेड़ी निवासी दक्ष ने उसे कनाडा भेजने की बात कही थी।
छह अगस्त को दोनों ने उसे अपने कार्यालय बुलाया था और सात लाख रुपये ले लिए थे। इसके बाद आठ अगस्त को उन्होंने अपने घर बुलाया और चार लाख रुपये ले लिए थे। इसके बाद अगले दिन दो लाख 11 हजार रुपये तरावड़ी मंडी में ले लिए। इसके बाद 39 हजार रुपये गुगल पे किए। जब उसने आरोपियों को हवाई जहाज की टिकट कराने की बात कही तो उन्होंने कहा कि तुम खुद ही टिकट करा लो। तुम्हारा वीजा एक नंबर में है। कोई दिक्कत आए तो हम जिम्मेदार हैं।
विज्ञापन
इसके बाद उसने 10 अगस्त की टिकट करा ली। जब वह एयरपोर्ट पर पहुंचा तो वहां से उसे निकाल दिया। एयरपोर्ट पर अधिकारियों ने कहा कि वीजा फर्जी है। इस बारे में जब उसने आरोपियों से कहा तो वह बोले कि हमने तो काम करा दिया। अब हम जिम्मेदार नहीं हैं। जब उसने रुपये वापस मांगे तो मना कर दिया।
विज्ञापन