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महिला थाने में नहीं मिलती पीड़ित को बैठने की जगह, जमीन पर बैठकर करती है फरीयाद करने
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महिलाओं की सुरक्षा के लिए अलग से थाने बनाए गए हैं, लेकिन स्थिति यह है कि थानों में बैठने के लिए जगह तक नहीं है। ऐसे में महिला थाने पहुंचने पर फरियादियों को घंटों खड़े रहने को मजबूर होना पड़ता है। मंगलवार को अमर उजाला की टीम जब शहर के महिला थाने में पहुंची तो वहां दहेज के मामले में ससुराल व मायका दोनों पक्षों को बुलाया गया था जो महिला थाना परिसर में जमीन पर इधर उधर बैठे नजर आ रहे थे। इससे अलग भी तीन से चार महिलायें अन्य मामलों में शिकायत करने पहुंची थीं। वह भी थाने में बने पेड़ व पत्थर पर बैठकर इंतजार कर रही थीं। दूसरी ओर महिला थाना प्रभारी अपने कक्ष में एक अन्य महिला की फरियाद सुन रही थी। जब महिलाऐं थाना प्रभारी के पास जातीं तो वहां पर तैनात एक महिला पुलिस कर्मचारी बार बार उन्हें बाहर बैठने के लिये कह देती, कई बार तो उस महिला कर्मचारी ने उन्हें फटकार भी लगायी। तुम्हे कितनी बार बोला है कि बाहर बैठ जाओ। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि महिलाओं की समस्याओं को महिला थाने में ही कितनी गंभीरता से लिया जा रहा है। दूसरी ओर, महिलाओं के खिलाफ अपराधों की बात करें तो पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष दहेज, छेड़छाड़ के मामले ज्यादा दर्ज हुये हैं।
दहेज व छेड़छाड़ के मामले बढ़े
पिछले वर्ष 2018 की तुलना में दहेज व छेड़छाड़ के मामले इस वर्ष ज्यादा दर्ज हुये हैं। 2108 की बात करें तो दहेज के मामले 165 दर्ज किये गये। 164 मामले ट्रेस किये गये और 147 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस वर्ष दहेज के मामलों की बात करें तो 236 दर्ज किये गये 141 मामले ट्रेेस किये गये और 91 लोगों को गिरफ्तार किया गया। 2018 में छेड़छाड़ के मामले 186 दर्ज किये गये 185 मामले ट्रेस किये गये और 144 लोगों को गिरफ्तार किया गया। 2019 में छेड़छाड़ के 212 मामले दर्ज किये गये। 178 मामले ट्रेस किये गये और 131 लोगों को गिरफ्तार किया। दुष्कर्म के मामले 2018 में 140 मामले दर्ज किये गये और 139 लोगों को गिरफ्तार किया गया। 2019 में दुष्कर्म के 112 मामले दर्ज किये गये, 91 मामले ट्रेस किये गये और 86 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसी प्रकार दहेज हत्या के 2018 में 15 मामले दर्ज किये गये 20 लोगों को गिरफ्तार किया। 2019 में 12 मामले दर्ज किये गये और 8 मामले ट्रेस किये और 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
महिला थाना में जब पीड़ित महिला आती है तो उसकी तुरंत सुनवाई होती है। थाना परिसर में बैठने के लिये पार्क बना हुआ है। जल्द ही बेंच भी लगवाये जायेंगे, ताकि पीड़ित महिला के साथ आये परिजनों को भी किसी प्रकार की परेशानी न आये।
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-कविता, महिला थाना प्रभारी, करनाल।
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दहेज व छेड़छाड़ के मामले बढ़े
पिछले वर्ष 2018 की तुलना में दहेज व छेड़छाड़ के मामले इस वर्ष ज्यादा दर्ज हुये हैं। 2108 की बात करें तो दहेज के मामले 165 दर्ज किये गये। 164 मामले ट्रेस किये गये और 147 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस वर्ष दहेज के मामलों की बात करें तो 236 दर्ज किये गये 141 मामले ट्रेेस किये गये और 91 लोगों को गिरफ्तार किया गया। 2018 में छेड़छाड़ के मामले 186 दर्ज किये गये 185 मामले ट्रेस किये गये और 144 लोगों को गिरफ्तार किया गया। 2019 में छेड़छाड़ के 212 मामले दर्ज किये गये। 178 मामले ट्रेस किये गये और 131 लोगों को गिरफ्तार किया। दुष्कर्म के मामले 2018 में 140 मामले दर्ज किये गये और 139 लोगों को गिरफ्तार किया गया। 2019 में दुष्कर्म के 112 मामले दर्ज किये गये, 91 मामले ट्रेस किये गये और 86 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसी प्रकार दहेज हत्या के 2018 में 15 मामले दर्ज किये गये 20 लोगों को गिरफ्तार किया। 2019 में 12 मामले दर्ज किये गये और 8 मामले ट्रेस किये और 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
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महिला थाना में जब पीड़ित महिला आती है तो उसकी तुरंत सुनवाई होती है। थाना परिसर में बैठने के लिये पार्क बना हुआ है। जल्द ही बेंच भी लगवाये जायेंगे, ताकि पीड़ित महिला के साथ आये परिजनों को भी किसी प्रकार की परेशानी न आये।
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-कविता, महिला थाना प्रभारी, करनाल।