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करनाल-पानीपत में घटे तो कैथल में बढ़े महिला अपराध-
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करनाल पुलिस रेंज के अंतर्गत करनाल और पानीपत जिलों में महिलाओं के विरुद्ध अपराध में अपेक्षाकृत कमी आई है। इस श्रेणी का अपराध वर्ष 2019 और 2020 की तुलना में कुछ कम हुआ है। जबकि कैथल में इस श्रेणी का अपराध बढ़ा है। यह खुलासा इस श्रेणी के अपराधों के पिछले दो वर्षों के आंकड़ों के दौरान हुआ है। उधर, इस संदर्भ में करनाल रेंज की आईजी भारती अरोड़ा ने दावा किया है कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस इस वर्ष खास फोकस करेगी। ये आंकड़ा और कम हो, इस पर पूरी गंभीरता के साथ काम किया जाएगा।
करनाल पुलिस रेंज के अंतर्गत तीन जिले करनाल, कैथल और पानीपत आते है। रेेंज के तीनों जिलों में इस श्रेणी के अपराध की ओवरआल स्थिति यदि देंखे तो करनाल रेंज में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले अपेक्षाकृत कम हुए हैं। रेंज के अंतर्गत तीनों जिलों करनाल, कैथल और पानीपत में वर्ष 2019 में इस अपराध के कुल 2429 केस दर्ज हुए थे, जो कि वर्ष 2020 में घटकर 2124 रह गए हैं। महिला विरूद्ध अपराध में अधिकतर मामले दहेज हत्या, दुष्कर्म, पोक्सो एक्ट, दुष्कर्म की कोशिश, छेड़खानी, नाबालिग से छेड़खानी, बालिकाओं को बहला फुसलाकर ले जाने, अपहरण व दहेज प्रताड़ना के शामिल हैं। उधर, करनाल रेंज की आईजी इसे पुलिस की बढ़ी उपलब्धि मान रही है।
रेंज के तीनों जिलों में महिलाओं के खिलाफ अपराध के आंकड़े
- करनाल जिले में वर्ष 2019 में महिला विरुद्ध अपराध के 865 मामले दर्ज हुए थे। जबकि वर्ष 2020 में इसकी संख्या घटकर 775 रह गई है। यानी इस वर्ष 90 मामले कम दर्ज हुए।
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- कैथल जिले में वर्ष 2019 में महिलाओं के खिलाफ 515 मामले दर्ज हुए, जबकि वर्ष 2020 में 528 मामले दर्ज हुए। यानी यहां 13 मामलों की वृद्धि हुई।
- पानीपत जिले में वर्ष 2019 में महिलाओं के खिलाफ हुए अपराध के 1049 मामले दर्ज हुए थे। जो वर्ष 2020 में घटकर 821 केस रह गए। यानी पानीपत जिले में गत वर्ष 228 मामले कम दर्ज हुए।
अपराधियों को सजा मिले, मजबूती से की जा रही पैरवी
वर्ष 2019 से 2020 में दर्ज हुए ज्यादातर मामलों को सुलझा लिया गया है। आरोपी पाए जाने वालों को सजा दिलाने के लिए न्यायालय में मजबूती से पैरवी भी की जा रही है। वहीं, जांच में झूठे पाए जाने वाले मामलों को निरस्त भी किया है। महिला उत्पीड़न की रोकथाम के लिए महिला हेल्पलाइन नंबर 1091 दुर्गा शक्ति एप तथा दुर्गा शक्ति पीसीआर तीनों जिलों में तैनात की गई है। स्कूलों, कॉलेजों व शिक्षण संस्थानों के आसपास मनचलों पर नजर रखने के लिए लगातार गश्त भी की जा रही है। इसके अलावा शिकायतों के संबंध में पीड़ितों से फीडबैक भी लिया जा रहा है।
- भारती अरोड़ा, आईजी, करनाल पुलिस रेंज।
संवाद
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करनाल पुलिस रेंज के अंतर्गत तीन जिले करनाल, कैथल और पानीपत आते है। रेेंज के तीनों जिलों में इस श्रेणी के अपराध की ओवरआल स्थिति यदि देंखे तो करनाल रेंज में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले अपेक्षाकृत कम हुए हैं। रेंज के अंतर्गत तीनों जिलों करनाल, कैथल और पानीपत में वर्ष 2019 में इस अपराध के कुल 2429 केस दर्ज हुए थे, जो कि वर्ष 2020 में घटकर 2124 रह गए हैं। महिला विरूद्ध अपराध में अधिकतर मामले दहेज हत्या, दुष्कर्म, पोक्सो एक्ट, दुष्कर्म की कोशिश, छेड़खानी, नाबालिग से छेड़खानी, बालिकाओं को बहला फुसलाकर ले जाने, अपहरण व दहेज प्रताड़ना के शामिल हैं। उधर, करनाल रेंज की आईजी इसे पुलिस की बढ़ी उपलब्धि मान रही है।
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रेंज के तीनों जिलों में महिलाओं के खिलाफ अपराध के आंकड़े
- करनाल जिले में वर्ष 2019 में महिला विरुद्ध अपराध के 865 मामले दर्ज हुए थे। जबकि वर्ष 2020 में इसकी संख्या घटकर 775 रह गई है। यानी इस वर्ष 90 मामले कम दर्ज हुए।
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- कैथल जिले में वर्ष 2019 में महिलाओं के खिलाफ 515 मामले दर्ज हुए, जबकि वर्ष 2020 में 528 मामले दर्ज हुए। यानी यहां 13 मामलों की वृद्धि हुई।
- पानीपत जिले में वर्ष 2019 में महिलाओं के खिलाफ हुए अपराध के 1049 मामले दर्ज हुए थे। जो वर्ष 2020 में घटकर 821 केस रह गए। यानी पानीपत जिले में गत वर्ष 228 मामले कम दर्ज हुए।
अपराधियों को सजा मिले, मजबूती से की जा रही पैरवी
वर्ष 2019 से 2020 में दर्ज हुए ज्यादातर मामलों को सुलझा लिया गया है। आरोपी पाए जाने वालों को सजा दिलाने के लिए न्यायालय में मजबूती से पैरवी भी की जा रही है। वहीं, जांच में झूठे पाए जाने वाले मामलों को निरस्त भी किया है। महिला उत्पीड़न की रोकथाम के लिए महिला हेल्पलाइन नंबर 1091 दुर्गा शक्ति एप तथा दुर्गा शक्ति पीसीआर तीनों जिलों में तैनात की गई है। स्कूलों, कॉलेजों व शिक्षण संस्थानों के आसपास मनचलों पर नजर रखने के लिए लगातार गश्त भी की जा रही है। इसके अलावा शिकायतों के संबंध में पीड़ितों से फीडबैक भी लिया जा रहा है।
- भारती अरोड़ा, आईजी, करनाल पुलिस रेंज।
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