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कीर्तन से रहती है नकारात्मक ऊर्जा दूर : सरस्वती महाराज
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संवाद न्यूज एजेंसी
जुंडला। माता बाला सुंदरी मंदिर परिसर में भगवान श्री शिव महापुराण कथा के समापन अवसर पर श्री राज राजेश्वरी धाम वृंदावन से पधारे स्वामी चित्पूर्णा नंद सरस्वती महाराज ने भगवान गणेश और कार्तिकेय के जन्म की कथा सुनाई।
उन्होंने कहा कि पवित्र सावन माह में सभी को अपने घरों में एकत्रित होकर कीर्तन करना चाहिए। इससे नकारात्मक ऊर्जा घर से दूर रहती है और प्रतिदिन भगवान शिव का गुणगान करने से भोलेबाबा प्रसन्न होते हैं। सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दरबार में माथा टेक कर परिवार की खुशहाली की कामना की।
शिव महापुराण कथा के समापन अवसर पर देसी घी से बने पकवानों से भोग लगाया और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में हजारों की तादाद में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटे कांवड़ियों के लिए मंदिर में फल फ्रूट और भोजन की विशेष व्यवस्था की गई। इस मौके पर मंदिर कमेटी के प्रधान राजकुमार नरसी, मंदिर पुजारी शास्त्री महासिंह, इनेलो नेता मेहर सिंह जुंडला आदि मौजूद रहे।
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जुंडला। माता बाला सुंदरी मंदिर परिसर में भगवान श्री शिव महापुराण कथा के समापन अवसर पर श्री राज राजेश्वरी धाम वृंदावन से पधारे स्वामी चित्पूर्णा नंद सरस्वती महाराज ने भगवान गणेश और कार्तिकेय के जन्म की कथा सुनाई।
उन्होंने कहा कि पवित्र सावन माह में सभी को अपने घरों में एकत्रित होकर कीर्तन करना चाहिए। इससे नकारात्मक ऊर्जा घर से दूर रहती है और प्रतिदिन भगवान शिव का गुणगान करने से भोलेबाबा प्रसन्न होते हैं। सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दरबार में माथा टेक कर परिवार की खुशहाली की कामना की।
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शिव महापुराण कथा के समापन अवसर पर देसी घी से बने पकवानों से भोग लगाया और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में हजारों की तादाद में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटे कांवड़ियों के लिए मंदिर में फल फ्रूट और भोजन की विशेष व्यवस्था की गई। इस मौके पर मंदिर कमेटी के प्रधान राजकुमार नरसी, मंदिर पुजारी शास्त्री महासिंह, इनेलो नेता मेहर सिंह जुंडला आदि मौजूद रहे।
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