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करनाल के ट्रक ड्राइवर की आतंकी से थी पहचान, जेल में रहे साथ

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 13 May 2022 02:12 AM IST
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Karnal's truck driver was identified with the terrorist, stayed with him in jail
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। बसताड़ा टोल प्लाजा पर गिरफ्तार आतंकियों के करनाल से सीधे तौर पर तार जुड़ते दिख रहे हैं। भले ही पुलिस अधिकारियों ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है लेकिन गिरफ्तार एक आतंकी से कर्णनगरी का युवक मिलता था, इतना ही नहीं ये युवक उस आतंकी के साथ जेल में भी रहा था। आतंकी के गांव में ही करनाल के युवक की बहन ब्याही है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने इस युवक को कब्जे में लेकर पूछताछ भी शुरू कर दी है। शीघ्र ही इसका खुलासा पुलिस कर सकती है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पांच मई को गुरप्रीत सिंह, अमनदीप सिंह, भूपेंद्र सिंह व परमिंदर सिंह को बसताड़ा टोल प्लाजा पर गिरफ्तार कर उनकी इनोवा कार से साढ़े सात किलो आईईडी व हथियार और कारतूस बरामद किए थे। इनमें भूपेंद्र सिंह भले ही भाटिया (लुधियाना) का निवासी है लेकिन वह अन्य तीन आतंकियों के ही गांव मखू में ही रहता था। सूत्र बताते है कि इसी गांव में करनाल की एक बेटी ब्याही है, जिसका ट्रक ड्राइवर भाई उसके यहां आता रहता है। हालांकि ये बहन भाई भी पहले लुधियाना के ही एक गांव में रहते थे मगर करीब 2001 में करनाल में शिफ्ट हो गए।
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जानकारी ये भी मिल रही है कि ट्रक ड्राइवर का भांजा दूध लेने के लिए आतंकी के घर जाता था। वह नशे का भी कारोबार करता था, इसलिए उसका भांजा उसके संपर्क में आ गया। एक दिन जब ड्राइवर युवक, उसका भांजा और आतंकी एक ही चोरी की बाइक पर कहीं जा रहे थे तो पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया था, तीनों को जेल भी जाना पड़ा था। कई दिनों से तक जेल में एक साथ रहने के कारण करनाल के ड्राइवर युवक की आतंकी के साथ अच्छी पहचान हो गई। हालांकि आतंकी मामले से इनका कोई सीधा संबंध फिलहाल सामने नहीं आया है। लेकिन ये जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने करनाल के ट्रक ड्राइवर युवक को उठाकर पूछताछ शुरू कर दी है। यदि पूछताछ में कोई सीधा लिंक मिलता है तो इस युवक की गिरफ्तारी भी हो सकती है। इस मामले का खुलासा शीघ्र ही पुलिस कर सकती है।
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राजबीर अहम कड़ी
-पाकिस्तान से बब्बर खालसा के हरविंद्र सिंह रिंदा के दायां हाथ बताए जा रहे राजबीर सिंह को करनाल पुलिस से पहले पंजाब पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट पर ले लिया है, जिससे पूछताछ की जा रही है। इसकी अवधि खत्म होने पर जैसे ही पंजाब पुलिस उसे कोर्ट में पेश करेगी, वैसे ही करनाल पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर लेने का पूरा प्रयास करेगी, क्योंकि राजबीर सिंह ही वह अहम कड़ी है, जो रिंदा के स्थानीय नेटवर्क के बारे में अहम खुलासा कर सकता है।
फर्जी आरसी मामले में अंबाला के युवक से हो रही पूछताछ
सूत्रों के अनुसार आतंकियों को फर्जी आरसी बनाकर देने के शक में करनाल पुलिस ने अंबाला के एक को युवक को उठाया है, जिससे पूछताछ की जा रही है। बताते हैं कि अंबाला में गाड़ियों की फर्जी आरसी बनाने के गोरखधंधे का शक जाहिर करते हुए 10 मई को मधुबन थाने में एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस ने देर रात तक इस युवक को गिरफ्तार तो नहीं किया है लेकिन सूत्रों के अनुसार युवक अंबाला का है और उसका संबंध फर्जी आरसी बनाने वालों से है। पुलिस का शक और गहरा गया है कि आतंकियों द्वारा चलाई जा रही दो गाड़ियों की फर्जी आरसी अंबाला के गिरोह ने ही जारी की है। यदि युवक से पूछताछ में पुलिस के शक की पुष्टि होती है तो एक बड़ा खुलासा हो सकता है।
आतंकियों को प्रोडक्शन वारंट पर लेना चाहती है राज्यों की पुलिस
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। गिरफ्तार चारों आतंकी दस दिन की रिमांड पर हैं, जो 15 मई को खत्म हो रहा है। 15 मई को इन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा, यदि करनाल पुलिस इन्हें दोबारा रिमांड पर नहीं लेती है तो इन आतंकियों से पूछताछ के लिए महाराष्ट्र, तेलंगाना और पंजाब पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर लेने को तैयार है।
संभावना ये है कि अभी करनाल पुलिस की भी पूछताछ अधूरी है, करनाल पुलिस गुरुप्रीत सिंह, अमनदीप सिंह, भूपेंद्र सिंह व परमिंदर सिंह को 15 मई को पेश करने के बाद एक बार फिर न्यायालय से उनका रिमांड मांग सकती है लेकिन यदि करनाल पुलिस दोबारा रिमांड नहीं लेती है तो तीन राज्यों की पुलिस उन्हें अपने राज्य में ले जाकर पूछताछ करने के लिए तैयार हैं। महाराष्ट्र पुलिस इसलिए आतंकियों को प्रोडक्शन पर वारंट पर लेना चाहती है, क्योंकि आतंकियों ने ही खुलासा किया था कि वह विस्फोटक की एक खेप महाराष्ट्र के नादेड़ पहुंचा चुके हैं, वह विस्फोटक अभी तक बरामद नहीं हो सका है।

दूसरी ओर, तेलंगाना पुलिस इसलिए प्रोडक्शन वारंट पर लेने में लगी है, क्योंकि करनाल में पकड़ा गया विस्फोटक तेलंगाना के आदिलाबाद जाना था, ये पता लगाना आवश्यक है कि वहां इन आतंकियों के स्लीपर सेल कौन हैं, कौन वहां हथियारों व विस्फोटक को रिसीव करने वाला था और उसका इरादा क्या था। इसके साथ ही पंजाब पुलिस इसलिए उनसे पूछताछ करना चाहती है, क्योंकि वे जो विस्फोटक लेकर चले थे, वह पंजाब के फिरोजपुर क्षेत्र से लेकर चले थे। वहां और किन-किन लोगों को विस्फोटक दिया या फिर उनके पास और कितना विस्फोटक है और वह कहां रखा है, यह जानना भी जरूरी है।
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