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स्वच्छता सर्वेक्षण में करनाल हरियाणा में तीसरे नंबर पर
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करनाल। स्मार्ट सिटी करनाल एक बार फिर स्वच्छता सर्वेक्षण में टॉप-10 में शामिल नहीं हो पाई है। ये दीगर बात है कि करनाल ने 85 वीं रैंक पाकर प्रदेश में गुरुग्राम और रोहतक के बाद तीसरा स्थान पाया है। हालांकि पिछले साल से एक रैंक ऊपर चढ़ा है।
पिछली बार करनाल की रैंक 86वीं थी। इससे पहले रैंक 17वीं रही है। नगर निगम प्रशासन का दावा है कि अगले स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर उपायों के साथ टॉप-10 में शामिल होने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। नगर निगम के उप निगमायुक्त अरुण भार्गव ने बताया कि एक से दस लाख आबादी वाले शहरों के स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 का परिणाम जारी हो गया है। जिसमें करनाल नगर को 85वां रैंक हासिल हुआ है। इससे पहले 19वें रैंक पर गुरुग्राम और 38वीं रैंक रोहतक को मिली है। जबकि पंचकूला को 86वीं रैंक मिली है। इसलिए करनाल हरियाणा में स्वच्छता रैंक में तीसरे स्थान पर है। उन्होंने बताया कि पिछले साल से थोड़ा बेहतर रहा है। पिछले साल 86 वां रैंक था लेकिन ये संतोषजनक नहीं है। करनाल को बेहतर रैंक में लाने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे। नए सिरे से प्लानिंग करके गतिविधियों को संचालित किया जाएगा।
इधर संसाधनों की बात करें तो करनाल शहर से रोजाना 180 टन कूड़ा निकलता है। नगर निगम के पास 118 टिप्पर, चार जेसीबी, दो ट्रैक्टर ट्राली, तीन रिफ्यूज कंप्रेेशर, 200 रिक्शा गाड़ी और सफाई कर्मचारियों की संख्या 1062 है। सफाई की दृष्टि से शहर को चार जोन में बांटा गया है। इसके बावजूद शहर में कहीं न कहीं कूड़े के ढेर दिख ही जाते हैं। हाल में ही नगर निगम से घरों से निकलते वाले कूड़े को सीधे सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट तक ले जाने की एक व्यवस्था एक ही एजेंसी के जरिये करने का निर्णय लिया है। रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था को भी हाल ही में शुरू किया गया है। लेकिन इसके बावजूद शहर का स्वच्छता का स्तर सिर्फ एक रैंक ही ऊपर बढ़ सका है। स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर रैंक पाने या फिर टॉप-10 में शामिल करने के लिए अभी और बेहतर प्रयास करने होंगे।
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बॉक्स
डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन शुरू न होना आया आड़े
-एक से दस लाख की आबादी के शहरों के स्वच्छता सर्वेक्षण में करनाल नगर निगम की स्थिति में बहुत अधिक सुधार नहीं हुआ। इसका मुख्य कारण नगर क्षेत्र में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का शुरू नहीं हो पाना माना जा सकता है। इसके लिए प्रयास तो लंबे समय से चल रहे हैं लेकिन अभी तक डोर टू डोर कूड़ा एकत्रीकरण की व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी है। क्योंकि जब 2020 में करनाल को देश में 17वीं रैंक मिली थी तो उस समय डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का कार्य एजेंसियों का दिया गया था, जिसके शहर की स्वच्छता में सुधार हुआ था।
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पिछली बार करनाल की रैंक 86वीं थी। इससे पहले रैंक 17वीं रही है। नगर निगम प्रशासन का दावा है कि अगले स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर उपायों के साथ टॉप-10 में शामिल होने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। नगर निगम के उप निगमायुक्त अरुण भार्गव ने बताया कि एक से दस लाख आबादी वाले शहरों के स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 का परिणाम जारी हो गया है। जिसमें करनाल नगर को 85वां रैंक हासिल हुआ है। इससे पहले 19वें रैंक पर गुरुग्राम और 38वीं रैंक रोहतक को मिली है। जबकि पंचकूला को 86वीं रैंक मिली है। इसलिए करनाल हरियाणा में स्वच्छता रैंक में तीसरे स्थान पर है। उन्होंने बताया कि पिछले साल से थोड़ा बेहतर रहा है। पिछले साल 86 वां रैंक था लेकिन ये संतोषजनक नहीं है। करनाल को बेहतर रैंक में लाने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे। नए सिरे से प्लानिंग करके गतिविधियों को संचालित किया जाएगा।
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इधर संसाधनों की बात करें तो करनाल शहर से रोजाना 180 टन कूड़ा निकलता है। नगर निगम के पास 118 टिप्पर, चार जेसीबी, दो ट्रैक्टर ट्राली, तीन रिफ्यूज कंप्रेेशर, 200 रिक्शा गाड़ी और सफाई कर्मचारियों की संख्या 1062 है। सफाई की दृष्टि से शहर को चार जोन में बांटा गया है। इसके बावजूद शहर में कहीं न कहीं कूड़े के ढेर दिख ही जाते हैं। हाल में ही नगर निगम से घरों से निकलते वाले कूड़े को सीधे सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट तक ले जाने की एक व्यवस्था एक ही एजेंसी के जरिये करने का निर्णय लिया है। रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था को भी हाल ही में शुरू किया गया है। लेकिन इसके बावजूद शहर का स्वच्छता का स्तर सिर्फ एक रैंक ही ऊपर बढ़ सका है। स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर रैंक पाने या फिर टॉप-10 में शामिल करने के लिए अभी और बेहतर प्रयास करने होंगे।
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डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन शुरू न होना आया आड़े
-एक से दस लाख की आबादी के शहरों के स्वच्छता सर्वेक्षण में करनाल नगर निगम की स्थिति में बहुत अधिक सुधार नहीं हुआ। इसका मुख्य कारण नगर क्षेत्र में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का शुरू नहीं हो पाना माना जा सकता है। इसके लिए प्रयास तो लंबे समय से चल रहे हैं लेकिन अभी तक डोर टू डोर कूड़ा एकत्रीकरण की व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी है। क्योंकि जब 2020 में करनाल को देश में 17वीं रैंक मिली थी तो उस समय डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का कार्य एजेंसियों का दिया गया था, जिसके शहर की स्वच्छता में सुधार हुआ था।