{"_id":"1b9296331cfe23c369ad61e2a9bac0c8","slug":"karnal-news-hindi-news-35","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएम के आदेश हवा हवाई, धड़ल्ले से बिक रहा यूपी का धान ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएम के आदेश हवा हवाई, धड़ल्ले से बिक रहा यूपी का धान
ब्यूरो/अमर उजाला करनाल
Updated Mon, 19 Oct 2015 12:14 AM IST
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अनाजमंडी में यूपी से आने वाले धान की खरीद पर रोक लगाने के आदेश जारी किए,
लेकिन सभी को अनसुना कर दिया गया है। बहरहाल मंडी में यूपी का धान धड़ल्ले
से जिले के किसानों को रोजाना लाखों रुपये की चपत लगाए जाने का गोरखधंधा
जोरों से चल रहा है। शनिवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मंडी के
निरीक्षण के दौरान मौजूद मार्केट कमेटी के अधिकारी ईश्वर सिंह राणा व तमाम
प्रशासनिक अधिकारियों को यूपी से आने वाले धान की खरीद पर रोक लगाने के
निर्देश देते हुए अधिकारियों को ऐसा करने के लिए झाड़ भी लगाई थी। साथ ही
विशेष हिदायतें जारी की थी, लेकिन रविवार को भी ऐसा नहीं हुआ और यूपी से
ट्रकों के जरिये आने वाले धान की धड़ल्ले से सस्ते दामों में खरीद कर सीएम
के आदेशों की धज्ज्यिां उड़ाई गईं। ऐसे में जब सीएम सिटी में ही सीएम के
आदेशों की अधिकारी परवाह नहीं करते तो दूसरे जिलों में क्या स्थिति होगी,
इसका तो आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है।
किसानों ने बयां किया दर्द
सीएम के आदेश मंडी में कितने माने जा रहे हैं इसे जानने के लिए अमर उजाला की टीम मंडी में पहुंची तो यूपी से ट्रकों में आया धान उतारा जा रहा था। इस धान को वहां से लाकर व्यापारी 1100-1200 रुपये में बेच देते हैं। ऐसे में यहां के किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा रहा है। किसान सुखबीर सिंह ने बताया कि सरकार ने पीआर व 1509 के दाम 1450 रुपये तय किए हैं, लेकिन यूपी से ट्रकों में आने वाले धान के कारण उनके धान को भी सस्ते दामों में खरीदा जा रहा है। इसी कारण हर किसान को 10-15 हजार रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसान बलदेव ने कहा कि मुख्यमंत्री एक ओर तो मंडी में पहुंचकर कहते हैं कि यूपी से आने वाले धान की खरीद पर रोक लगाई जाए, दूसरी ओर मंडी में सरेआम यूपी का धान आ रहा है और बेचा जा रहा है। बलदेव ने बताया कि यूपी से आने वाले धान के कारण उन्हें भी सस्ते दामों में अपने धान को बेचना पड़ रहा है। यही बात परमिंद्र सिंह, राम सिंह, परमवीर व अन्य किसानों ने कही। किसानों का कहना था कि जब सीएम के आदेश ही नहीं चलते तो उनकी कौन सुनता होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
यूपी में सस्ता और हरियाणा में महंगा धान
दरअसल यूपी में किसानों के धान की कीमत 800-900 रुपये लगाई जा रही है। प्रदेश सरकार ने धान का रेट 1450 रुपये तक किया है। इस तरह जिले के किसानों को वहां से करीब 550-650 रुपये अधिक प्रति क्विंटल मिलते हैं। इस बात का फायदा उठाकर यूपी के व्यापारी वहां से सस्ते दामों में धान को खरीदते हैं और उसे यहां लाकर 1200-1250 रुपये तक बेच जाते हैं। तेल का खर्च निकालकर भी उन्हें प्रति क्विंटल 400 रुपये तक का मुनाफा हो रहा है। ट्रकों में कम से कम 600-700 क्विंटल जीरी आ जाती है। एक साथ मंडी में इतनी आवक आने से मंडी में अधिक धान होने से व्यापारी मनचाहे रेट में यहां के किसानों की धान की खरीद करते हैं। मजबूरी में किसानों को वह भी उतने ही रेट में देनी पड़ती है। ध्यान रहे कि एक एकड़ में औसतन करीब 32 क्विंटल धान निकलती है। इस तरह जिले के किसानों को प्रति क्विंटल 250 रुपये तक का चूना लगाकर अधिकारी प्रति एकड़ 8 हजार तक का मुनाफा कमा रहे हैं।
रोक न लगाई तो भाकियू करेगी प्रदर्शन
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने कहा कि यदि यूपी के आने वाले धान की खरीद पर रोक नहीं लगाई गई तो भारतीय किसान यूनियन सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने को विवश हो जाएगी। अब हम किसी भी हाल में सस्ते दामों पर अपने खून-पसीने की मेहनत को नहीं बिकने देंगे। सब कुछ अधिकारियों और व्यापारियों की मिलीभगत का परिणाम है। पहले ही किसान खून के आंसू रो रहा था अब रही सही कसर यूपी से आने वाले धान की खरीद ने पूरी कर दी है।
सेक्टर-4 पुलिस को यूपी से धान लेकर आने वाले ट्रकों पर कार्रवाई के आदेश दे दिए गए हैं। 3 ट्रक पुलिस ने पकड़ भी लिए हैं। सुबह तक पुलिस नहीं पहुंचने के कारण कुछ दिक्कतें हुईं। इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। अब मंडी में यूपी की धान को नहीं बिकने दिया जाएगा।
- ईश्वर सिंह राणा, मार्केट कमेटी सचिव, करनाल।
आदेशों की पालना करते हुए मैंने मंडी के दोनों गेटों पर अपने स्टाफ को तैनात कर दिया है। मुख्य गेट पर हमारी पीसीआर खड़ी है। खुद मैं भी मौके पर ही हूं। गेट नंबर दो पर हमारे राइडर हैं। हम मंडी सचिव व अन्य स्टाफ की हेल्प के लिए हैं। जब ट्रक तुलाई के बाद उसे आगे जाने के आदेश दिए जाते हैं हम तभी गाड़ी को आगे जाने दे रहे हैं। जिस भी गाड़ी को यह बोलेंगे उसे रोक कर कार्रवाई की जाएगी। आज केवल एक गाड़ी रोकी गई थी, उसे भी बाद में इन लोगों ने आगे जाने दिया। चूंकि वह गाड़ी जुंडला की मिली थी। इसके अतिरिक्त दोपहर साढ़े 3 बजे तक तो कोई और गाड़ी रोकी नहीं जा सकी है।
- सतप्रकाश, सब इंस्पेक्टर, सेक्टर 4 पुलिस चौकी, करनाल।
यूपी का धान जिले की मंडियों में बिक रहा है। यदि राइस मिलर यूपी से धान लेकर आता है तो वह मिल में लेकर जाए। मंडी में लाकर बेचना गलत है। इससे किसान परेशान हैं। किसानों ने इस पर आपत्ति जताई है और उच्चाधिकारियों को स्थिति से स्पष्ट कर दिया है। यूपी के धान से ही खरीद प्रभावित हो रही है। व्यापारी यूपी से सस्ता धान लाकर यहां पर महंगे भाव बेचकर मुनाफा कमा रहे हैं। इस पर सख्ताई से रोक लगनी चाहिए।
निशांत राठी, डीएफएससी, करनाल।
किसानों ने बयां किया दर्द
सीएम के आदेश मंडी में कितने माने जा रहे हैं इसे जानने के लिए अमर उजाला की टीम मंडी में पहुंची तो यूपी से ट्रकों में आया धान उतारा जा रहा था। इस धान को वहां से लाकर व्यापारी 1100-1200 रुपये में बेच देते हैं। ऐसे में यहां के किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा रहा है। किसान सुखबीर सिंह ने बताया कि सरकार ने पीआर व 1509 के दाम 1450 रुपये तय किए हैं, लेकिन यूपी से ट्रकों में आने वाले धान के कारण उनके धान को भी सस्ते दामों में खरीदा जा रहा है। इसी कारण हर किसान को 10-15 हजार रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसान बलदेव ने कहा कि मुख्यमंत्री एक ओर तो मंडी में पहुंचकर कहते हैं कि यूपी से आने वाले धान की खरीद पर रोक लगाई जाए, दूसरी ओर मंडी में सरेआम यूपी का धान आ रहा है और बेचा जा रहा है। बलदेव ने बताया कि यूपी से आने वाले धान के कारण उन्हें भी सस्ते दामों में अपने धान को बेचना पड़ रहा है। यही बात परमिंद्र सिंह, राम सिंह, परमवीर व अन्य किसानों ने कही। किसानों का कहना था कि जब सीएम के आदेश ही नहीं चलते तो उनकी कौन सुनता होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
यूपी में सस्ता और हरियाणा में महंगा धान
दरअसल यूपी में किसानों के धान की कीमत 800-900 रुपये लगाई जा रही है। प्रदेश सरकार ने धान का रेट 1450 रुपये तक किया है। इस तरह जिले के किसानों को वहां से करीब 550-650 रुपये अधिक प्रति क्विंटल मिलते हैं। इस बात का फायदा उठाकर यूपी के व्यापारी वहां से सस्ते दामों में धान को खरीदते हैं और उसे यहां लाकर 1200-1250 रुपये तक बेच जाते हैं। तेल का खर्च निकालकर भी उन्हें प्रति क्विंटल 400 रुपये तक का मुनाफा हो रहा है। ट्रकों में कम से कम 600-700 क्विंटल जीरी आ जाती है। एक साथ मंडी में इतनी आवक आने से मंडी में अधिक धान होने से व्यापारी मनचाहे रेट में यहां के किसानों की धान की खरीद करते हैं। मजबूरी में किसानों को वह भी उतने ही रेट में देनी पड़ती है। ध्यान रहे कि एक एकड़ में औसतन करीब 32 क्विंटल धान निकलती है। इस तरह जिले के किसानों को प्रति क्विंटल 250 रुपये तक का चूना लगाकर अधिकारी प्रति एकड़ 8 हजार तक का मुनाफा कमा रहे हैं।
रोक न लगाई तो भाकियू करेगी प्रदर्शन
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने कहा कि यदि यूपी के आने वाले धान की खरीद पर रोक नहीं लगाई गई तो भारतीय किसान यूनियन सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने को विवश हो जाएगी। अब हम किसी भी हाल में सस्ते दामों पर अपने खून-पसीने की मेहनत को नहीं बिकने देंगे। सब कुछ अधिकारियों और व्यापारियों की मिलीभगत का परिणाम है। पहले ही किसान खून के आंसू रो रहा था अब रही सही कसर यूपी से आने वाले धान की खरीद ने पूरी कर दी है।
सेक्टर-4 पुलिस को यूपी से धान लेकर आने वाले ट्रकों पर कार्रवाई के आदेश दे दिए गए हैं। 3 ट्रक पुलिस ने पकड़ भी लिए हैं। सुबह तक पुलिस नहीं पहुंचने के कारण कुछ दिक्कतें हुईं। इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। अब मंडी में यूपी की धान को नहीं बिकने दिया जाएगा।
- ईश्वर सिंह राणा, मार्केट कमेटी सचिव, करनाल।
आदेशों की पालना करते हुए मैंने मंडी के दोनों गेटों पर अपने स्टाफ को तैनात कर दिया है। मुख्य गेट पर हमारी पीसीआर खड़ी है। खुद मैं भी मौके पर ही हूं। गेट नंबर दो पर हमारे राइडर हैं। हम मंडी सचिव व अन्य स्टाफ की हेल्प के लिए हैं। जब ट्रक तुलाई के बाद उसे आगे जाने के आदेश दिए जाते हैं हम तभी गाड़ी को आगे जाने दे रहे हैं। जिस भी गाड़ी को यह बोलेंगे उसे रोक कर कार्रवाई की जाएगी। आज केवल एक गाड़ी रोकी गई थी, उसे भी बाद में इन लोगों ने आगे जाने दिया। चूंकि वह गाड़ी जुंडला की मिली थी। इसके अतिरिक्त दोपहर साढ़े 3 बजे तक तो कोई और गाड़ी रोकी नहीं जा सकी है।
- सतप्रकाश, सब इंस्पेक्टर, सेक्टर 4 पुलिस चौकी, करनाल।
यूपी का धान जिले की मंडियों में बिक रहा है। यदि राइस मिलर यूपी से धान लेकर आता है तो वह मिल में लेकर जाए। मंडी में लाकर बेचना गलत है। इससे किसान परेशान हैं। किसानों ने इस पर आपत्ति जताई है और उच्चाधिकारियों को स्थिति से स्पष्ट कर दिया है। यूपी के धान से ही खरीद प्रभावित हो रही है। व्यापारी यूपी से सस्ता धान लाकर यहां पर महंगे भाव बेचकर मुनाफा कमा रहे हैं। इस पर सख्ताई से रोक लगनी चाहिए।
निशांत राठी, डीएफएससी, करनाल।