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Karnal News: कर्ण नगरी के विद्यार्थियों ने की पांच प्रारंभिक क्षुद्रग्रहों की खोज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 25 Aug 2023 02:45 AM IST
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Karna Nagri students discovered five early asteroids
कर्ण नगरी के विद्यार्थियों ने की पांच प्रारंभिक क्षुद्रग्रहों की खोज
- दयाल सिंह स्कूल के 44 विद्यार्थियों ने लिया ऑनलाइन आईएएससी और नासा की गतिविधि में हिस्सा
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- पांच विद्यार्थियों ने की क्षुद्रग्रहों की पहचान, प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित

माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। कर्ण नगरी के विद्यार्थियों ने पांच प्रारंभिक क्षुद्रग्रह (खगोलीय पिंड) की खोज की है। यह खोज उन्होंने अंतरराष्ट्रीय खगोलीय खोज सहयोग (आईएएससी) और नासा की ओर से हुई संयुक्त गतिविधि में ऑनलाइन हिस्सा लेते हुए की है। जिसे आईएएससी की ओर से स्वीकृति भी प्रदान कर दी गई है। इस उपलब्धि से दयाल सिंह पब्लिक स्कूल में खुशी का माहौल है। वीरवार को विशेष रूप से कार्यक्रम आयोजित करके इन विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

प्रिंसिपल सुषमा देवगन ने बताया कि शिक्षिका एवं यंग साइंटिस्ट 2016 पुरस्कार विजेता डॉ. कावेरी चौहान के मार्गदर्शन में स्कूल के कक्षा 10वीं के 44 विद्यार्थियों ने इस गतिविधि में हिस्सा लिया था। इस अभियान के अंतर्गत छात्रों को ब्रह्मांड में स्थिर और परिभ्रमण करने वाले ग्रहों की खोज करने के लिए एक मिशन सौंपा गया था। इसमें देश-विदेश के विभिन्न स्कूलों व कॉलेजों के विद्यार्थी और विभिन्न क्षेत्रों के वैज्ञानिकों ने हिस्सा लिया। स्कूल के 44 विद्यार्थी तीन टीमों में विभाजित थे। टीम ''आर्यभट्ट'' के अश्मित ने एक प्रारंभिक क्षुद्रग्रह (एएसएच1982) और टीम ''सीवी रमण'' की दीक्षा, आन्या, गरिमा व आकर्ष ने चार प्रारंभिक क्षुद्रग्रहों (डीआईके 6789, डीआईके 4321, एचईवाई 7890, एचबीएस0864) की खोज की है। इन पांच छात्रों द्वारा मंगल ग्रह के समीप भ्रमण कक्षा में चक्कर लगाने वाले पांच प्रारंभिक क्षुद्रग्रहों की खोज की। गतिविधि करीब 25 दिन चली।
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सम्मान समारोह में स्कूल-कॉलेज ट्रस्ट के प्रधान डीके रैना, मानद सचिव वाइस एडमिरल सतीश सोनी, प्रधान वैज्ञानिक डॉ. रेखा मलिक ने बच्चों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि विज्ञान की दुनिया में जो निरंतर खोज, परिवर्तन, आविष्कार और विकास हो रहे हैं। सब वैज्ञानिकों की मेहनत और समर्पण का नतीजा है। चंद्रयान-3 की सफलता भी इसका उदाहरण है। कार्यक्रम में ग्रुप लेवल पर एनसीसी कैडेट आकांक्षा को 2022 का बेस्ट कैडेट अवाॅर्ड भी दिया गया। इस अवसर पर दयाल सिंह पब्लिक स्कूल जगाधरी की प्रिंसिपल पारुल, पानीपत स्कूल की प्रिंसिपल विनीता, दयाल सिंह पब्लिक स्कूल सेक्टर-7 की प्रिंसिपल शालिनी नारंग और मुख्य अध्यापिका प्रिया कपूर मौजूद रहे।
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विद्यार्थियों के नाम पंजीकृत होंगे क्षुद्रग्रह
एक माह तक अमेरिका में स्थित सबसे विशाल हवाई कैला टेलिस्कोप की मदद से अंतरराष्ट्रीय खगोलीय खोज सहयोग द्वारा छात्रों को डाटा दिया गया था। इस डाटा पर उन्होंने लगभग एक माह तक विश्लेषण कर प्रारंभिक क्षुद्रग्रहों की खोज की है। प्रारंभिक क्षुद्रग्रहों की खोज के बाद अब आईएएससी इसकी कक्षा के संबंध में अनुसंधान करेगा और अनुसंधान के बाद यह छात्र अपने नाम से इन प्रारंभिक क्षुद्रग्रहों को पंजीकृत करवा पाएंगे। आईएएससी की ओर इसे इन विद्यार्थियों की खोज को स्वीकृति दी गई है। जिसकी सूचना ई-मेल से दी गई है।
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