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कर्ण नगरी को मिल सकते हैं जनसंचार, जूलॉजी, बॉटनी पीजी कोर्स
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। विद्यार्थियों को जनसंचार, जूलॉजी और बॉटनी में स्नातकोत्तर की पढ़ाई करने की सुविधा कर्ण नगरी में ही मिल सकती है। पंडित चिरंजीलाल शर्मा राजकीय पीजी कॉलेज ने इन तीनों नए कोर्स को करनाल में शुरू कराने की पहल की है। कॉलेज की ओर से कुल सात पीजी कोर्स का प्रस्ताव उच्चतर शिक्षा निदेशालय को भेजा गया है। विभाग से जल्द इनके शुरू करने की स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।
इन कोर्स के शुरू होने के बाद जिले के सैकड़ों युवाओं को फायदा होगा। अभी तक जिन तीन कोर्स में पढ़ाई करने के लिए विद्यार्थियों को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय या प्रदेश की किसी अन्य यूनिवर्सिटी में जाना पड़ता है, इससे उन्हें निजात मिलेगी। न केवल करनाल बल्कि पानीपत और कैथल के युवा भी ये कोर्स करनाल से कर सकेंगे। कॉलेज की ओर से एमए जनसंचार, एमएससी जूलॉजी और बॉटनी (वर्तमान में किसी भी कॉलेज में नहीं) के अलावा एमएससी भूगोल, कंप्यूटर साइंस, एमए हिंदी और पीजी डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन शुरू करने की अनुमति मांगी है। वर्तमान में स्नातक के अंतिम वर्ष की परीक्षाएं चल रही हैं। ऐसे में अगस्त माह के अंत या सितंबर की शुरुआत तक पीजी कोर्स के लिए दाखिला प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इससे पहले विभाग की ओर से नए कोर्स शुरू करने की सूची जारी की जाएगी। ब्यूरो
लड़कों को राजकीय कॉलेज से पढ़ाई का मिलेगा मौका
वर्तमान में राजकीय कन्या महाविद्यालय में एमए हिंदी और एमएससी भूगोल की पढ़ाई होती है। ऐसे में यहां केवल बेटियों को ही पढ़ने का मौका मिलता है। जबकि लड़कों को एडेड कॉलेजों का रुख करना पड़ता है। पीजी कॉलेज की ओर से मांगे गए चार कोर्स इन एडेड कॉलेज में भी चल रहे हैं। यदि स्वीकृति मिली तो बेटों को राजकीय कॉलेज में पढ़ने का मौका मिलेगा।
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यहां चल रहे हैं ये कोर्स-
- केवीए डीएवी कन्या महाविद्यालय में एमएससी भूगोल, एमएससी कंप्यूटर साइंस
- दयाल सिंह कॉलेज में एमए हिंदी
- गुरु नानक खालसा कॉलेज में एमएससी भूगोल, एमएससी कंप्यूटर साइंस, पीजी डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन
- डीएवी कॉलेज में एमएससी भूगोल व पीजी डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन
ये कोर्स मांगे
कोर्स सीट
एमए/एमएससी भूगोल 40
एमए हिंदी 40
एमए मास कम्यूनिकेशन 40
एमएससी कंप्यूटर साइंस 40
एमएससी जूलॉजी 20
एमएससी बॉटनी 20
पीजी डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन 40
जिन सात पीजी कोर्स को शुरू करने की अनुमति मांगी है, उनमें अलग-अलग विश्वविद्यालय एम फिल और पीएचडी भी कराते हैं। युवाओं को इनमें से तीन कोर्स जिले में कहीं भी करने का मौका नहीं मिलता। हमारी तैयारी पूरी है। डीएचई स्वीकृति दे तो सैकड़ों युवाओं को भविष्य में फायदा होगा। कम फीस में राजकीय कॉलेज से वे पढ़ाई कर सकेंगे।
- डॉ. सरिता कुमार, प्रिंसिपल राजकीय पीजी कॉलेज
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करनाल। विद्यार्थियों को जनसंचार, जूलॉजी और बॉटनी में स्नातकोत्तर की पढ़ाई करने की सुविधा कर्ण नगरी में ही मिल सकती है। पंडित चिरंजीलाल शर्मा राजकीय पीजी कॉलेज ने इन तीनों नए कोर्स को करनाल में शुरू कराने की पहल की है। कॉलेज की ओर से कुल सात पीजी कोर्स का प्रस्ताव उच्चतर शिक्षा निदेशालय को भेजा गया है। विभाग से जल्द इनके शुरू करने की स्वीकृति मिलने की उम्मीद है।
इन कोर्स के शुरू होने के बाद जिले के सैकड़ों युवाओं को फायदा होगा। अभी तक जिन तीन कोर्स में पढ़ाई करने के लिए विद्यार्थियों को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय या प्रदेश की किसी अन्य यूनिवर्सिटी में जाना पड़ता है, इससे उन्हें निजात मिलेगी। न केवल करनाल बल्कि पानीपत और कैथल के युवा भी ये कोर्स करनाल से कर सकेंगे। कॉलेज की ओर से एमए जनसंचार, एमएससी जूलॉजी और बॉटनी (वर्तमान में किसी भी कॉलेज में नहीं) के अलावा एमएससी भूगोल, कंप्यूटर साइंस, एमए हिंदी और पीजी डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन शुरू करने की अनुमति मांगी है। वर्तमान में स्नातक के अंतिम वर्ष की परीक्षाएं चल रही हैं। ऐसे में अगस्त माह के अंत या सितंबर की शुरुआत तक पीजी कोर्स के लिए दाखिला प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इससे पहले विभाग की ओर से नए कोर्स शुरू करने की सूची जारी की जाएगी। ब्यूरो
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लड़कों को राजकीय कॉलेज से पढ़ाई का मिलेगा मौका
वर्तमान में राजकीय कन्या महाविद्यालय में एमए हिंदी और एमएससी भूगोल की पढ़ाई होती है। ऐसे में यहां केवल बेटियों को ही पढ़ने का मौका मिलता है। जबकि लड़कों को एडेड कॉलेजों का रुख करना पड़ता है। पीजी कॉलेज की ओर से मांगे गए चार कोर्स इन एडेड कॉलेज में भी चल रहे हैं। यदि स्वीकृति मिली तो बेटों को राजकीय कॉलेज में पढ़ने का मौका मिलेगा।
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यहां चल रहे हैं ये कोर्स-
- केवीए डीएवी कन्या महाविद्यालय में एमएससी भूगोल, एमएससी कंप्यूटर साइंस
- दयाल सिंह कॉलेज में एमए हिंदी
- गुरु नानक खालसा कॉलेज में एमएससी भूगोल, एमएससी कंप्यूटर साइंस, पीजी डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन
- डीएवी कॉलेज में एमएससी भूगोल व पीजी डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन
ये कोर्स मांगे
कोर्स सीट
एमए/एमएससी भूगोल 40
एमए हिंदी 40
एमए मास कम्यूनिकेशन 40
एमएससी कंप्यूटर साइंस 40
एमएससी जूलॉजी 20
एमएससी बॉटनी 20
पीजी डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन 40
जिन सात पीजी कोर्स को शुरू करने की अनुमति मांगी है, उनमें अलग-अलग विश्वविद्यालय एम फिल और पीएचडी भी कराते हैं। युवाओं को इनमें से तीन कोर्स जिले में कहीं भी करने का मौका नहीं मिलता। हमारी तैयारी पूरी है। डीएचई स्वीकृति दे तो सैकड़ों युवाओं को भविष्य में फायदा होगा। कम फीस में राजकीय कॉलेज से वे पढ़ाई कर सकेंगे।
- डॉ. सरिता कुमार, प्रिंसिपल राजकीय पीजी कॉलेज