{"_id":"64386c57a17cb3ce33028a27","slug":"junk-food-increasing-kidney-diseases-in-youth-karnal-news-c-18-knl1031-89361-2023-04-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: युवाओं में किडनी की बीमारियां बढ़ा रहा जंक फूड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: युवाओं में किडनी की बीमारियां बढ़ा रहा जंक फूड
Fri, 14 Apr 2023 02:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Fri, 14 Apr 2023 02:25 AM IST
विज्ञापन
अनुज शर्मा
करनाल। जंक फूड का बढ़ता चलन किडनी के रोग बढ़ा रहा है। किडनी संबंधी बीमारियों की चपेट में सबसे अधिक युवा आ रहे हैं। यह सिविल अस्पताल की लैब में हुए टेस्ट की रिपोर्ट बता रही है। जहां पर पिछले सात माह में 20,615 लोगों ने डॉक्टरों के परामर्श पर ब्लड यूरिया का टेस्ट कराया है। जिनमें से 63 प्रतिशत यानी 12,987 लोगों की रिपोर्ट में ब्लड यूरिया बढ़ा हुआ मिला हैं। ये सभी युवा हैं। किडनी में किसी तरह की समस्या होने के बाद ही ब्लड यूरिया बढ़ता है।
कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के जनरल सर्जन प्रो. डॉ. निवेश अग्रवाल ने बताया कि शरीर को सुचारू रूप से चलाने के लिए किडनी का बड़ा योगदान है। आज की बदलती जीवनशैली और जंक फूड के अत्यधिक इस्तेमाल से पहले की अपेक्षा ज्यादा लोगों में किडनी की समस्याएं पनपने लगी हैं। ऐसे में समस्याएं शुरू होने से पहले ही पहचान कर ली जाए तो किडनी में आई खराबी का इलाज आसान हो जाता है। इसके कम पेशाब आना, पैरों व शरीर के कई हिस्सों में सूजन, थकान, एसिड लोड का बढ़ना, फेफड़े में पानी भरना व सांस फूलना इत्यादि शुरुआती लक्षण हैं। अगर किसी को भी ये लक्षण नजर आएं तो उन्हें तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए। ताकि समय रहते बीमारी का इलाज किया जा सके।
कई अंगों का संचालन करती है किडनी
तकनीकी अधिकारी गौरव छाबड़ा ने बताया कि आमतौर पर किडनी का संबंध केवल पानी की कमी और उसे पूरे होने तक ही सीमित रखा जाता है, लेकिन इसके साथ किडनी का काम शरीर में द्रव्य की मात्रा को संतुलित करना और इलेक्ट्रोलाइट्स को बनाए रखने का भी होता है, जिसकी अन्य अंगों के संचालन में अहम भूमिका होती है। यदि इसकी कमी हो जाए तो व्यक्ति को गंभीर बीमारी हो सकती है।
विज्ञापन
नियमित व्यायाम लाभदायक
लैब इंचार्ज डॉ. श्वेता ने बताया कि शरीर के सभी अंगों का संचालन सुचारू रूप से हो, इसके लिए व्यायाम करना अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। वहीं, धूम्रपान से दूरी जरूरी है, क्योंकि इससे न केवल फेफड़े बल्कि किडनी रोग को भी बढ़ावा मिलता है।
लैब में हुए ब्लड यूरिया के टेस्ट
माह ब्लड यूरिया
सितंबर 1859
अक्तूबर 1303
नवंबर 2078
दिसंबर 5332
जनवरी 4006
फरवरी 3018
मार्च 3019
कुल 20615
(यह डाटा सिविल अस्पताल की लैब से लिया गया है )
- सिविल अस्पताल में अत्याधुनिक लैब है। जहां पर पांच रुपये की ओपीडी की स्लिप पर डॉक्टर के परामर्श से ब्लड यूरिया का टेस्ट निशुल्क किया जा रहा है। हर माह लगभग एक से पांच हजार तक टेस्ट किए जा चुके हैं।
- डॉ. रेणू चावला, पीएमओ, सिविल अस्पताल
विज्ञापन
करनाल। जंक फूड का बढ़ता चलन किडनी के रोग बढ़ा रहा है। किडनी संबंधी बीमारियों की चपेट में सबसे अधिक युवा आ रहे हैं। यह सिविल अस्पताल की लैब में हुए टेस्ट की रिपोर्ट बता रही है। जहां पर पिछले सात माह में 20,615 लोगों ने डॉक्टरों के परामर्श पर ब्लड यूरिया का टेस्ट कराया है। जिनमें से 63 प्रतिशत यानी 12,987 लोगों की रिपोर्ट में ब्लड यूरिया बढ़ा हुआ मिला हैं। ये सभी युवा हैं। किडनी में किसी तरह की समस्या होने के बाद ही ब्लड यूरिया बढ़ता है।
कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के जनरल सर्जन प्रो. डॉ. निवेश अग्रवाल ने बताया कि शरीर को सुचारू रूप से चलाने के लिए किडनी का बड़ा योगदान है। आज की बदलती जीवनशैली और जंक फूड के अत्यधिक इस्तेमाल से पहले की अपेक्षा ज्यादा लोगों में किडनी की समस्याएं पनपने लगी हैं। ऐसे में समस्याएं शुरू होने से पहले ही पहचान कर ली जाए तो किडनी में आई खराबी का इलाज आसान हो जाता है। इसके कम पेशाब आना, पैरों व शरीर के कई हिस्सों में सूजन, थकान, एसिड लोड का बढ़ना, फेफड़े में पानी भरना व सांस फूलना इत्यादि शुरुआती लक्षण हैं। अगर किसी को भी ये लक्षण नजर आएं तो उन्हें तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए। ताकि समय रहते बीमारी का इलाज किया जा सके।
विज्ञापन
कई अंगों का संचालन करती है किडनी
तकनीकी अधिकारी गौरव छाबड़ा ने बताया कि आमतौर पर किडनी का संबंध केवल पानी की कमी और उसे पूरे होने तक ही सीमित रखा जाता है, लेकिन इसके साथ किडनी का काम शरीर में द्रव्य की मात्रा को संतुलित करना और इलेक्ट्रोलाइट्स को बनाए रखने का भी होता है, जिसकी अन्य अंगों के संचालन में अहम भूमिका होती है। यदि इसकी कमी हो जाए तो व्यक्ति को गंभीर बीमारी हो सकती है।
विज्ञापन
नियमित व्यायाम लाभदायक
लैब इंचार्ज डॉ. श्वेता ने बताया कि शरीर के सभी अंगों का संचालन सुचारू रूप से हो, इसके लिए व्यायाम करना अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। वहीं, धूम्रपान से दूरी जरूरी है, क्योंकि इससे न केवल फेफड़े बल्कि किडनी रोग को भी बढ़ावा मिलता है।
लैब में हुए ब्लड यूरिया के टेस्ट
माह ब्लड यूरिया
सितंबर 1859
अक्तूबर 1303
नवंबर 2078
दिसंबर 5332
जनवरी 4006
फरवरी 3018
मार्च 3019
कुल 20615
(यह डाटा सिविल अस्पताल की लैब से लिया गया है )
- सिविल अस्पताल में अत्याधुनिक लैब है। जहां पर पांच रुपये की ओपीडी की स्लिप पर डॉक्टर के परामर्श से ब्लड यूरिया का टेस्ट निशुल्क किया जा रहा है। हर माह लगभग एक से पांच हजार तक टेस्ट किए जा चुके हैं।
- डॉ. रेणू चावला, पीएमओ, सिविल अस्पताल