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Karnal News: अवैध निर्माण पर चलाई जेसीबी, मकान ध्वस्त
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- नगर निगम की जमीन पर बिल्डर ने कर दी प्लाॅटिंग, लोगों ने भवन निर्माण भी कर लिया
- कार्रवाई के दौरान प्लॉट स्वामियों ने दिखाई रजिस्ट्री, कोर्ट के आदेश पर की गई कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। बिना ये देखे कि भूमि किसकी है, बिल्डरों ने भूमि पर प्लॉट काट दिए। लोगों ने उस प्लॉट पर भवनों का निर्माण कर रहना शुरू कर दिया। मामला न्यायालय में भी कई सालों तक अटका रहा लेकिन अब कोर्ट के आदेश पर नगर निगम ने अपनी भूमि को खाली कराना शुरू दिया है।
सोमवार को बुढाखेड़ा स्थित दनियालपुर ड्रेन व प्रतीमपुरा कॉलोनी क्षेत्र में कई भवनों को जेसीबी की सहायता से तोड़ दिया। दिनभर में करीब एक एकड़ छह कनाल भूमि को खाली कराया गया है। भवन व प्लॉट स्वामियों ने मौके पर पहुंचकर अपने नाम प्लॉटों, भवनों की रजिस्ट्री भी दिखाई लेकिन भारी पुलिस बल के कारण उतना विरोध नहीं कर सके और निगम ने अपनी भूमि खाली करा ली।
नगर निगम के संयुक्त आयुक्त देवेंद्र शर्मा ने बताया कि बुढाखेड़ा स्थित दनियालपुर ड्रेन व प्रतीमपुरा कॉलोनी क्षेत्र में कुछ नागरिकों की ओर से नगर निगम की भूमि पर कब्जे कर अवैध रूप से निर्माण कर लिए थे। करीब 20 लोगों को निगम की ओर से कब्जा खाली करने के दो-दो नोटिस भी जारी किए गए थे। मामला न्यायालय में भी चला। अतिरिक्त उच्च न्यायालय की ओर से भी निगम की भूमि को खाली करवाने के आदेश हुए थे। नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 408-ए के तहत नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए करीब एक एकड़ 6 कनाल भूमि को कब्जा मुक्त करवाया गया है, जबकि यहां नगर निगम की कुल साढ़े तीन एकड़ जमीन है।
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संयुक्त आयुक्त ने बताया कि जब नोटिस जारी करने के बावजूद भी उक्त कब्जाधारियों की ओर से कब्जे खाली नहीं किए तो नगर निगम ने सोमवार को जेसीबी की मदद से एक नवनिर्मित दुकान, मकानों की नींव, चहारदीवारी, रैंप, शेड व बाड़े आदि को गिराया गया। कार्रवाई में नगर निगम की कार्यकारी अभियंता मोनिका शर्मा को ड्यूटी मजिस्ट्रेट व निगम की भूमि शाखा से नायब तहसीलदार राम कुमार व कानूनगो सुरेश कुमार के अतिरिक्त भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
कार्रवाई के दौरान कुछ मकानों में लोगों की रिहायश थी। उनके द्वारा लिखित रूप में दिया गया कि उन्हें अपनी तसल्ली करने के लिए निशानदेही करवानी है। इसके लिए लोगों ने 15 दिनों का समय मांगा है। इसके बावजूद भी लोग यदि निगम की भूमि से कब्जा नहीं हटाएंगे, तो नगर निगम कार्रवाई कर अपनी भूमि को कब्जा मुक्त करवाएगा। निगम की भूमि पर अवैध कब्जा या निर्माण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निगम की निगरानी टीमें ऐसे निर्माण को रोकने के लिए निरंतर शहर का दौरा करती हैं। जो भी अवैध निर्माण दिखाई देता है, उस पर कार्रवाई की जाएगी।
- देवेंद्र शर्मा, संयुक्त आयुक्त, नगरनिगम करनाल
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- कार्रवाई के दौरान प्लॉट स्वामियों ने दिखाई रजिस्ट्री, कोर्ट के आदेश पर की गई कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। बिना ये देखे कि भूमि किसकी है, बिल्डरों ने भूमि पर प्लॉट काट दिए। लोगों ने उस प्लॉट पर भवनों का निर्माण कर रहना शुरू कर दिया। मामला न्यायालय में भी कई सालों तक अटका रहा लेकिन अब कोर्ट के आदेश पर नगर निगम ने अपनी भूमि को खाली कराना शुरू दिया है।
सोमवार को बुढाखेड़ा स्थित दनियालपुर ड्रेन व प्रतीमपुरा कॉलोनी क्षेत्र में कई भवनों को जेसीबी की सहायता से तोड़ दिया। दिनभर में करीब एक एकड़ छह कनाल भूमि को खाली कराया गया है। भवन व प्लॉट स्वामियों ने मौके पर पहुंचकर अपने नाम प्लॉटों, भवनों की रजिस्ट्री भी दिखाई लेकिन भारी पुलिस बल के कारण उतना विरोध नहीं कर सके और निगम ने अपनी भूमि खाली करा ली।
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नगर निगम के संयुक्त आयुक्त देवेंद्र शर्मा ने बताया कि बुढाखेड़ा स्थित दनियालपुर ड्रेन व प्रतीमपुरा कॉलोनी क्षेत्र में कुछ नागरिकों की ओर से नगर निगम की भूमि पर कब्जे कर अवैध रूप से निर्माण कर लिए थे। करीब 20 लोगों को निगम की ओर से कब्जा खाली करने के दो-दो नोटिस भी जारी किए गए थे। मामला न्यायालय में भी चला। अतिरिक्त उच्च न्यायालय की ओर से भी निगम की भूमि को खाली करवाने के आदेश हुए थे। नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 408-ए के तहत नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए करीब एक एकड़ 6 कनाल भूमि को कब्जा मुक्त करवाया गया है, जबकि यहां नगर निगम की कुल साढ़े तीन एकड़ जमीन है।
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संयुक्त आयुक्त ने बताया कि जब नोटिस जारी करने के बावजूद भी उक्त कब्जाधारियों की ओर से कब्जे खाली नहीं किए तो नगर निगम ने सोमवार को जेसीबी की मदद से एक नवनिर्मित दुकान, मकानों की नींव, चहारदीवारी, रैंप, शेड व बाड़े आदि को गिराया गया। कार्रवाई में नगर निगम की कार्यकारी अभियंता मोनिका शर्मा को ड्यूटी मजिस्ट्रेट व निगम की भूमि शाखा से नायब तहसीलदार राम कुमार व कानूनगो सुरेश कुमार के अतिरिक्त भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
कार्रवाई के दौरान कुछ मकानों में लोगों की रिहायश थी। उनके द्वारा लिखित रूप में दिया गया कि उन्हें अपनी तसल्ली करने के लिए निशानदेही करवानी है। इसके लिए लोगों ने 15 दिनों का समय मांगा है। इसके बावजूद भी लोग यदि निगम की भूमि से कब्जा नहीं हटाएंगे, तो नगर निगम कार्रवाई कर अपनी भूमि को कब्जा मुक्त करवाएगा। निगम की भूमि पर अवैध कब्जा या निर्माण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निगम की निगरानी टीमें ऐसे निर्माण को रोकने के लिए निरंतर शहर का दौरा करती हैं। जो भी अवैध निर्माण दिखाई देता है, उस पर कार्रवाई की जाएगी।
- देवेंद्र शर्मा, संयुक्त आयुक्त, नगरनिगम करनाल