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Karnal News: गजानन को सजाने-संवारने में जुटे जयपुर और मारवाड़ी मूर्तिकार
Fri, 22 Aug 2025 03:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Fri, 22 Aug 2025 03:05 AM IST
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151....श्री गणेश की प्रतिमा का श्रृंगार करती महिला। संवाद
- इस बार डमरू के आकार के गणेश जी की मूर्तियों की ज्यादा मांग, 50 से 10 हजार रुपये तक कीमत
मानसी मौर्य
करनाल। गणेश चतुर्थी का पर्व निकट आते ही मूर्तियां सजने लगी हैं। मूर्तिकार इन मूर्तियों को आकार देने में लगे हुए हैं। जयपुर व मारवाड़ी मूर्तिकार करनाल पहुंचकर मूर्तियां तैयार कर रहे हैं। इस बार गणेश चतुर्थी 27 अगस्त को मनाई जाएगी।
मूर्तिकारों का कहना है कि सबसे अधिक डमरू आकार के गणेश जी की मांग है। इसके अलावा लाल बादशाह, डमरू, राजगद्दी, दो हाथी की सवारी, मोर पे सवारी, शिवलिंग, सिंहासन, गणेश मंदिर, बाल गणेश, मूसक की सवारी, रथ पे सवारी, लाल बाग, पगड़ी वाले गणेश जी भी तैयार किए जा रहे हैं।
राजस्थान से आए मूर्तिकार राजू भाटिया ने बताया कि उनके परिवार में पीढ़ी दर पीढ़ी मूर्ति बनाने का काम चला आ रहा है। उन्हें मूर्ति बनाते हुए 35 वर्ष हो चुके हैं, पूरा परिवार केवल मूर्ति बनाने का काम करता है। उन्होंने बताया कि गणेश चतुर्थी के आने से पांच महीने पहले मूर्तियों को तैयार करना शुरू कर देते हैं। कच्चा समान चाक मिट्टी और रंगों को हैदराबाद से लाया जाता है। उन्होंने बताया कि एक से डेढ़ लाख रुपये मूर्तियों को तैयार करने में लगाया जाता है जिसके बाद पर्व पर लगभग दो लाख तक की आमदनी हो जाती है। राजू ने बताया कि मूर्तियों को अंतिम रूप देने के बाद कोलकाता से कपड़े पहनाने के लिए मुर्तिकार को बुलाया जाता है जो मूर्ति को सजाता है।
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जयपुर से आए मारवाड़ी मूर्तिकार ओमप्रकाश ने बताया उन्हें मूर्ति बनाते हुए 25 साल हो चुके हैं। मूर्ति बनाने के लिए चार माह पहले तैयारियां शुरू कर दी जाती हैं जिसमें छोटी मूर्ति से लेकर बड़ी से बड़ी मूर्तियां तैयार की जाती हैं। अब तक लगभग 15 मूर्तियों का ऑर्डर आ चुका है। जयपुर से आईं महिला मूर्तिकार मिश्री ने बताया कि वह 30 साल से मूर्तियों को बनाने का कार्य करती आ रही हैं। परिवार में बेटी-बहू भी आत्मनिर्भर होने के लिए बाहर जाकर काम नहीं करती बल्कि मूर्ति बनाने की कला को ही रोजगार का साधन बना लेती हैं। उन्होंने बताया कि वह पति के साथ मिलकर मूर्ति तैयार करने का काम करती हैं।
-
गणेश जी की मूर्तियों के रेट
आधा फूट : 150 रुपये
एक फुट- 200
डेढ़ फुट- 300
दो फुट- 600
ढाई फुट- 1500
तीन फुट- 2500
चार फुट-3000
पांच फुट- 3500
छह फुट- 6000
सात फुट- 7000
आठ फुट- 10,000
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मानसी मौर्य
करनाल। गणेश चतुर्थी का पर्व निकट आते ही मूर्तियां सजने लगी हैं। मूर्तिकार इन मूर्तियों को आकार देने में लगे हुए हैं। जयपुर व मारवाड़ी मूर्तिकार करनाल पहुंचकर मूर्तियां तैयार कर रहे हैं। इस बार गणेश चतुर्थी 27 अगस्त को मनाई जाएगी।
मूर्तिकारों का कहना है कि सबसे अधिक डमरू आकार के गणेश जी की मांग है। इसके अलावा लाल बादशाह, डमरू, राजगद्दी, दो हाथी की सवारी, मोर पे सवारी, शिवलिंग, सिंहासन, गणेश मंदिर, बाल गणेश, मूसक की सवारी, रथ पे सवारी, लाल बाग, पगड़ी वाले गणेश जी भी तैयार किए जा रहे हैं।
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राजस्थान से आए मूर्तिकार राजू भाटिया ने बताया कि उनके परिवार में पीढ़ी दर पीढ़ी मूर्ति बनाने का काम चला आ रहा है। उन्हें मूर्ति बनाते हुए 35 वर्ष हो चुके हैं, पूरा परिवार केवल मूर्ति बनाने का काम करता है। उन्होंने बताया कि गणेश चतुर्थी के आने से पांच महीने पहले मूर्तियों को तैयार करना शुरू कर देते हैं। कच्चा समान चाक मिट्टी और रंगों को हैदराबाद से लाया जाता है। उन्होंने बताया कि एक से डेढ़ लाख रुपये मूर्तियों को तैयार करने में लगाया जाता है जिसके बाद पर्व पर लगभग दो लाख तक की आमदनी हो जाती है। राजू ने बताया कि मूर्तियों को अंतिम रूप देने के बाद कोलकाता से कपड़े पहनाने के लिए मुर्तिकार को बुलाया जाता है जो मूर्ति को सजाता है।
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जयपुर से आए मारवाड़ी मूर्तिकार ओमप्रकाश ने बताया उन्हें मूर्ति बनाते हुए 25 साल हो चुके हैं। मूर्ति बनाने के लिए चार माह पहले तैयारियां शुरू कर दी जाती हैं जिसमें छोटी मूर्ति से लेकर बड़ी से बड़ी मूर्तियां तैयार की जाती हैं। अब तक लगभग 15 मूर्तियों का ऑर्डर आ चुका है। जयपुर से आईं महिला मूर्तिकार मिश्री ने बताया कि वह 30 साल से मूर्तियों को बनाने का कार्य करती आ रही हैं। परिवार में बेटी-बहू भी आत्मनिर्भर होने के लिए बाहर जाकर काम नहीं करती बल्कि मूर्ति बनाने की कला को ही रोजगार का साधन बना लेती हैं। उन्होंने बताया कि वह पति के साथ मिलकर मूर्ति तैयार करने का काम करती हैं।
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गणेश जी की मूर्तियों के रेट
आधा फूट : 150 रुपये
एक फुट- 200
डेढ़ फुट- 300
दो फुट- 600
ढाई फुट- 1500
तीन फुट- 2500
चार फुट-3000
पांच फुट- 3500
छह फुट- 6000
सात फुट- 7000
आठ फुट- 10,000

151....श्री गणेश की प्रतिमा का श्रृंगार करती महिला। संवाद

151....श्री गणेश की प्रतिमा का श्रृंगार करती महिला। संवाद

151....श्री गणेश की प्रतिमा का श्रृंगार करती महिला। संवाद

151....श्री गणेश की प्रतिमा का श्रृंगार करती महिला। संवाद

151....श्री गणेश की प्रतिमा का श्रृंगार करती महिला। संवाद

151....श्री गणेश की प्रतिमा का श्रृंगार करती महिला। संवाद

151....श्री गणेश की प्रतिमा का श्रृंगार करती महिला। संवाद