{"_id":"66a6f0a98c78c9c81606dadb","slug":"it-is-possible-to-attain-god-by-doing-kirtan-in-saavan-shastri-karnal-news-c-18-knl1008-440687-2024-07-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"सावन में कीर्तन करने से भगवान की प्राप्ति संभव : शास्त्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सावन में कीर्तन करने से भगवान की प्राप्ति संभव : शास्त्री
विज्ञापन
- सेक्टर-14 दक्षिण पंचमुखी हनुमान मंदिर में चल रही शिव पुराण कथा
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। सेक्टर-14 दक्षिण पंचमुखी हनुमान मंदिर में श्रावण माह में चल रही शिव पुराण कथा के छठे दिन पंडित अजीत शास्त्री ने कहा कि सूत जी महाराज ने शौनक आदि ऋषियों को तीन महासागर की कथा सुनाई। जिसमें बताया गया कि सावन में कीर्तन और मनन करने से भगवान की प्राप्ति होती है।
उन्होंने कहा कि भगवान शिव की स्तुति करने से मुक्ति की प्राप्ति होती है। यदि कोई मनुष्य अपने जीवन से मुक्ति पाना चाहता है तो भगवान शिव का श्रवण करे। दूसरा कीर्तन करने से भगवान का नाम लेने से मनुष्य भगवान के समीप होता है। तीसरा मनन करने से मनुष्य मृत्यु के बाद सीधा भगवान के पास जा सकता है। यहां तीन माह सागर कैलाश मानसरोवर के समान हैं, जिस प्रकार कैलाश मानसरोवर पर चढ़ना है, उसी प्रकार इन तीन माह सागर का ध्यान लगाना बहुत कठिन है और कोई मनुष्य इन महासागरों में से किसी एक सागर का ध्यान लगा लेते हैं उसे भगवान शिव की प्राप्ति हो जाती है। श्रावण माह भगवान शिव का अति प्रिय है और इन तीन महासागर में से किसी एक में इस माह में डुबकी लगा लेते हैं तो सारे पाप धुल जाते हैं।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। सेक्टर-14 दक्षिण पंचमुखी हनुमान मंदिर में श्रावण माह में चल रही शिव पुराण कथा के छठे दिन पंडित अजीत शास्त्री ने कहा कि सूत जी महाराज ने शौनक आदि ऋषियों को तीन महासागर की कथा सुनाई। जिसमें बताया गया कि सावन में कीर्तन और मनन करने से भगवान की प्राप्ति होती है।
उन्होंने कहा कि भगवान शिव की स्तुति करने से मुक्ति की प्राप्ति होती है। यदि कोई मनुष्य अपने जीवन से मुक्ति पाना चाहता है तो भगवान शिव का श्रवण करे। दूसरा कीर्तन करने से भगवान का नाम लेने से मनुष्य भगवान के समीप होता है। तीसरा मनन करने से मनुष्य मृत्यु के बाद सीधा भगवान के पास जा सकता है। यहां तीन माह सागर कैलाश मानसरोवर के समान हैं, जिस प्रकार कैलाश मानसरोवर पर चढ़ना है, उसी प्रकार इन तीन माह सागर का ध्यान लगाना बहुत कठिन है और कोई मनुष्य इन महासागरों में से किसी एक सागर का ध्यान लगा लेते हैं उसे भगवान शिव की प्राप्ति हो जाती है। श्रावण माह भगवान शिव का अति प्रिय है और इन तीन महासागर में से किसी एक में इस माह में डुबकी लगा लेते हैं तो सारे पाप धुल जाते हैं।
विज्ञापन