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Karnal News: टारगेट पूरा करने के लिए फर्जी आईडी पर सिम किए जारी, दो गिरफ्तार
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- इस मामले में पहले भी एक आरोपी को किया जा चुका गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिला पुलिस की सीआईए वन की टीम ने टारगेट पूरा करने के लिए फर्जी आईडी पर सिम जारी करने के मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। टीम ने पांच मई को आरोपी सुनील व बबलू निवासी गांव पबाना हसनपुर को गिरफ्तार किया। इससे पहले एक सितंबर 2022 को आरोपी प्रवेश कुमार निवासी गांव जनेसरो को गिरफ्तार कर 57 वोडाफोन सिम बरामद किए थे।
सीआईए वन के उप-निरीक्षक जयपाल ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ के आधार पर जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी विभिन्न जगहों पर स्टॉल लगाकर वोडाफोन आइडिया कंपनी के सिम बेचने का काम करते थे। सिम बेचने के लिए कंपनी की ओर से आरोपियों को प्रति सिम एक निश्चित कमीशन दिया जाता था और एक टारगेट भी दिया जाता था। कंपनी का टारगेट पूरा करने व जल्द पैसे कमाकर अमीर बनने के चक्कर में फर्जी आईडी पर सिम जारी करते थे। आरोपी एक व्यक्ति की आईडी पर अलग-अलग लोगों के फोटो लगाकर कई सिम जारी कर देते थे और उनसे मन मर्जी के मुताबिक रुपये ले लेते थे।
आरोपियों ने वर्ष 2019, 2020 व 2021 के दौरान फर्जी आईडी पर काफी सिम जारी किए थे। इस वारदात के संबंध में वोडाफोन आइडिया के नोडल अधिकारी के बयान पर आरोपियों के खिलाफ लोगों की आईडी पर अन्य लोगों की फोटो लगाकर काफी सिम जारी करने के अपराध में थाना इंद्री में 23 जून 2022 को मामला दर्ज किया गया था। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया गया है।
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करनाल। जिला पुलिस की सीआईए वन की टीम ने टारगेट पूरा करने के लिए फर्जी आईडी पर सिम जारी करने के मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। टीम ने पांच मई को आरोपी सुनील व बबलू निवासी गांव पबाना हसनपुर को गिरफ्तार किया। इससे पहले एक सितंबर 2022 को आरोपी प्रवेश कुमार निवासी गांव जनेसरो को गिरफ्तार कर 57 वोडाफोन सिम बरामद किए थे।
सीआईए वन के उप-निरीक्षक जयपाल ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ के आधार पर जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी विभिन्न जगहों पर स्टॉल लगाकर वोडाफोन आइडिया कंपनी के सिम बेचने का काम करते थे। सिम बेचने के लिए कंपनी की ओर से आरोपियों को प्रति सिम एक निश्चित कमीशन दिया जाता था और एक टारगेट भी दिया जाता था। कंपनी का टारगेट पूरा करने व जल्द पैसे कमाकर अमीर बनने के चक्कर में फर्जी आईडी पर सिम जारी करते थे। आरोपी एक व्यक्ति की आईडी पर अलग-अलग लोगों के फोटो लगाकर कई सिम जारी कर देते थे और उनसे मन मर्जी के मुताबिक रुपये ले लेते थे।
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आरोपियों ने वर्ष 2019, 2020 व 2021 के दौरान फर्जी आईडी पर काफी सिम जारी किए थे। इस वारदात के संबंध में वोडाफोन आइडिया के नोडल अधिकारी के बयान पर आरोपियों के खिलाफ लोगों की आईडी पर अन्य लोगों की फोटो लगाकर काफी सिम जारी करने के अपराध में थाना इंद्री में 23 जून 2022 को मामला दर्ज किया गया था। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया गया है।
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