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Karnal: BJP को समर्थन देने वाले MLA सरपंचों के साथ भी, बोले- CM की सोच सराहनीय लेकिन सरपंचों की मांगे भी जायज
Mon, 23 Jan 2023 10:04 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, करनाल/नीलोखेड़ी (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, करनाल/नीलोखेड़ी (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Mon, 23 Jan 2023 10:04 PM IST
सार
BJP को समर्थन देने वाले निर्दलीय MLA सरपंचों के धरने पर भी जा बैठे। वह बोले कि मुख्यमंत्री की सोच सराहनीय लेकिन दो लाख में तो नाली भी नहीं बनती। तरावड़ी महाविद्यालय का उदाहरण देकर बोले कि 18 करोड़ खर्च करके भी 40 प्रतिशत काम अधूरा है।
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नीलोखेड़ी बीडीपीओ कार्यालय में सरपंचों के समर्थन में धरने पर बैठे विधायक धर्मपाल।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
हरियाणा में सरकार बनाने में भाजपा को समर्थन देने वाले निर्दलीय नीलोखेड़ी विधायक धर्मपाल गोंदर सोमवार को सरपंचों के धरने पर जा बैठे। यहां उन्होंने सरपंचों की मांगों को जायज बताते हुए अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पारदर्शी और भ्रष्टाचारमुक्त विकास कार्य करवाने को लेकर मुख्यमंत्री की सोच सराहनीय है।
लेकिन गांवों में कार्य करवाने के लिए दो लाख की सीमा बेहद कम है। क्योंकि एक गली अथवा नाली बनवाने में 5-6 लाख रुपये का खर्च आ जाता है। ऐसे में विकास कार्यों को पूरा कैसे किया जाएगा। यह अवश्य ही सोचने वाली बात है।
बीडीपीओ कार्यालय पर चल रहे धरने पर विधायक दोपहर बाद पहुंचे थे। इससे पहले शवयात्रा निकालकर सरपंचों ने पंचायत मंत्री का पुतला भी फूंका था। इस दौरान सरपंचों को विधायक ने कहा कि तरावड़ी में बन रहे कन्या महाविद्यालय के अधर में लटके निर्माण कार्य का उदाहरण देते हुए बताया कि महाविद्यालय निर्माण का बजट 12 करोड़ रुपये था।
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निर्माण पर करीबन 18 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। जिसके चलते निर्माण कार्य 60 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है। विधायक ने कहा कि ठेकेदारों और अधिकारियों की मिलीभगत के चलते विकास कार्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाते हैं।
पिछले दो सालों में गांवों में विकास कार्य नहीं हो पाए हैं और नए सरपंचों को बैंक खाते खाली मिले हैं। विधायक ने सरपंचों को आश्वासन दिया कि वह जल्द मुख्यमंत्री से समय लेकर सरपंचों के प्रदेश स्तरीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करवाएंगे।
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लेकिन गांवों में कार्य करवाने के लिए दो लाख की सीमा बेहद कम है। क्योंकि एक गली अथवा नाली बनवाने में 5-6 लाख रुपये का खर्च आ जाता है। ऐसे में विकास कार्यों को पूरा कैसे किया जाएगा। यह अवश्य ही सोचने वाली बात है।
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बीडीपीओ कार्यालय पर चल रहे धरने पर विधायक दोपहर बाद पहुंचे थे। इससे पहले शवयात्रा निकालकर सरपंचों ने पंचायत मंत्री का पुतला भी फूंका था। इस दौरान सरपंचों को विधायक ने कहा कि तरावड़ी में बन रहे कन्या महाविद्यालय के अधर में लटके निर्माण कार्य का उदाहरण देते हुए बताया कि महाविद्यालय निर्माण का बजट 12 करोड़ रुपये था।
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निर्माण पर करीबन 18 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। जिसके चलते निर्माण कार्य 60 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है। विधायक ने कहा कि ठेकेदारों और अधिकारियों की मिलीभगत के चलते विकास कार्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाते हैं।
पिछले दो सालों में गांवों में विकास कार्य नहीं हो पाए हैं और नए सरपंचों को बैंक खाते खाली मिले हैं। विधायक ने सरपंचों को आश्वासन दिया कि वह जल्द मुख्यमंत्री से समय लेकर सरपंचों के प्रदेश स्तरीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करवाएंगे।