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शहीदों की बेकद्री, स्मारक पर डालते हैं कूड़ा

Fri, 04 Nov 2016 12:13 AM IST
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला Updated Fri, 04 Nov 2016 12:13 AM IST
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Inappreciation of martyrs, memorial place on garbage, karnal
स्मारक पर डालते हैं कूड़ा - फोटो : अमर उजाला

शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का बाकी यही निशा होगा...। इसके उलट असंध कस्बे में शहीदों की इन निशानियों पर कूड़ा डाला जा रहा है। अधिकारी और नेता इन्हें सम्मान देना तो दूर इनकी निशानियों को सही तरीके से सहेज तक नहीं पा रहे हैं। शहीदों के स्मारक की सुध न तो प्रशासन ले रहा और न ही यहां के राजनेता। हालात इतने बुरे हैं कि यहां पर शहीद स्मारक पर नगर पालिका कर्मचारी शहर का कूड़ा डालते हैं तो लोग यहां पर पेशाब करने में भी शर्म नहीं करते।

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प्रथम विश्व युद्ध में असंध के वीर सैनिकों की गाथा का अपना ही इतिहास रहा है। इस युद्ध में क्षेत्र के तीन सैनिक शहीद हुए। इनमें से सालवन गांव निवासी शहीद जयदेव सिंह, गगसीना निवासी शहीद चौधरी ताला राम संधू व उरलाना कलां निवासी शहीद आबिदा बेगम शामिल हैं। उनकी याद में शहीद स्मारक बनाए गए, लेकिन इसके बाद किसी ने भी इन शहीदों की सुध नहीं ली। सन 1962 में पंजाब के मुख्यमंत्री सरदार प्रताप सिंह कैंरो ने इन तीनों शहीदों के स्मारक असंध की पुरानी नगरपालिका के कार्यालय में बनवाए। उस समय असंध के विधायक लाला कस्तूरी लाल थे। उन्होंने भी इन शहीदों के स्मारक बनवाने में अहम रोल अदा किया था। बाद में शहीदों के स्मारक बनने के बाद से ही इनकी अनदेखी हो रही है।
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दीपावली पर शहीद स्मारकों को नमन करने नहीं पहुंचा कोई अधिकारी
इस दीपावली पर देशवासियों ने एक दीया शहीद के नाम मुहिम चलाई। वहीं असंध की नगरपालिका में बने तीनों शहीदों के स्मारकों को नमन करने न तो सरकार का कोई नुमाइंदा पहुंचा और न ही कोई अधिकारी। असंध में ढेरों सामाजिक संस्थाएं हैं, लेकिन उन्हें भी शहीदों की याद नहीं आई। शहीदों को नमन करने की तो बात छोडिय़े किसी ने वहां सफाई तक करने की जहमत नहीं उठाई।
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तिल-तिल कर खंडहर हो रहे शहीद स्मारक
असंध में बने इन शहीदों के स्मारक अब बहुत ही दयनीय हालत में पहुंच चुके हैं। आलम ये है कि ये शहीद स्मारक अब टूट चुके हैं। एक एक करके ये बूत अब टूट चुके हैं। बेशर्मी की हद तो यह है कि इन शहीद स्मारकों के पास लोग सरेआम पेशाब करते रहते हैं। नगरपालिका के कर्मचारी खुद शहीद स्मारकों के पर कचरा डालते हैं, जिस कारण यहां गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। शहर से उतारे हुए प्लेक्स बोर्ड नपा कर्मचारी इन स्मारकों के पास ही डालते हैं।

कई बार रोये परिजन, प्रशासन तक नहीं पहुंची आवाज
शहीद जयदेव सिंह के परिजन ठाकुर बिजेंद्र सिंह व भगत सिंह का कहना है कि जबसे ये शहीद स्मारक बने हैं किसी ने भी इनकी कोई सुध नहीं ली है और न ही सरकार की तरफ से उन्हें कोई सुविधा दी गई है। वे कई बार सरकार के मंत्रियों से लेकर प्रशासन के आला अधिकारियों तक इनकी अनदेखी की शिकायत कर चुके हैं। प्रशासन द्वारा अब तक इनकी कोई सुध नहीं ली गई है। शहीद के परिजनों का कहना है कि इन शहीद स्मारकों पर आज तक सरकार, प्रशासन व सामाजिक संस्थाओं द्वारा रंग या मरम्मत भी नहीं करवाई गई है। यहां तक की स्मारकों के ऊपर लिखे शहीदों के नाम भी मिट चुके हैं, लेकिन इनकी कोई सुध लेने वाला नहीं है।

सीपीएस को भी नहीं आई शहीदों की याद
शहीदों के परिजनों का कहना है कि दीपावली पर सीपीएस एवं असंध के विधायक बख्शीश सिंह ने राजकीय महाविद्यालय के प्रांगण में शहीदों को नमन किया, जबकि उससे महज कुछ गज की दूरी पर ही शहीदों के स्मारक बने हुए हैं, लेकिन विधायक ने वहां जाकर देखना तो दूर झांका तक नहीं। जब से ये स्मारक बने हैं, नपा और प्रशासन की तरफ से इन पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।


पल्ला झाड़ते नजर आए नपा सचिव
शहीदों के स्मारक के अपमान को लेकर जब असंध नगर पालिका के सचिव रविंद्र कुहाड़ से बात की गई तो वे पूरे मामले से पल्ला झाड़ते नजर आए। उन्होंने कहा कि ये स्मारक जहां बनाए हुए हैं, वह भवन कंडम घोषित हो चुका है, इसलिए वहां जाना नहीं होता, इसलिए ही यहां अनदेखी होती है। वहीं, नपा कर्मचारियों द्वारा स्मारक पर कूड़ा डालने और लोगों के पेशाब करने पर उन्होंने कहा कि लोगों को इस बारे में जागरूक होना चाहिए। बातचीत के दौरान न तो सचिव ने स्मारक की रखवाली व देखरेख को लेकर कोई जिम्मेदारी दिखाई और न ही कोई जवाबदेही।

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