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पीएम की सुनी पर अपनी बात नहीं कह पाए बच्चे
ब्यूरो/अमरउजाला, करनाल
Updated Sat, 05 Sep 2015 12:49 AM IST
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शिक्षक दिवस से एक दिन पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के
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विद्यार्थियों से मन की बात की। रेडियो के जरिये उन्होंने करीब 2 घंटे
देशभर के बच्चों से मन की बात को साझा किया, लेकिन पिछले वर्ष की तरह इस
बार देशभर के बच्चे प्रधानमंत्री से अपने मन की बात नहीं कर पाए।
हाल यह रहे कि जिलेभर के सरकारी स्कूलों में रेडियो के जरिये ही बच्चों को प्रधानमंत्री के मन की बात से अवगत कराया गया। कुछ स्कूलों में डीटीएच के माध्यम से भी इस कार्यक्रम को बच्चों को सुनाया गया। दिल्ली के मानेकशा आडिटोरियम में 9 जगहों से आए करीब 800 स्टूडेंट्स को प्रधानमंत्री ने संबोधित किया। उनकी स्पीच का देशभर के स्कूलों में वीडियो कांफ्रेंसिंग से टेलिकास्ट किया गया।
कुछ बच्चों ने पीएम से सवाल भी पूछे, एक बच्ची ने जब उनसे उनके प्रिय खेल के बारे में पूछा तो मोदी ने कहा कि राजनीति वाले क्या खेलते हैं, यह सबको मालूम है। करनाल के रेलवे रोड स्थित सरकारी स्कूल में भी स्कूली बच्चों ने मोदी की मन की बात को एक साथ टीवी पर बैठकर देखा। करनाल में भी जिला शिक्षा विभाग की ओर से हर सरकारी और निजी स्कूलों को आदेश दिए गए थे।
कार्यक्रम के लिए बच्चे बहुत ही उत्साहित दिखाई दिए। सरकारी स्कूलों ने जहां शिक्षा विभाग के इस आदेश की अनुपालना की, वहीं शहर सहित जिलेभर में प्राइवेट स्कूलों ने इस कार्यक्रम में अधिक दिलचस्पी नहीं दिखाई। बच्चों को इस बात का भी मलाल रहा कि प्रधानमंत्री उनसे उनके मन की बात नहीं जान सके। सुबह 10 बजे से लेकर पौने 12 बजे तक चले इस कार्यक्रम के लिए ज्यादातर स्कूलों में व्यापक बंदोबस्त नहीं थे। मात्र औपचारिकता पूरी करने के लिए इस कामचलाऊ काम किया गया। असंध, निगदू, घरौंडा व इंद्री में हर जगह इस कार्यक्रम की व्यवस्था तो थी लेकिन ज्यादातर स्कूलों में सुविधाजनक व्यवस्था नहीं कराई गई। हाल यह रहे कि बच्चों के बैठने तक के लिए टाट तक की व्यवस्था नहीं थी फर्श पर बिठाकर यह कार्यक्रम सुनाया गया और दिखाया गया।
हाल यह रहे कि जिलेभर के सरकारी स्कूलों में रेडियो के जरिये ही बच्चों को प्रधानमंत्री के मन की बात से अवगत कराया गया। कुछ स्कूलों में डीटीएच के माध्यम से भी इस कार्यक्रम को बच्चों को सुनाया गया। दिल्ली के मानेकशा आडिटोरियम में 9 जगहों से आए करीब 800 स्टूडेंट्स को प्रधानमंत्री ने संबोधित किया। उनकी स्पीच का देशभर के स्कूलों में वीडियो कांफ्रेंसिंग से टेलिकास्ट किया गया।
कुछ बच्चों ने पीएम से सवाल भी पूछे, एक बच्ची ने जब उनसे उनके प्रिय खेल के बारे में पूछा तो मोदी ने कहा कि राजनीति वाले क्या खेलते हैं, यह सबको मालूम है। करनाल के रेलवे रोड स्थित सरकारी स्कूल में भी स्कूली बच्चों ने मोदी की मन की बात को एक साथ टीवी पर बैठकर देखा। करनाल में भी जिला शिक्षा विभाग की ओर से हर सरकारी और निजी स्कूलों को आदेश दिए गए थे।
कार्यक्रम के लिए बच्चे बहुत ही उत्साहित दिखाई दिए। सरकारी स्कूलों ने जहां शिक्षा विभाग के इस आदेश की अनुपालना की, वहीं शहर सहित जिलेभर में प्राइवेट स्कूलों ने इस कार्यक्रम में अधिक दिलचस्पी नहीं दिखाई। बच्चों को इस बात का भी मलाल रहा कि प्रधानमंत्री उनसे उनके मन की बात नहीं जान सके। सुबह 10 बजे से लेकर पौने 12 बजे तक चले इस कार्यक्रम के लिए ज्यादातर स्कूलों में व्यापक बंदोबस्त नहीं थे। मात्र औपचारिकता पूरी करने के लिए इस कामचलाऊ काम किया गया। असंध, निगदू, घरौंडा व इंद्री में हर जगह इस कार्यक्रम की व्यवस्था तो थी लेकिन ज्यादातर स्कूलों में सुविधाजनक व्यवस्था नहीं कराई गई। हाल यह रहे कि बच्चों के बैठने तक के लिए टाट तक की व्यवस्था नहीं थी फर्श पर बिठाकर यह कार्यक्रम सुनाया गया और दिखाया गया।