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एक देश-एक चुनाव के हक में पर कानूनी अड़चनें भी, लेकिन जैसा निर्णय होगा मानेंगे : कमल गुप्ता
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- कांग्रेस पर साधा निशाना, बोले-उनका तो अध्यक्ष तय नहीं, उन्हें एक देश-एक चुनाव तो जुमला ही लगेगा
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहरी निकाय मंत्री कमल गुप्ता ने कहा कि वे एक देश-एक चुनाव के हक में हैं। इससे बहुत से अनावश्यक खर्च, चुनाव के दौरान होने वाली दिक्कतें और समय की बचत होगी। लेकिन इसमें कुछ कानूनी अड़चनें हैं, जैसे किसी विधानसभा की सरकार बीच में गिर गई तो शेष समय में क्या होगा। इस तरह के कई मामले कैसे हल किए जाएंगे, ये तो कानूनी विशेषज्ञ ही बता सकते हैं। लेकिन जैसा भी निर्णय होगा, हम उसे मानने को तैयार हैं।
मंत्री करनाल में सोमवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में पहुंचे थे। बैठक में उन्होंने 15 मामलों पर सुनवाई की, जिसमें 11 का समाधान हुआ। पत्रकारों से बातचीत के दौरान एक देश-एक चुनाव के विषय को कांग्रेस द्वारा जुमला बताए जाने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि कांग्रेस पहले यह फैसला करे कि उनका अध्यक्ष कौन है, असली वाला या जिसकी पार्टी में चलती है वो वाला। क्योंकि पांच-पांच साल तो इनके अध्यक्ष नहीं बनते। हरियाणा में तो जिला अध्यक्ष ही नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष अपनी कार्यसमिति नहीं बना पाता। उनके भारत जोड़ो के जुमले से क्या देश जुड़ गया। जब देश बंटा था तब कुछ किया नहीं, अब देश जोड़ने की बात करते हैं। हमारी सरकार ने धारा-370 हटाकर साहसिक काम किया। इसके अलावा राम मंदिर निर्माण, तीन तलाक और चंद्रयान जैसे कई विषय हमारे साहसिक काम हैं।
कोई एक गड्ढे को लेकर रोये तो उसका इलाज नहीं
सड़क के गड्ढों के सवाल पर मंत्री कमल गुप्ता ने कहा कि सरकार ने सड़कों का जाल बिछा दिया है। बड़े-बड़े हाईवे बने हैं, लेकिन अगर फिर भी कोई सड़क का एक गड्ढा लेकर रोयेगा तो उसका कोई इलाज नहीं है। संपत्ति कर के सवाल पर कहा कि लोगों ने कर नहीं भरा तो उनकी गलती है, उन्हें कर भरना चाहिए। हमने कर पर ब्याज माफ किया, तिथि भी बढ़ाई और छूट भी दी, फिर भी टैक्स न भरना गलत है।
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बैठक में न पहुंचने पर संपदा अधिकारी को नोटिस
कष्ट निवारण समिति की बैठक में मामला होने पर भी एचएसवीपी की संपदा अधिकारी डॉ. अनुपमा सांगवान बैठक में नहीं पहुंचीं। इस पर मंत्री ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने उपायुक्त को मामले की सुनवाई के दौरान ही संपदा अधिकारी की अनुपस्थिति दर्ज करने और नोटिस जारी करके कार्रवाई करने के निर्देश दिए। निर्देश जारी होने के 20 मिनट बाद ही संपदा अधिकारी बैठक में पहुंच गई और बाद में मंत्री और उपायुक्त को सफाई देतीं नजर आईं।
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहरी निकाय मंत्री कमल गुप्ता ने कहा कि वे एक देश-एक चुनाव के हक में हैं। इससे बहुत से अनावश्यक खर्च, चुनाव के दौरान होने वाली दिक्कतें और समय की बचत होगी। लेकिन इसमें कुछ कानूनी अड़चनें हैं, जैसे किसी विधानसभा की सरकार बीच में गिर गई तो शेष समय में क्या होगा। इस तरह के कई मामले कैसे हल किए जाएंगे, ये तो कानूनी विशेषज्ञ ही बता सकते हैं। लेकिन जैसा भी निर्णय होगा, हम उसे मानने को तैयार हैं।
मंत्री करनाल में सोमवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में पहुंचे थे। बैठक में उन्होंने 15 मामलों पर सुनवाई की, जिसमें 11 का समाधान हुआ। पत्रकारों से बातचीत के दौरान एक देश-एक चुनाव के विषय को कांग्रेस द्वारा जुमला बताए जाने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि कांग्रेस पहले यह फैसला करे कि उनका अध्यक्ष कौन है, असली वाला या जिसकी पार्टी में चलती है वो वाला। क्योंकि पांच-पांच साल तो इनके अध्यक्ष नहीं बनते। हरियाणा में तो जिला अध्यक्ष ही नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष अपनी कार्यसमिति नहीं बना पाता। उनके भारत जोड़ो के जुमले से क्या देश जुड़ गया। जब देश बंटा था तब कुछ किया नहीं, अब देश जोड़ने की बात करते हैं। हमारी सरकार ने धारा-370 हटाकर साहसिक काम किया। इसके अलावा राम मंदिर निर्माण, तीन तलाक और चंद्रयान जैसे कई विषय हमारे साहसिक काम हैं।
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कोई एक गड्ढे को लेकर रोये तो उसका इलाज नहीं
सड़क के गड्ढों के सवाल पर मंत्री कमल गुप्ता ने कहा कि सरकार ने सड़कों का जाल बिछा दिया है। बड़े-बड़े हाईवे बने हैं, लेकिन अगर फिर भी कोई सड़क का एक गड्ढा लेकर रोयेगा तो उसका कोई इलाज नहीं है। संपत्ति कर के सवाल पर कहा कि लोगों ने कर नहीं भरा तो उनकी गलती है, उन्हें कर भरना चाहिए। हमने कर पर ब्याज माफ किया, तिथि भी बढ़ाई और छूट भी दी, फिर भी टैक्स न भरना गलत है।
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बैठक में न पहुंचने पर संपदा अधिकारी को नोटिस
कष्ट निवारण समिति की बैठक में मामला होने पर भी एचएसवीपी की संपदा अधिकारी डॉ. अनुपमा सांगवान बैठक में नहीं पहुंचीं। इस पर मंत्री ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने उपायुक्त को मामले की सुनवाई के दौरान ही संपदा अधिकारी की अनुपस्थिति दर्ज करने और नोटिस जारी करके कार्रवाई करने के निर्देश दिए। निर्देश जारी होने के 20 मिनट बाद ही संपदा अधिकारी बैठक में पहुंच गई और बाद में मंत्री और उपायुक्त को सफाई देतीं नजर आईं।