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Karnal News: शोध संस्थान श्रेणी में आईआईडब्ल्यूबीआर को मिला प्रथम पुरस्कार
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शोध संस्थान श्रेणी में आईआईडब्ल्यूबीआर को मिला प्रथम पुरस्कार
- फोटो : शोध संस्थान श्रेणी में आईआईडब्ल्यूबीआर को मिला प्रथम पुरस्कार
एनडीआरआई में आयोजित की गई नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 81वीं समीक्षा बैठक
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) में आयोजित नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) की 81वीं समीक्षा बैठक की गई। जिसमें भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान (आईआईडब्ल्यूबीआर) करनाल को शोध संस्थान श्रेणी में प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। इस मौके पर इसी संस्थान की वार्षिक पत्रिका गेहूं एवं जौ स्वर्णिमा 2024 को भी प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के संस्थान, केंद्रीय विद्यालय, भारतीय जीवन वीमा निगम, भारतीय रेलवे विभाग उत्तरी क्षेत्र, सभी बैंक, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग, भारतीय डाक विभाग आदि 47 कार्यालयों में हिंदी भाषा में कार्य के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिसके लिए नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति गठित हैं, जो कार्यालयों, संस्थानों में इसकी छह माह में समीक्षा करती हैं। इस समीक्षा बैठक में भी संस्थानों, विभागों व विद्यालयों के हिंदी से जुड़े अधिकारियों ने भाग लिया।
इसमें वर्ष 2024-25 के दौरान राजभाषा हिंदी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति करनाल ने भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान को ये पुरस्कार प्रदान किए हैं। पुरस्कार एनडीआरआई के निदेशक एवं नराकास के अध्यक्ष डॉ.धीर सिंह ने आईआईडब्ल्यूबीआर के निदेशक डॉ. रतन तिवारी को प्रदान किए। इस मौके पर हिंदी अधिकारी डॉ. मंगल सिंह व प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अनुज कुमार भी मौजूद रहे।
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) में आयोजित नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) की 81वीं समीक्षा बैठक की गई। जिसमें भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान (आईआईडब्ल्यूबीआर) करनाल को शोध संस्थान श्रेणी में प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। इस मौके पर इसी संस्थान की वार्षिक पत्रिका गेहूं एवं जौ स्वर्णिमा 2024 को भी प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के संस्थान, केंद्रीय विद्यालय, भारतीय जीवन वीमा निगम, भारतीय रेलवे विभाग उत्तरी क्षेत्र, सभी बैंक, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग, भारतीय डाक विभाग आदि 47 कार्यालयों में हिंदी भाषा में कार्य के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिसके लिए नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति गठित हैं, जो कार्यालयों, संस्थानों में इसकी छह माह में समीक्षा करती हैं। इस समीक्षा बैठक में भी संस्थानों, विभागों व विद्यालयों के हिंदी से जुड़े अधिकारियों ने भाग लिया।
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इसमें वर्ष 2024-25 के दौरान राजभाषा हिंदी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति करनाल ने भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान को ये पुरस्कार प्रदान किए हैं। पुरस्कार एनडीआरआई के निदेशक एवं नराकास के अध्यक्ष डॉ.धीर सिंह ने आईआईडब्ल्यूबीआर के निदेशक डॉ. रतन तिवारी को प्रदान किए। इस मौके पर हिंदी अधिकारी डॉ. मंगल सिंह व प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अनुज कुमार भी मौजूद रहे।
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