भूख हड़ताल पर बैठे 15 गांवों के पंच, सरपंच और जिप सदस्य
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आरक्षण आंदोलन के समय दुकानों में हुई लूटपाट और आगजनी की घटनाओं की निष्पक्षता से जांच कराने के लिए गांव बरसत सहित लगभग 15 गांवों के सरपंच, पंच, जिला परिषद व ब्लॉक समिति के सदस्य सहित 51 लोग गांव बरसत के बस स्टैंड पर भूख हड़ताल पर बैठे। रोष स्वरूप बाजार पूरी तरह से बंद रहे। बीजेपी नेताओं ने भूख हड़ताल पर बैठे लोगों को जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। अनशनकारियों ने चेताया कि अगर सरकार ने इस मामले की शीघ्र से जांच नही कराई और दोषियों को कड़ी सजा नहीं दी तो वे दोबारा अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे जाएंगे।
मंगलवार सुबह लगभग नौ बजे गांव बरसत के रामलीला ग्राउंड में गांव बरसत, डेरा संजयनगर, देवीपूर, पूंडरी, फरीदपुर, गढ़ी भरल, बल्हेड़ा, हरिसिंपूरा, उपली, पीर बड़ौली, कैरवाली, पनौड़ी, जमालपूर सहित अन्य गांवों के सैकड़ों महिला और पुरुष इकट्ठा हुए। बाद में उन्होंने गांव के बाजार में रोष स्वरूप शांति मार्च निकाला। शांति मार्च के बाद बस स्टैंड पर सभी गांवों के सरपंच, पंच, जिला परिषद के सदस्य व महिला पुरुषों ने धरना देकर रोष प्रकट किया।
बैठक को संबोधित करते हुए वार्ड नंबर 19 के सदस्य दीपक त्यागी पुंडरी व भाजपा नेता साहब सिंह पहलवान ने कहा कि पिछले दिनों आरक्षण की आड़ में रोहतक, जींद, झज्जर इत्यादि क्षेत्रों में जिस प्रकार की आगजनी, लूटपाट व महिलाओं के साथ छेड़खानी की घटनाएं हुईं उसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। सरकार से अपनी मांगें मनवाने के लिए शांतिपूर्ण ढंग से मांग उठानी चाहिए थी।
उपद्रवियों ने प्रदेश में उत्पात मचाकर आजादी से पहले जैसे जख्म हरे कर दिए। उन्होंने कहा कि इतनी लूटपाट व आगजनी की घटना तो आजादी के समय भी नहीं हुई थी। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जहां एक तरफ पूरे उपद्रवियों ने पूरे हरियाणा को लूटकर इस हरेभरे प्रदेश को कई साल पीछे धकेल दिया है। वहीं, प्रदेश सरकार इन लोगों को सरकारी नौकरी व मुआवजा देकर 35 बिरादरी के साथ धोखा कर रही है। जिसे प्रदेश की 35 बिरादरी कभी सहन नहीं करेगी।
विभिन्न गांवों से आए 51 प्रतिनिधियों ने भूख हड़ताल में हिस्सा लिया और देर शाम हलका विधायक हरविंद्र कल्याण द्वारा भेजे गए प्रतिनिधि संजय खैंची तथा रोहित भंडारी ने जूस पिलाकर प्रदर्शनकारियों का अनशन खुलवाया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने संजय खैंची को प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें उपद्रवियों की संपत्ति कुर्क कर क्षतिपूर्ति करने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई।
इस मौके पर बरसत सरपंच महेश मलिक, अनिल सैन, दिलबाग, रूबीना प्रवीन, दर्शन, जगदीश सैनी, संजय वर्मा, महिंद्र सिंह, प्रवीन, दीपक शर्मा, सोहन सिंह, हरीश धमीजा, ताराचंद, प्रदीप सिंह, सुधीर कौशिक, जयभगवान सैनी, डॉ. संजीव वशिष्ठ, हंसराज गांधी, कुलदीप रंगा, अशोक, श्याम चंद आदि ग्रामीण मौजूद रहे।