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Karnal News: आज लघु सचिवालय पर गरजेंगे एनएचएम कर्मी
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- हड़ताल के कारण आयुष की पंचकर्मा ओपीडी और थेरेपी ठप
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। एनएचएम साझा मोर्चा हरियाणा के बैनर तले जिलेभर के 700 एनएचएम कर्मचारी जिला मुख्यालय पर मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करेंगे और उपायुक्त को ज्ञापन सौंपेंगे। इसको लेकर एनएचएम कर्मियों ने तैयारी कर ली है। प्रदेशभर में एनएचएम कर्मी पांच दिनों से हड़ताल पर हैं। जिसके चलते स्वास्थ्य सेवाएं धीमी गति से चल रही हैं। जिसका खामियाजा मरीजों व उनके तीमारदारों को भुगतना पड़ रहा है।
एनएचएम कर्मियों की हड़ताल के कारण जिला नागरिक अस्पताल के साथ-साथ आयुष व पंचकर्मा की ओपीडी से लेकर थेरेपी तक की सेवाएं पूरी तरह से ठप हैं। सेक्टर-छह स्थित पंचकर्मा सेंटर में जहां रोजाना 150 मरीज दवाएं और 50 मरीज अपनी थेरेपी करवाने के लिए पहुंचते थे अब हड़ताल के कारण पंचकर्मा सेंटर का परिसर सुनसान पड़ा है।
हड़ताल का असर पंचकर्मा में थेरेपी के लिए आने वाले मरीजों पर सबसे अधिक पड़ा है क्योंकि घुटनों, पैरों, गर्दन, कमर दर्द से पीड़ित मरीजों को सप्ताह से लेकर 15 दिनों तक नियमित रूप से थेरेपी लेनी पड़ती है लेकिन हड़ताल के कारण मरीजों का मर्ज और अधिक बढ़ रहा है।
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एनएचएम कर्मियों की मुख्य मांगें-
एनएचएम कर्मचारियों को पॉलिसी बनाकर नियमित किया जाए। सेवा नियमों में रह गई त्रुटियों व वेतन विसंगतियों को ठीक करने के लिए संघ के साथ वार्ता करके उन्हें दूर किया जाए। आयुष्मान भारत योजना के तहत सीएचओ कैडर की एसओपी को लागू किया जाए। बॉन्ड प्रथा को समाप्त किया जाए। एनएचएम में कार्यरत जिन-जिन कर्मचारियों पर ड्रेस कोड लागू किया गया है उन्हें वर्दी भत्ता, धुलाई भत्ता दिया जाए। कर्मियों को नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर समयाविधि में बढ़ी हुई सीएल, ईएल व सीसीएल प्रदान की जाए और नियमित कर्मियों की तर्ज पर सभी एनएचएम कर्मचारियों को कैशलेस मेडिकल सुविधा दी जाए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। एनएचएम साझा मोर्चा हरियाणा के बैनर तले जिलेभर के 700 एनएचएम कर्मचारी जिला मुख्यालय पर मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करेंगे और उपायुक्त को ज्ञापन सौंपेंगे। इसको लेकर एनएचएम कर्मियों ने तैयारी कर ली है। प्रदेशभर में एनएचएम कर्मी पांच दिनों से हड़ताल पर हैं। जिसके चलते स्वास्थ्य सेवाएं धीमी गति से चल रही हैं। जिसका खामियाजा मरीजों व उनके तीमारदारों को भुगतना पड़ रहा है।
एनएचएम कर्मियों की हड़ताल के कारण जिला नागरिक अस्पताल के साथ-साथ आयुष व पंचकर्मा की ओपीडी से लेकर थेरेपी तक की सेवाएं पूरी तरह से ठप हैं। सेक्टर-छह स्थित पंचकर्मा सेंटर में जहां रोजाना 150 मरीज दवाएं और 50 मरीज अपनी थेरेपी करवाने के लिए पहुंचते थे अब हड़ताल के कारण पंचकर्मा सेंटर का परिसर सुनसान पड़ा है।
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हड़ताल का असर पंचकर्मा में थेरेपी के लिए आने वाले मरीजों पर सबसे अधिक पड़ा है क्योंकि घुटनों, पैरों, गर्दन, कमर दर्द से पीड़ित मरीजों को सप्ताह से लेकर 15 दिनों तक नियमित रूप से थेरेपी लेनी पड़ती है लेकिन हड़ताल के कारण मरीजों का मर्ज और अधिक बढ़ रहा है।
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एनएचएम कर्मियों की मुख्य मांगें-
एनएचएम कर्मचारियों को पॉलिसी बनाकर नियमित किया जाए। सेवा नियमों में रह गई त्रुटियों व वेतन विसंगतियों को ठीक करने के लिए संघ के साथ वार्ता करके उन्हें दूर किया जाए। आयुष्मान भारत योजना के तहत सीएचओ कैडर की एसओपी को लागू किया जाए। बॉन्ड प्रथा को समाप्त किया जाए। एनएचएम में कार्यरत जिन-जिन कर्मचारियों पर ड्रेस कोड लागू किया गया है उन्हें वर्दी भत्ता, धुलाई भत्ता दिया जाए। कर्मियों को नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर समयाविधि में बढ़ी हुई सीएल, ईएल व सीसीएल प्रदान की जाए और नियमित कर्मियों की तर्ज पर सभी एनएचएम कर्मचारियों को कैशलेस मेडिकल सुविधा दी जाए।