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Karnal News: कर्णनगरी के सदर में सर्वाधिक अपराध, दूसरे स्थान पर असंध और करनाल
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गगन तलवार
करनाल। वर्ष 2024 के पहले दो माह में थाना सदर क्षेत्र में सबसे ज्यादा अपराधिक गतिविधियां हुईं। इसके अलावा दूसरे नंबर पर असंध और करनाल शहर थाना क्षेत्र है। कहीं घरों, प्रतिष्ठानों और कार-मोटरसाइकिलों के ताले तोड़कर चोरों ने वारदात को अंजाम दिया तो कहीं ट्रांसफार्मरों को निशाना बनाया। इसके अलावा आपसी विवाद, मारपीट, धोखाधड़ी और गुमशुदगी बढ़ने से इनके मामले भी सर्वाधिक सामने आए हैं।
अच्छी बात यह है कि पुलिस की सख्ती से दो माह में जिले का ओवरऑल अपराध कुछ घटा है। क्योंकि 2023 और 2022 में रोजाना औसतन 32 या 31 केस दर्ज हुए। इस वर्ष 29 फरवरी तक सभी 16 थानों में 1604 मुकदमे दर्ज हुए यानी रोजाना औसतन 26 वारदात हो रही हैं। वर्ष 2023 में कुल 11607, 2022 में 11244 और 2021 में 10015 एफआईआर विभिन्न थानों में दर्ज हुई।
थाना क्षेत्र के हिसाब से नजर डालें तो पिछले तीन साल में वर्ष 2023 और 2022 में थाना सिविल लाइन में सर्वाधिक केस दर्ज हुए। जबकि 2021 में भी सदर थाना क्षेत्र सबसे आगे था। सदर थाना क्षेत्र में ग्रामीण क्षेत्र अधिक आता है। इधर, पुलिस का दावा है कि लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ सख्ती और बढ़ाएंगे, ताकि अपराध की दर घटे। लोग जागरूक होंगे तो किसी धोखाधड़ी का शिकार होने से बचेंगे व किसी अन्य अपराधिक गतिविधि के होने की तुरंत सूचना पुलिस को देंगे। ब्यूरो
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पीओ केस से थमा सिविल लाइन थाने का अपराध
जिला न्यायालय थाना सिविल लाइन क्षेत्र में आता है। वर्ष 2022 और 2023 में यहां सर्वाधिक मामले पीओ के दर्ज हुए। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, अब व्यवस्था को बदला गया है, जब तक न्यायाधीश की ओर से शिकायत नहीं आएगी तब तक पीओ के केस दर्ज नहीं होंगे। ऐसे में इस बार अब तक यहां अलग-अलग धाराओं में कुल 75 केस ही दर्ज हुए हैं। जबकि 2023 में 1769, 2022 में 1246 और 2021 में 845 कुल मुकदमे दर्ज हुए थे।
पुलिस ने सख्ती बढ़ाई है। समय-समय पर रात में भी नाकाबंदी करके जांच की जाती है। रात्रि गश्त रोजाना होती है। पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है। वारदात या घटना की सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई करती है। ऐसे में अपराध को कुछ कम भी कर पाए हैं। - शशांक कुमार सावन, एसपी करनाल।
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करनाल। वर्ष 2024 के पहले दो माह में थाना सदर क्षेत्र में सबसे ज्यादा अपराधिक गतिविधियां हुईं। इसके अलावा दूसरे नंबर पर असंध और करनाल शहर थाना क्षेत्र है। कहीं घरों, प्रतिष्ठानों और कार-मोटरसाइकिलों के ताले तोड़कर चोरों ने वारदात को अंजाम दिया तो कहीं ट्रांसफार्मरों को निशाना बनाया। इसके अलावा आपसी विवाद, मारपीट, धोखाधड़ी और गुमशुदगी बढ़ने से इनके मामले भी सर्वाधिक सामने आए हैं।
अच्छी बात यह है कि पुलिस की सख्ती से दो माह में जिले का ओवरऑल अपराध कुछ घटा है। क्योंकि 2023 और 2022 में रोजाना औसतन 32 या 31 केस दर्ज हुए। इस वर्ष 29 फरवरी तक सभी 16 थानों में 1604 मुकदमे दर्ज हुए यानी रोजाना औसतन 26 वारदात हो रही हैं। वर्ष 2023 में कुल 11607, 2022 में 11244 और 2021 में 10015 एफआईआर विभिन्न थानों में दर्ज हुई।
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थाना क्षेत्र के हिसाब से नजर डालें तो पिछले तीन साल में वर्ष 2023 और 2022 में थाना सिविल लाइन में सर्वाधिक केस दर्ज हुए। जबकि 2021 में भी सदर थाना क्षेत्र सबसे आगे था। सदर थाना क्षेत्र में ग्रामीण क्षेत्र अधिक आता है। इधर, पुलिस का दावा है कि लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ सख्ती और बढ़ाएंगे, ताकि अपराध की दर घटे। लोग जागरूक होंगे तो किसी धोखाधड़ी का शिकार होने से बचेंगे व किसी अन्य अपराधिक गतिविधि के होने की तुरंत सूचना पुलिस को देंगे। ब्यूरो
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पीओ केस से थमा सिविल लाइन थाने का अपराध
जिला न्यायालय थाना सिविल लाइन क्षेत्र में आता है। वर्ष 2022 और 2023 में यहां सर्वाधिक मामले पीओ के दर्ज हुए। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, अब व्यवस्था को बदला गया है, जब तक न्यायाधीश की ओर से शिकायत नहीं आएगी तब तक पीओ के केस दर्ज नहीं होंगे। ऐसे में इस बार अब तक यहां अलग-अलग धाराओं में कुल 75 केस ही दर्ज हुए हैं। जबकि 2023 में 1769, 2022 में 1246 और 2021 में 845 कुल मुकदमे दर्ज हुए थे।
पुलिस ने सख्ती बढ़ाई है। समय-समय पर रात में भी नाकाबंदी करके जांच की जाती है। रात्रि गश्त रोजाना होती है। पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है। वारदात या घटना की सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई करती है। ऐसे में अपराध को कुछ कम भी कर पाए हैं। - शशांक कुमार सावन, एसपी करनाल।