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Karnal News: आसमानी आफत, 50 गांवों पर बाढ़ का खतरा, यमुना पुल डूबा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 11 Jul 2023 02:46 AM IST
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Heavy rain, threat of flood on 50 villages, Yamuna bridge submerged
आसमानी आफत, 50 गांवों पर बाढ़ का खतरा, यमुना पुल डूबा
- उत्तर प्रदेश से भी कटा संपर्क, यमुना से लगे खेतों की हजाराें एकड़ फसलें डूबी
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- एसडीआरएफ की टीम तैनात, मोटर बोट पहुंची
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। हथिनी कुंड बैराज से यमुना में तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से इंद्री, घरौड़ा, असंध और कुंजपुरा क्षेत्र में यमुना नदी से लगते गांवों में बाढ़ जैसे हालत पैदा हो गए हैं। करनाल को यमुनानगर से जोड़ने वाला मार्ग बंद हो गया है। अत्यधिक पानी से जिले के 50 गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। अचानक पानी बढ़ने से कई किसान अपने खेताें में फंस गए, जिन्हें एसडीआरएफ की टीम ने मोटर बोट के जरिए सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इंद्री के कई गांवों का संपर्क शहर से कट गया है। कुंजपुरा में यमुना का पुल पानी में डूब गया वहीं, असंध में तटबंध में रिसाव से हड़कंप की स्थिति बन गई, जिसे समय रहते ठीक कर लिया गया।

- करनाल-यमुनानगर मार्ग बंद, गढ़पुर के पास पटरी टूटने का डर
संवाद न्यूज एजेंसी
इंद्री। यमुना में पानी बढ़ने से इंद्री क्षेत्र में हजारों एकड़ फसलें बर्बाद हो गईं। करनाल से यमुनानगर को जोड़ने वाला मार्ग बंद हो गया है। पानी ने करीब एक दर्जन गांवों को चपेट में ले लिया है। कई गांवों का संपर्क शहर से कट गया है। गढ़पुर टापू के पास शाम सात बजे यमुना के पानी को घुसने से बचाने वाली करीब 15 फुट की पटरी (मिट्टी का बांध) टूट गया है। बांध के आसपास के क्षेत्र में करीब आठ से 10 फुट तक पानी भर गया है। साथ ही लकबरी, समसपुर, गढ़ी बीरबल, कलसौरा, बियाना, बदरपुर गांव में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
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गढ़पुर टापू के पास टूटी पटरी की मरम्मत के लिए प्रशासन जुट गया है। मिट्टी से भरे कट्टे लगाए जा रहे हैं, लेकिन रात होने की वजह से इस काम में वक्त लग सकता है, तब तक पानी इंद्री क्षेत्र के गांवों में घुस जाएगा। यमुना से दूर गांवों में भी हालात ठीक नहीं हैं। यहां लोगों के घरों तक पानी पहुंच चुका है, जिसे मोटरों की सहायता से निकाला जा रहा है। भाकियू नेता मनजीत लालर का कहना है कि जपती छपरा, सैयद छपरा, नगली, कमालपुर गडरियान आदि गांवों में पानी आने के कारण खेतों में खड़ी धान, गन्ना, विभिन्न प्रकार की सब्जियां व पशुओं का चारा नष्ट हो गया है। समस्या ऐसी ही बनी रही तो पशुओं के भूखे मरने की स्थिति पैदा हो जाएगी। ग्रामीणों ने बताया कि कलसौरा गांव में खेत में गए दो किसान ऋषि पाल और हरवीर सिंह अचानक पानी बढ़ने से फंस गए हैं। जिन्हें एसडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित निकाला।
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धनौरा एस्केप ओवरफ्लो
गढ़पुर टापू के पास से धनोरा एस्केप भी ओवरफ्लो हो चुकी है। प्रशासन को डर है कि यदि यमुना में अधिक पानी आया तो स्थिति बिगड़ सकती है। संभावना जताई जा रही कि तीन लाख क्यूसेक पानी आने के बाद इतना ही पानी यमुना में और छोड़ा जा सकता है।

सड़कों पर पहुंचे सांप, जहरीले कीड़े

ग्रामीण विक्रम, सुखदेव, रमेश और यामीन का कहना है कि बाढ़ का पानी सड़कों पर आने के कारण सांप, कीड़े इत्यादि जहरीले कीड़े सड़कों पर दौड़ने लगे हैं। जिससे ग्रामीण दहशत में हैं।


विधायक ने किया गांवों का दौरा

विधायक रामकुमार कश्यप ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पानी भरने से प्रभावित गांवों का दौरा कर बर्बाद हुई फसलों का जायजा लिया। इस दौरान विधायक ने किसानों से मुलाकात कर बर्बाद हुई फसलों के विषय में मुख्यमंत्री से बात करने का आश्वासन दिया। उन्होंने किसानों से कहा कि जल्द मुख्यमंत्री से मिलकर मुआवजे की मांग रखी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में खाद्य सामग्री एवं दवाएं पहुंचाने का निर्देश दिया। पशुओं के लिए भी दवाएं और चारे का प्रबंधन करने को कहा।

प्रशासन ने रखवाई नाव, स्थिति का लिया जायजा

उपायुक्त अनीश यादव व पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार ने सोमवार को इंद्री में बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए दौरा किया। करीब 12 गांव बाढ़ प्रभावित मिले। हालांकि आबादी से दूर होने के चलते लोगों से सचेत रहने की अपील की गई। ग्रामीणों को बताया गया कि खाद्य सामग्री व दवाओं का प्रबंध प्रशासन की ओर से किया जा रहा है। उपायुक्त ने कहा कि नाव का प्रबंध किया गया है। सिंचाई विभाग को ग्रामीणों से निरंतर संपर्क में रहने का निर्देश दिया गया है। मिट्टी भरकर कट्टे रखवाने के साथ ही जेसीबी की व्यवस्था की गई है। गढ़ी बीरबल में धनौरा ड्रेन की पटरी के साथ ही जपती छपरा व शेरगढ़ टापू में पानी की स्थिति का जायजा लिया। मौके पर एसडीएम अशोक कुमार, एसडीएम करनाल अनुभव मेहता, जिला राजस्व अधिकारी श्याम लाल तथा सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता संजय राहर, कार्यकारी अभियंता नवतेज सिंह, समाजसेवी महेन्द्र प्रेमी सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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