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Karnal News: बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। सोमवार को दिन और रात में हुई बारिश से सरसों व गेहूं की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों ने फसलों में सात से 10 फीसदी तक का तत्कालिक नुकसान का अनुमान जताया है। वहीं, जिला प्रशासन ने किसानों का आह्वान किया कि जिन किसानों के खेतों में बारिश या ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है वह स्वयं ई-फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल पर नुकसान की जानकारी देकर मुआवजे लिए आवेदन करें।
उपायुक्त अनीश यादव ने बताया कि मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर पंजीकृत किसान सीधे ई-फसल पोर्टल पर जाकर अपनी फसलों के नुकसान को दर्ज कर मुआवजे के लिए आवेदन कर सकते हैं। पटवारी और कानूनगो इस पोर्टल पर प्राप्त होने वाले फसल खराबे के सभी आवेदनों को चेक करेंगे और खराबे की प्रतिशत तथा खेत की फोटो अपलोड करते हुए हर एंट्री का सत्यापन करेंगे। किसान के फसल खराबा रिपोर्ट करने के सात दिनों के अंदर अंदर पटवारी और कानूनगो को सत्यापन पूरा करना होगा।
किसान यहां करें मुआवजे का आवेदन
किसानों को ई-फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल https://fasal.haryana.gov.in/farmer/khrabalogin पर फसल खराबे की भरपाई के लिए आवेदन करना होगा। इसके लिए किसानों को अपनी परिवार पहचान पत्र आईडी, मोबाइल नंबर या किसान आईडी भरकर पोर्टल को लॉगइन करना होगा। इस ई-फसल क्षति पूर्ति पोर्टल को मेरी फसल- मेरा ब्यौरा'' पोर्टल के साथ लिंक किया गया है, इसलिए जिस खसरा नंबर में जिस फसल को बारिश से नुकसान हुआ है, उस खसरा नंबर के सामने खराबा भरें। इसमें फसल खराबे का कारण, तारीख, फसल में कितने प्रतिशत नुकसान हुआ है और उस खसरा नंबर का बीमा करवाया है कि नहीं, यह समस्त जानकारियां भरना आवश्यक है।
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कहां कितनी हुई बारिश (मि.मी. में)
ब्लाॅक 19 मार्च 20 मार्च
करनाल 22.6 50.8
असंध 1.0 10.0
घरौंडा 9.0 32.0
इंद्री 11.0 39.0
नीलोखेड़ी 4.4 31.6
निसिंग 4.0 14.0
कुंजपुरा 29.4 30.1
(जिलेभर में औसत बारिश 38.0 मिमी)
फिलहाल साफ रहेगा मौसम
एनडीआरआई की जिला कृषि मौसम सेवा स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ.योगेश कुमार ने बताया कि करनाल जिले में 20 मार्च को औसतन 38 मिमी बारिश दर्ज की गई है। अब दो तीन दिनों तक मौसम साफ रहेगा। 23 मार्च की रात्रि से मौसम में फिर बदलाव दिखेगा। 24 व 25 मार्च को हल्की बारिश व तेज हवाएं चल सकती हैं। जिन किसानों के खेतों में पानी भरा है, वह जलनिकासी का उचित प्रबंध करें।
गिरदावरी करा मुआवजा दे सरकार
करनाल। भारतीय किसान यूनियन (सर छोटूराम) के कोर कमेटी सदस्य व प्रवक्ता बहादुर मेहला बलड़ी ने कहा कि बेमौसमी बरसात किसानों के लिए आफत बनकर आई है। करनाल जिले में फसलों को बड़ा नुकसान हुआ है। गेहूं व सरसों की पकी फसल गिर गई। बरसात ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। हरियाणा सरकार को पूरे हरियाणा में विशेष गिरदावरी करवा कर किसानों को प्रति एकड़ उचित मुआवजा देना चाहिए।
मुआवजे लिए किसानों ने दिया ज्ञापन
असंध। बेमौसम बरसात से खराब हुई फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने एसडीएम मनदीप कुमार को ज्ञापन सौंपा। छत्रपाल जीवन सिंह, सुखवंत सिंह खांडा खेड़ी, निशान सिंह झींडा, सुरेश कुमार,जिले सिंह,हरदीप सिंह,जिले सिंह, रामफल आदि किसानों ने बताया कि उनकी गेहूं की फसल बारिश से तबाह हो गई। विशेष गिरदावरी करवाकर सरकार किसानों को उचित मुआवजा देने का जल्द प्रबंध करे।
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करनाल। सोमवार को दिन और रात में हुई बारिश से सरसों व गेहूं की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों ने फसलों में सात से 10 फीसदी तक का तत्कालिक नुकसान का अनुमान जताया है। वहीं, जिला प्रशासन ने किसानों का आह्वान किया कि जिन किसानों के खेतों में बारिश या ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है वह स्वयं ई-फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल पर नुकसान की जानकारी देकर मुआवजे लिए आवेदन करें।
उपायुक्त अनीश यादव ने बताया कि मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर पंजीकृत किसान सीधे ई-फसल पोर्टल पर जाकर अपनी फसलों के नुकसान को दर्ज कर मुआवजे के लिए आवेदन कर सकते हैं। पटवारी और कानूनगो इस पोर्टल पर प्राप्त होने वाले फसल खराबे के सभी आवेदनों को चेक करेंगे और खराबे की प्रतिशत तथा खेत की फोटो अपलोड करते हुए हर एंट्री का सत्यापन करेंगे। किसान के फसल खराबा रिपोर्ट करने के सात दिनों के अंदर अंदर पटवारी और कानूनगो को सत्यापन पूरा करना होगा।
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किसान यहां करें मुआवजे का आवेदन
किसानों को ई-फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल https://fasal.haryana.gov.in/farmer/khrabalogin पर फसल खराबे की भरपाई के लिए आवेदन करना होगा। इसके लिए किसानों को अपनी परिवार पहचान पत्र आईडी, मोबाइल नंबर या किसान आईडी भरकर पोर्टल को लॉगइन करना होगा। इस ई-फसल क्षति पूर्ति पोर्टल को मेरी फसल- मेरा ब्यौरा'' पोर्टल के साथ लिंक किया गया है, इसलिए जिस खसरा नंबर में जिस फसल को बारिश से नुकसान हुआ है, उस खसरा नंबर के सामने खराबा भरें। इसमें फसल खराबे का कारण, तारीख, फसल में कितने प्रतिशत नुकसान हुआ है और उस खसरा नंबर का बीमा करवाया है कि नहीं, यह समस्त जानकारियां भरना आवश्यक है।
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कहां कितनी हुई बारिश (मि.मी. में)
ब्लाॅक 19 मार्च 20 मार्च
करनाल 22.6 50.8
असंध 1.0 10.0
घरौंडा 9.0 32.0
इंद्री 11.0 39.0
नीलोखेड़ी 4.4 31.6
निसिंग 4.0 14.0
कुंजपुरा 29.4 30.1
(जिलेभर में औसत बारिश 38.0 मिमी)
फिलहाल साफ रहेगा मौसम
एनडीआरआई की जिला कृषि मौसम सेवा स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ.योगेश कुमार ने बताया कि करनाल जिले में 20 मार्च को औसतन 38 मिमी बारिश दर्ज की गई है। अब दो तीन दिनों तक मौसम साफ रहेगा। 23 मार्च की रात्रि से मौसम में फिर बदलाव दिखेगा। 24 व 25 मार्च को हल्की बारिश व तेज हवाएं चल सकती हैं। जिन किसानों के खेतों में पानी भरा है, वह जलनिकासी का उचित प्रबंध करें।
गिरदावरी करा मुआवजा दे सरकार
करनाल। भारतीय किसान यूनियन (सर छोटूराम) के कोर कमेटी सदस्य व प्रवक्ता बहादुर मेहला बलड़ी ने कहा कि बेमौसमी बरसात किसानों के लिए आफत बनकर आई है। करनाल जिले में फसलों को बड़ा नुकसान हुआ है। गेहूं व सरसों की पकी फसल गिर गई। बरसात ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। हरियाणा सरकार को पूरे हरियाणा में विशेष गिरदावरी करवा कर किसानों को प्रति एकड़ उचित मुआवजा देना चाहिए।
मुआवजे लिए किसानों ने दिया ज्ञापन
असंध। बेमौसम बरसात से खराब हुई फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने एसडीएम मनदीप कुमार को ज्ञापन सौंपा। छत्रपाल जीवन सिंह, सुखवंत सिंह खांडा खेड़ी, निशान सिंह झींडा, सुरेश कुमार,जिले सिंह,हरदीप सिंह,जिले सिंह, रामफल आदि किसानों ने बताया कि उनकी गेहूं की फसल बारिश से तबाह हो गई। विशेष गिरदावरी करवाकर सरकार किसानों को उचित मुआवजा देने का जल्द प्रबंध करे।