{"_id":"60b072e473803908cb194286","slug":"haryana-government-will-build-bal-clinic-in-rural-areas-to-protect-children-from-corona","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा: बच्चों को कोरोना से बचाने की कवायद, ग्रामीण अंचलों में बनेंगे बाल क्लीनिक ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा: बच्चों को कोरोना से बचाने की कवायद, ग्रामीण अंचलों में बनेंगे बाल क्लीनिक
Fri, 28 May 2021 10:04 AM IST
निवेदिता वर्मा
मोहित धुपड़, अमर उजाला, करनाल (हरियाणा)
मोहित धुपड़, अमर उजाला, करनाल (हरियाणा)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 28 May 2021 10:04 AM IST
सार
हरियाणा सरकार ने कोरोना की तीसरे लहर के संभावित खतरे के मद्देनजर प्रदेश में बाल चिकित्सा संबंधी सुविधाएं बढ़ाने का फैसला लिया है। वहीं सरकार के सामने पोस्ट कोविड इफेक्ट्स से भी पार पाने की चुनौती है।
विज्ञापन
बच्चों में कोरोना
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर में बच्चों को बताए जा रहे संभावित खतरे को देखते हुए हरियाणा सरकार सजग हो गई है। इसे देखते हुए ग्रामीण अंचलों में बाल क्लीनिक बनाने की तैयारी है। इस संबंध में मुख्यमंत्री मनोहर लाल के निर्देशों के बाद स्वास्थ्य महकमे ने अब जिला अस्पतालों में बाल चिकित्सा सुविधाओं को और बेहतर बनाने के साथ-साथ ग्रामीण अंचलों में बने कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (सीएचसी) में बाल चिकित्सा क्लीनिक बनाने की योजना पर विचार शुरू कर दिया है।
जिन सीएचसी में इसके लिए जगह की कमी है, वहां पहले नए भवन बनेंगे। उसके बाद वहां स्थापित बाल चिकित्सा क्लीनिकों में बच्चों के लिए बेड, बाल विशेषज्ञ चिकित्सक और स्टाफ समेत अन्य जरूरी उपकरणों की व्यवस्था की जाएगी। जिला अस्पतालों में भी बाल विशेषज्ञ चिकित्सकों व स्टाफ की संख्या बढ़ाई जाएगी।
अब ‘पोस्ट कोविड इफेक्ट्स’ को नियंत्रण करना चुनौती
कोरोना की दूसरी लहर के धीमा पड़ने के बाद आगे की चुनौतियां बढ़ गई हैं। फिलहाल बड़ी चुनौती ‘पोस्ट कोविड इफेक्ट्स’ को नियंत्रित करना है। कोरोना से ठीक होने के बाद लोगों में सूंघने की शक्ति गायब होना, थकान, बदन दर्द, सांस लेने में दिक्कत, फेफड़ों में तकलीफ, स्वाद खत्म होना व विभिन्न आई फंगस की समस्याएं सामने आ रहीं हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी पोस्ट कोविड इफेक्ट्स की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य महकमे के अफसरों को ऐसे मरीजों पर फोकस रखने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिन सीएचसी में इसके लिए जगह की कमी है, वहां पहले नए भवन बनेंगे। उसके बाद वहां स्थापित बाल चिकित्सा क्लीनिकों में बच्चों के लिए बेड, बाल विशेषज्ञ चिकित्सक और स्टाफ समेत अन्य जरूरी उपकरणों की व्यवस्था की जाएगी। जिला अस्पतालों में भी बाल विशेषज्ञ चिकित्सकों व स्टाफ की संख्या बढ़ाई जाएगी।
विज्ञापन
अब ‘पोस्ट कोविड इफेक्ट्स’ को नियंत्रण करना चुनौती
कोरोना की दूसरी लहर के धीमा पड़ने के बाद आगे की चुनौतियां बढ़ गई हैं। फिलहाल बड़ी चुनौती ‘पोस्ट कोविड इफेक्ट्स’ को नियंत्रित करना है। कोरोना से ठीक होने के बाद लोगों में सूंघने की शक्ति गायब होना, थकान, बदन दर्द, सांस लेने में दिक्कत, फेफड़ों में तकलीफ, स्वाद खत्म होना व विभिन्न आई फंगस की समस्याएं सामने आ रहीं हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी पोस्ट कोविड इफेक्ट्स की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य महकमे के अफसरों को ऐसे मरीजों पर फोकस रखने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
कोविड की दूसरी लहर का प्रभाव फिलहाल धीमा पड़ गया है। मगर अब हमारा फोकस पोस्ट कोविड इफेक्ट्स व संभावित तीसरी लहर के संभावित खतरे पर है। इसके लिए लांग टर्म प्लानिंग की जा रही है। - राजीव अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, हरियाणा।