फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   haryana celebration its msme

हरियाणा ने भी बनाया अपना एमएसएमई, औद्योगिक विकास को मिलेगा फायदा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 05 Jan 2021 02:32 AM IST
विज्ञापन
haryana celebration its msme
उद्योग जगत के लिए अच्छी खबर है। अब हरियाणा सरकार ने जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) और सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग (एमएसएमई) को अलग कर दिया है। इससे खासकर नए उद्यमियों और बंद होने के कगार पर पहुंचे उद्योगों को काफी लाभ होगा। उन्हें विभागों से होने वाले कार्यों और संबंधित योजनाओं के लाभ के लिए अधिक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। हालांकि सरकार ने अभी नए अधिकारियों और कर्मचारियोें की नियुक्ति नहीं की है बल्कि मूल विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों में से ही विभाजन करके उन्हीं भवनों में अलग बैठने की व्यवस्था की जा रही है। सब कुछ ठीक रहा तो इसी सप्ताह दोनों ही व्यवस्थाएं अलग-अलग हो जाएंगी।
विज्ञापन

कोरोना कॉल में उद्योग सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं। सरकार के सामने लॉकडाउन की मंदी के बाद उद्योगों को फिर से पटरी पर लाने की बड़ी चुनौती है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से प्रयास किया गया, लेकिन नए उद्यमों को स्थापित करने व पहले से स्थापित उद्यमों को पुनर्जीवित करने, उन्हें संचालित रखने की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में कई कठिनाइयां सामने आईं। बड़ी कठिनाई यह रही कि एमएसएमई विभाग केंद्र सरकार का तो है, लेकिन हरियाणा सरकार जिला उद्योग केंद्र के जरिये ही एमएसएमई की सभी योजनाओं को संचालित करती है। जबकि जिला उद्योग केंद्र के पास फर्म एंड सोसायटी का कार्य भी है, जिसमें विवादित मामले अधिक होते हैं। डीआईसी के अधिकारी इन विवादों को निपटाने में ही लगे रहते हैं। एमएसएमई के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। पिछले दिनों यह समस्या डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के सामने भी आई थी। उसी दिन उन्होंने हरियाणा का अपना एमएसएमई विभाग बनाने की बात कही थी। अब हरियाणा का अपना अलग एमएसएमई बना दिया गया है। पंचकुला में हेडक्वार्टर स्थापित हो गया। विकास गुप्ता को पहला महानिदेशक बनाया गया है। अब डीआईसी व एमएसएमई में स्टाफ का विभाजन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कौन से अधिकारी-कर्मचारी डीआईसी में रहेंगे, कौन से एमएसएमई में जाएंगे, यह शीघ्र ही तय हो जाएगा। क्योंकि इस विभाग की पालिसी को एक जनवरी-2021 को लांच कर दिया गया है। फिलहाल अभी करनाल जिले में मौजूदा स्टाफ को ही दो भागों में करने के साथ ही करनाल डीआईसी के भवन में ही दोनों के कार्यालय संचालित किए जाएंगे।
विज्ञापन

अब जिला उद्योग केंद्र व सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग अलग-अलग हो गए हैं। डीआईसी के पास फर्म एवं सोसायटी है, जबकि अन्य कार्य, योजनाएं आदि सभी एमएसएमई में चली गई हैं। इसका लाभ यह होगा कि फर्म सोसायटी के विवाद भी समय पर निपटेंगे, साथ ही उद्यमों को बढ़ावा देने वाली सभी योजनाओं का लाभ शीघ्रता के साथ लाभार्थियों को मिल सकेगा। नए उद्यम स्थापित करने की दिशा के कार्यों में भी तेजी आएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

जनक कुमार, महाप्रबंधक/संयुक्त निदेशक जिला उद्योग केंद्र करनाल।
एमएसएमई अलग होने का बड़ा फायदा इंडस्ट्री को मिलेगा। क्योंकि करनाल में एग्रो, फार्मा, फूड आदि कई बड़ी इंडस्ट्रीज हैं। पहले सिर्फ केंद्र सरकार की ही स्कीमें आती थीं, अब हरियाणा सरकार भी अपनी योजनाएं बनाकर लागू करेगी, जिससे उद्यमियों को दोहरा फायदा मिलेगा। दूसरी बात अब अलग विभाग होने के कारण इंडस्ट्री पर फोकस रहेगा। इंसेंटिव मिलेगा। नए उद्यमों और बंद होते उद्यमों को बचाने में बड़ा लाभ होगा।
भावुक मेहता, महासचिव-करनाल एग्राकल्चर इंप्लीमेंट्स मेन्युफैक्टरिंग एसोसिएशन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed