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नगर निगम की बैठक में हंगामा
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करनाल। नगर निगम की पंचायत भवन में हुई साधारण बैठक हंगामेदार रही। अधूरे विकास कार्यों को पूरा न करने, अफसरों द्वारा पार्षदों की नहीं सुनने, पिछली बैठकों में पारित प्रस्तावों पर कार्य नहीं होने आदि को लेकर पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। महापौर रेणू बाला गुप्ता की अध्यक्षता व निगमायुक्त डा. मनोज कुमार की मौजूदगी में निर्धारित समय से दस मिनट विलंब से बैठक शुरू हुई। दिवंगत पार्षद सुदर्शन कालड़ा को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद डिप्टी मेयर व वार्ड एक के पार्षद नवीन कुमार ने सबसे पहले डैफिशिएंट कालोनियों में भुगतान नहीं मिलने से विकास कार्य ठहर जाने का मुद्दा उठाया। इसे लेकर अफसरों से तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। सफाई कर्मियों का मुद्दा उठा तो निगमायुक्त ने बीच का रास्ता निकालने की बात कही।
वार्ड-15 के पार्षद युद्धवीर मित्तू सैनी ने गंदा पेयजल आने की समस्या रखी, तो बसंत विहार में गंदे पानी की समस्या सदन में आ गई। पुराने एजेंडे पर कार्य नहीं होने पर पार्षद भी गुस्से में आ गए और फिर सीनियर डिप्टी मेयर राजेश अग्घी, डिप्टी मेयर नवीन कुमार, युद्धवीर सैनी, मुकेश अरोड़ा, भूपेंद्र नोतना, पप्पू लाठर, संकल्प भंडारी आदि कई पार्षदों उठ खड़े हुए और सदन का बहिष्कार कर दिया। इसके बाद कई अन्य पार्षद भी बाहर आ गए। संयुक्त आयुक्त गगनदीप सिंह ने समझाने का प्रयास किया लेकिन पार्षद नहीं माने। काफी देर तक सदन में अधिकारी अकेले ही बैठे नजर आए। बाद में सीनियर डिप्टी मेयर राजेश अग्घी ने सभी पार्षदों को जिला पंचायत के सीईओ के कार्यालय पर एकत्र किया। मेयर भी पहुंचीं। अलग कक्ष में बैठक के बाद पार्षद 38 मिनट बाद वापस सदन में लौटे। कहा गया कि पुराने पारित प्रस्तावों की प्रगति रिपोर्ट के साथ अगली बैठक 30 जुलाई को की जाएगी। इसी दौरान किसी तरह एजेंडा पढ़कर 16 में से 15 प्रस्तावों को पारित देर लिया गया। धोबी घाट को जमीन वाला प्रस्ताव होल्ड कर दिया गया।
ढाई घंटे तक चली बैठक में मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि संजय बठला, एसीयूटी प्रदीप सिंह, संयुक्त निगमायुक्त गगनदीप सिंह, डीएमसी धीरज कुमार, एसई दीपक किंगर, ईओ देवेंद्र नरवाल शामिल थे। वार्ड 2 व 12 के पार्षद अनुपस्थित रहे।
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सदन: मिनट दर मिनट
11.00 बजे: पंचायत भवन परिसर में ठेकेदारों ने धरना शुरू किया
11.10 बजे:नगर निगम की बैठक मेयर की अध्यक्षता में शुरू हुई
12.02 बजे:पुराने एजेंडों पर कार्य नहीं करने का मुद्दा उठा
12.05 बजे: पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया
12.07 बजे:संयुक्त आयुक्त गगनदीप ने समझाने बाहर आए
12.20 बजे:सीएम प्रतिनिधि संजय बठला भी समझाने बाहर आए
12.25 बजे:मेयर ने जिला परिषद के सीईओ के कक्ष में पार्षदों से बात की
12.34 बजे: वार्ड-15 के लोग गंदा पानी लेकर बैठक में घुसे
12.38 बजे: पार्षद फिर बैठक में वापस पहुंचे
12.40 बजे:एक बार फिर सदन की कार्यवाही शुरू हुई
12.50 बजे:प्रस्तावों का एजेंडा पढ़ना शुरू किया गया
12.53 बजे: बसंत विहार की महिलाओं ने बैठक में घुसने की कोशिश की
1.19 बजे: बैठक संपन्न हो गई, मेयर व पार्षद बाहर आ गए
ऐसा पहली बार हुआ
नगर निगम के सदन के बाहर लगातार मुर्दाबाद के नारे गूंजते रहे, ऐसा पहली बार हुआ। बुधवार को तीन आंदोलन अलग-अलग हुए। जिससे बैठक के दौरान शोर शराबा होता रहा।
बिना मास्क लगाए दिखे कई अफसर व पार्षद
महामारी अलर्ट-सुरक्षित हरियाणा के तहत पाबंदियां अभी लागू हैं, लेकिन शहर के सबसे बड़े सदन में सरकार की पाबंदियों की अनदेखी देखी गई। कई पार्षद तो कई अधिकारी भी बिना मास्क बैठक में दिखाई दिए। महिलाओं को समानता का अधिकार देने, 50 फीसदी आरक्षण देने की बात हो रही है, वहीं शहर के सबसे बड़े सदन में ही कई महिला जनप्रतिनिधियों के स्थान पर उनके पति सहभागिता करते दिखे। इस सवाल पर निगमायुक्त डा. मनोज कुमार बोले कि यह यह तो सदन का मूड है, हम इसमें कोई टिप्पणी नहीं कर सकते।
मीडिया को बैठक में जाने पर रही पाबंदी
नगर निगम की बैठक में मीडिया को अंदर जाने पर पाबंदी लगाई गई। हालांकि बैठक स्थल के बाहर कार्यवाही देखने के लिए एक एलसीडी लगाई गई थी लेकिन बाहर शोर शराबा होने के कारण आवाज ही साफ सुनाई नहीं दे रही थी।
शहर में करीब 40 करोड़ के विकास कार्य चल रहे हैं, जो कार्य अधूरे हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाएगा। जो भी समस्याएं सदन में आईं हैं, उन्हें गंभीरता से लेकर निस्तारित कराया जाएगा।
-डा. मनोज कुमार निगमायुक्त नगर निगम करनाल
पार्षदों ने जो भी समस्याएं या मांग रखी हैं, उनका एक माह के अंदर समाधान कराया जाएगा। पेयजल समस्या को लेकर एक टेंडर लगा दिया है, शीघ्र समाधान होगा। सफाई कर्मियों की मांग पर भी बात हुई है, दो चार दिन में जो भी नियमानुसार होगा, कार्रवाई की जाएगी। प्रयास होगा कि किसी को भी नगर निगम से कोई शिकायत न रहे।
-रेणू बाला गुप्ता, महापौर नगर निगम करनाल
पिछली बैठकों में कई ऐसे प्रस्ताव सदन ने पारित किए हैं, जो शहर के लिए आवश्यक हैं, लेकिन अधिकारियों ने उन पर अभी तक कार्य ही शुरू नहीं किया है, इसलिए पार्षदों में नाराजगी थी। 30 जुलाई को जो बैठक होगी, उसमें उन प्रस्तावों की प्रगति रिपोर्ट देखी जाएगी।
-एडवोकेट नवीन कुमार, डिप्टी मेयर नगर निगम करनाल
-सदन में पेयजल, गलियों के निर्माण, स्ट्रीट लाइटों, पुराने कार्यों के भुगतान आदि को लेकर कई मामले आए हैं। सदन में विचार विमर्श हुआ है। एक माह का समय समस्याओं के समाधान के लिए तय किया गया है। सभी से सामंजस्य बनाकर शहर के विकास के लिए कार्य किया जाएगा। डेयरी शिफ्टिंग का मुद्दा भी जोरशोर से उठाया।
-राजेश अग्घी, सीनियर डिप्टी मेयर नगर निगम करनाल
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वार्ड-15 के पार्षद युद्धवीर मित्तू सैनी ने गंदा पेयजल आने की समस्या रखी, तो बसंत विहार में गंदे पानी की समस्या सदन में आ गई। पुराने एजेंडे पर कार्य नहीं होने पर पार्षद भी गुस्से में आ गए और फिर सीनियर डिप्टी मेयर राजेश अग्घी, डिप्टी मेयर नवीन कुमार, युद्धवीर सैनी, मुकेश अरोड़ा, भूपेंद्र नोतना, पप्पू लाठर, संकल्प भंडारी आदि कई पार्षदों उठ खड़े हुए और सदन का बहिष्कार कर दिया। इसके बाद कई अन्य पार्षद भी बाहर आ गए। संयुक्त आयुक्त गगनदीप सिंह ने समझाने का प्रयास किया लेकिन पार्षद नहीं माने। काफी देर तक सदन में अधिकारी अकेले ही बैठे नजर आए। बाद में सीनियर डिप्टी मेयर राजेश अग्घी ने सभी पार्षदों को जिला पंचायत के सीईओ के कार्यालय पर एकत्र किया। मेयर भी पहुंचीं। अलग कक्ष में बैठक के बाद पार्षद 38 मिनट बाद वापस सदन में लौटे। कहा गया कि पुराने पारित प्रस्तावों की प्रगति रिपोर्ट के साथ अगली बैठक 30 जुलाई को की जाएगी। इसी दौरान किसी तरह एजेंडा पढ़कर 16 में से 15 प्रस्तावों को पारित देर लिया गया। धोबी घाट को जमीन वाला प्रस्ताव होल्ड कर दिया गया।
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ढाई घंटे तक चली बैठक में मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि संजय बठला, एसीयूटी प्रदीप सिंह, संयुक्त निगमायुक्त गगनदीप सिंह, डीएमसी धीरज कुमार, एसई दीपक किंगर, ईओ देवेंद्र नरवाल शामिल थे। वार्ड 2 व 12 के पार्षद अनुपस्थित रहे।
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सदन: मिनट दर मिनट
11.00 बजे: पंचायत भवन परिसर में ठेकेदारों ने धरना शुरू किया
11.10 बजे:नगर निगम की बैठक मेयर की अध्यक्षता में शुरू हुई
12.02 बजे:पुराने एजेंडों पर कार्य नहीं करने का मुद्दा उठा
12.05 बजे: पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया
12.07 बजे:संयुक्त आयुक्त गगनदीप ने समझाने बाहर आए
12.20 बजे:सीएम प्रतिनिधि संजय बठला भी समझाने बाहर आए
12.25 बजे:मेयर ने जिला परिषद के सीईओ के कक्ष में पार्षदों से बात की
12.34 बजे: वार्ड-15 के लोग गंदा पानी लेकर बैठक में घुसे
12.38 बजे: पार्षद फिर बैठक में वापस पहुंचे
12.40 बजे:एक बार फिर सदन की कार्यवाही शुरू हुई
12.50 बजे:प्रस्तावों का एजेंडा पढ़ना शुरू किया गया
12.53 बजे: बसंत विहार की महिलाओं ने बैठक में घुसने की कोशिश की
1.19 बजे: बैठक संपन्न हो गई, मेयर व पार्षद बाहर आ गए
ऐसा पहली बार हुआ
नगर निगम के सदन के बाहर लगातार मुर्दाबाद के नारे गूंजते रहे, ऐसा पहली बार हुआ। बुधवार को तीन आंदोलन अलग-अलग हुए। जिससे बैठक के दौरान शोर शराबा होता रहा।
बिना मास्क लगाए दिखे कई अफसर व पार्षद
महामारी अलर्ट-सुरक्षित हरियाणा के तहत पाबंदियां अभी लागू हैं, लेकिन शहर के सबसे बड़े सदन में सरकार की पाबंदियों की अनदेखी देखी गई। कई पार्षद तो कई अधिकारी भी बिना मास्क बैठक में दिखाई दिए। महिलाओं को समानता का अधिकार देने, 50 फीसदी आरक्षण देने की बात हो रही है, वहीं शहर के सबसे बड़े सदन में ही कई महिला जनप्रतिनिधियों के स्थान पर उनके पति सहभागिता करते दिखे। इस सवाल पर निगमायुक्त डा. मनोज कुमार बोले कि यह यह तो सदन का मूड है, हम इसमें कोई टिप्पणी नहीं कर सकते।
मीडिया को बैठक में जाने पर रही पाबंदी
नगर निगम की बैठक में मीडिया को अंदर जाने पर पाबंदी लगाई गई। हालांकि बैठक स्थल के बाहर कार्यवाही देखने के लिए एक एलसीडी लगाई गई थी लेकिन बाहर शोर शराबा होने के कारण आवाज ही साफ सुनाई नहीं दे रही थी।
शहर में करीब 40 करोड़ के विकास कार्य चल रहे हैं, जो कार्य अधूरे हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाएगा। जो भी समस्याएं सदन में आईं हैं, उन्हें गंभीरता से लेकर निस्तारित कराया जाएगा।
-डा. मनोज कुमार निगमायुक्त नगर निगम करनाल
पार्षदों ने जो भी समस्याएं या मांग रखी हैं, उनका एक माह के अंदर समाधान कराया जाएगा। पेयजल समस्या को लेकर एक टेंडर लगा दिया है, शीघ्र समाधान होगा। सफाई कर्मियों की मांग पर भी बात हुई है, दो चार दिन में जो भी नियमानुसार होगा, कार्रवाई की जाएगी। प्रयास होगा कि किसी को भी नगर निगम से कोई शिकायत न रहे।
-रेणू बाला गुप्ता, महापौर नगर निगम करनाल
पिछली बैठकों में कई ऐसे प्रस्ताव सदन ने पारित किए हैं, जो शहर के लिए आवश्यक हैं, लेकिन अधिकारियों ने उन पर अभी तक कार्य ही शुरू नहीं किया है, इसलिए पार्षदों में नाराजगी थी। 30 जुलाई को जो बैठक होगी, उसमें उन प्रस्तावों की प्रगति रिपोर्ट देखी जाएगी।
-एडवोकेट नवीन कुमार, डिप्टी मेयर नगर निगम करनाल
-सदन में पेयजल, गलियों के निर्माण, स्ट्रीट लाइटों, पुराने कार्यों के भुगतान आदि को लेकर कई मामले आए हैं। सदन में विचार विमर्श हुआ है। एक माह का समय समस्याओं के समाधान के लिए तय किया गया है। सभी से सामंजस्य बनाकर शहर के विकास के लिए कार्य किया जाएगा। डेयरी शिफ्टिंग का मुद्दा भी जोरशोर से उठाया।
-राजेश अग्घी, सीनियर डिप्टी मेयर नगर निगम करनाल