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अजीबो-गरीब फरमान, पियक्कड़ों की तलाश करेंगे गुरुजी! अलोचना के बाद जारी आदेश वापस

Sun, 30 Aug 2020 11:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो गगन तलवार, अमर उजाला, करनाल (हरियाणा)
गगन तलवार, अमर उजाला, करनाल (हरियाणा) Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 30 Aug 2020 11:48 AM IST
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Teachers will collect data of drinker in Haryana's Karnal
सांकेतिक तस्वीर।

डिजिटल माध्यम पर क्लास लेने के अलावा परिवार पहचान पत्र में व्यस्त गुरुजी को अब पियक्कड़ों की तलाश भी करनी होगी। यह अजीबो-गरीब आदेश करनाल जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय से जारी किए गए, जिसे सोशल मीडिया की आलोचना के बाद तुरंत वापस ले लिया गया। 

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हुआ यूं कि शुक्रवार को नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जिले को नशा मुक्त बनाने के लिए कमेटी की ओर से डीसी की अध्यक्षता में बैठक हुई। इस बैठक के बाद नशा करने या शराब पीने वाले विद्यार्थियों व स्टाफ की पहचान करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय से सभी बीईओ को पत्र जारी कर आदेश दिए गए।
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इसमें कहा गया कि वे प्रिंसिपल व मुख्य अध्यापकों की मदद से ऐसे लोगों की पहचान करेंगे। जिनका नाम, पिता का नाम, उम्र, रोजगार व मोबाइल नंबर सहित पूरा विवरण जुटाएंगे। जिले में छह बीईओ हैं, प्रत्येक को सप्ताह में 40 लाल परी के दीवानों का डाटा देना होगा। इस पत्र की सोशल मीडिया पर भी खूब आलोचना हुई, क्योंकि कई स्कूलों में महिला हेड टीचर और प्रिंसिपल हैं। बता दें कि नशा मुक्त भारत अभियान के तहत देश के 272 जिलों व हरियाणा के 10 जिलों को चुना गया है, जिसमें करनाल भी शामिल है। 31 मार्च तक जिले को नशा मुक्त बनाने के लिए अभियान चलेगा। 
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डीईओ छुट्टी पर थे, पत्र जारी करने वाले अधीक्षक को लगाई फटकार: डीईइओ 
डीईओ रविंद्र चौधरी कुछ दिनों से अवकाश पर हैं, इसलिए मामले को लेकर जब डीईईओ रोहताश वर्मा से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि डीईओ कार्यालय के एक अधीक्षक द्वारा आदेश जारी किए गए थे। इसके लिए उन्हें फटकार भी लगाई गई है, इस तरह के आदेश नहीं निकालने चाहिए। 

मामला मेरे संज्ञान में है, आदेशों की प्रति सिर्फ हमारे कार्यालय में ही थी। अभी हमारी तरफ से किसी को भेजी नहीं गई थी। इस आदेशों को वापस ले लिया गया है। जिला प्रशासन के साथ हुई बैठक के बाद इस तरह के आदेश निकाले गए थे। -चंद्रेश विज, डिप्टी डीईओ करनाल। 

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