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महापुरुषों की कोई जाति नहीं होती : प्रो. रामपाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। डीएवी पीजी महाविद्यालय में शुक्रवार काे समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर प्राचार्य प्रो. रामपाल सैनी ने विद्यार्थियों को महात्मा ज्योतिबा फुले की समाज सुधार में योगदान के बारे में अवगत कराया।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि महापुरुषों की कोई जाति नहीं होती। वे पूरी मानवजाति के लिए कार्य करते हैं। इसलिए हमें जाति, धर्म, संप्रदाय से ऊपर उठकर बिना किसी भेदभाव के सभी के लिए कार्य करने चाहिए, तभी हमारा देश महान और शक्तिशाली बनेगा।
प्राचार्या डॉ. रेखा ने बताया कि ज्योतिबा ने कई प्रमुख समाज सुधार आंदोलनों के अतिरिक्त हर क्षेत्र में आंदोलन किए, जिसमें कि उन्होंने सामाजिक और बौद्धिक स्तर पर लोगों को सामाजिक कुरुतियों, अंध विश्वासों, आडंबरों से मुक्त करने का कार्य किया। नारी शिक्षा, वंचितों की आवाज, समानता, न्याय और सामाजिक क्रांति के लिए ज्याेतिबा फुले प्रकाश स्तंभ थे।
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करनाल। डीएवी पीजी महाविद्यालय में शुक्रवार काे समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर प्राचार्य प्रो. रामपाल सैनी ने विद्यार्थियों को महात्मा ज्योतिबा फुले की समाज सुधार में योगदान के बारे में अवगत कराया।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि महापुरुषों की कोई जाति नहीं होती। वे पूरी मानवजाति के लिए कार्य करते हैं। इसलिए हमें जाति, धर्म, संप्रदाय से ऊपर उठकर बिना किसी भेदभाव के सभी के लिए कार्य करने चाहिए, तभी हमारा देश महान और शक्तिशाली बनेगा।
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प्राचार्या डॉ. रेखा ने बताया कि ज्योतिबा ने कई प्रमुख समाज सुधार आंदोलनों के अतिरिक्त हर क्षेत्र में आंदोलन किए, जिसमें कि उन्होंने सामाजिक और बौद्धिक स्तर पर लोगों को सामाजिक कुरुतियों, अंध विश्वासों, आडंबरों से मुक्त करने का कार्य किया। नारी शिक्षा, वंचितों की आवाज, समानता, न्याय और सामाजिक क्रांति के लिए ज्याेतिबा फुले प्रकाश स्तंभ थे।
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