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Karnal News: राजकीय स्कूलों को सफाई के लिए मिलेगा अनुदान
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करनाल। समग्र शिक्षा के तहत भारत सरकार की ओर से राजकीय स्कूलों के लिए स्कूल अनुदान (स्कूल ग्रांट) मिलेगी, जिसमें स्कूलों की सफाई, शिक्षण सहायक सामग्री (टीएलएम) और अन्य कार्यों के लिए उपयोग होगी।
यह राशि स्कूलों में छात्र संख्या के अनुसार अलग-अलग जारी की जाएगी। इसके लिए हरियाणा शिक्षा परियोजना परिषद ने राजकीय स्कूलों के मुखिया के नाम पत्र जारी किया है।
यह राशि पानी, बिजली, इंटरनेट के बिलों के भुगतान, स्कूल प्रांगण और भवन का रख-रखाव व मरम्मत, पौधरोपण, स्कूल में मुख्य वार्षिक दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों व वार्षिक खेलों का आयोजन, स्कूल प्रबंधन कमेटी बैठक को लेकर खर्च की जाएगी।
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परिषद का प्रयास है कि राजकीय स्कूलों में पीने का पानी, शौचालय की साफ-सफाई, शौचालयों में पानी की व्यवस्था को ठीक रखा जाए। हरियाणा शिक्षा परियोजना परिषद ने निर्देश दिए हैं कि स्कूलों को मिलने वाली ग्रांट का उपयोग अगस्त मास तक 80 प्रतिशत और नवंबर मास तक पूरी ग्रांट खर्च कर लें। यदि स्कूल को आवश्यकता है तो संपूर्ण स्कूल ग्रांट किसी भी माह (नवंबर) से पहले कर सकते हैं।
स्कूल प्रबंधन समिति को इस बात की ओर विशेष ध्यान देना होगा कि शौचालयों की साफ-सफाई रख-रखाव और सुरक्षित पेयजल सुविधा को प्राथमिकता दी जाए। इस जगह पर थोड़ी मरम्मत का कार्य किया जाना है, वहां कार्य करवाने से पहले और बाद में हुए परिवर्तन के फोटो रिकॉर्ड में अवश्य रखें। यदि मरम्मत के कार्य में कनिष्ठ अभियंता (जेई) की सलाह की आवश्यकता है तो सलाह अवश्य ली जाए। ब्यूरा
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यह राशि स्कूलों में छात्र संख्या के अनुसार अलग-अलग जारी की जाएगी। इसके लिए हरियाणा शिक्षा परियोजना परिषद ने राजकीय स्कूलों के मुखिया के नाम पत्र जारी किया है।
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यह राशि पानी, बिजली, इंटरनेट के बिलों के भुगतान, स्कूल प्रांगण और भवन का रख-रखाव व मरम्मत, पौधरोपण, स्कूल में मुख्य वार्षिक दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों व वार्षिक खेलों का आयोजन, स्कूल प्रबंधन कमेटी बैठक को लेकर खर्च की जाएगी।
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परिषद का प्रयास है कि राजकीय स्कूलों में पीने का पानी, शौचालय की साफ-सफाई, शौचालयों में पानी की व्यवस्था को ठीक रखा जाए। हरियाणा शिक्षा परियोजना परिषद ने निर्देश दिए हैं कि स्कूलों को मिलने वाली ग्रांट का उपयोग अगस्त मास तक 80 प्रतिशत और नवंबर मास तक पूरी ग्रांट खर्च कर लें। यदि स्कूल को आवश्यकता है तो संपूर्ण स्कूल ग्रांट किसी भी माह (नवंबर) से पहले कर सकते हैं।
स्कूल प्रबंधन समिति को इस बात की ओर विशेष ध्यान देना होगा कि शौचालयों की साफ-सफाई रख-रखाव और सुरक्षित पेयजल सुविधा को प्राथमिकता दी जाए। इस जगह पर थोड़ी मरम्मत का कार्य किया जाना है, वहां कार्य करवाने से पहले और बाद में हुए परिवर्तन के फोटो रिकॉर्ड में अवश्य रखें। यदि मरम्मत के कार्य में कनिष्ठ अभियंता (जेई) की सलाह की आवश्यकता है तो सलाह अवश्य ली जाए। ब्यूरा