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Karnal News: पारंपरिक विषयों तक सीमित राजकीय कॉलेज कौशल निखारने में दूर
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गगन तलवार
करनाल। सरकार युवाओं में कौशल बढ़ाने पर जोर दे रही है, लेकिन जिले के राजकीय कॉलेज ही युवाओं को कौशल निखारने से दूर हैं। ये संस्थान केवल पारंपरिक विषय एवं कोर्स में ही विद्यार्थियों को पढ़ाई कराने तक ही सीमित हैं। जबकि सेल्फ फाइनेंस और एडेड कॉलेज रोजगारपरक कोर्स संचालित करके युवाओं को आगे बढ़ा रहे हैं।
हालात यह हैं कि जिले के सभी 19 महाविद्यालयों में से महज आठ ही ऐसे संस्थान हैं, जहां पर अलग-अलग तरह के रोजगारपरक डिग्री कोर्स चल रहे हैं। इनमें भी सीटें सीमित ही हैं यानी चाहकर भी सभी विद्यार्थियों को यहां दाखिला नहीं मिल सकता। सभी कोर्स और संस्थानों की कुल मिलाकर 11 रोजगारपरक कोर्स में महज 660 ही सीट हैं। इनमें से भी करीब चार कोर्स बेटियों के कॉलेज में हैं। ऐसे में लड़कों को इन कोर्स में पढ़ाई की कोई संभावना भी नहीं है। मजबूरन उन्हें दूसरे जिलों या विश्वविद्यालयों का रुख करना पड़ता है।
वहीं रोजगारपरक डिग्री कोर्स संचालित करने वाले संस्थानों में केवल एकमात्र पंडित चिंरजीलाल शर्मा राजकीय पीजी कॉलेज ही राजकीय संस्थान है। जबकि अन्य किसी राजकीय संस्थान में रोजगारपरक कोर्स नहीं है। ये संस्थान केवल पारपंरिक पाठ्यक्रम बीए, बीकॉम, बीएससी आदि ही पढ़ाने तक सीमित हैं। ब्यूरो
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महज पांच फीसदी सीटें कौशल आधारित
यूं तो सरकार ने हर 20 किलोमीटर की दूरी पर एक महाविद्यालय स्थापित कर दिया है, लेकिन यहां पर सामान्य विषयों के अलावा कोई नया या विशेष कोर्स नहीं आया है। जिले के सभी 19 संस्थानों में स्नातक के 28 कोर्स चल रहे हैं, इनमें कुल 12405 सीट हैं। जबकि रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की सीटें इसका पांच फीसदी यानी 660 तक ही हैं। शिक्षाविद पूर्व प्रिंसिपल डॉ. रामजी लाल का कहना है कि सरकार को केवल कौशल बढ़ाने का दावा करने के साथ-साथ नया कोर्स भी संस्थानों में देना चाहिए।
ये रोजगारपरक कोर्स यहां संचालित
- बैचलर ऑफ फैशन डिजाइन : बुद्धा कॉलेज, गुरु ब्रह्मानंद कन्या महाविद्यालय अंजनथली, केवीए डीएवी कन्या महाविद्यालय (130 सीट)
- बैचलर ऑफ मास कॉम्यूनिकेशन : डीएवी पीजी कॉलेज, राजकीय पीजी कॉलेज (130 सीट)
- बैचलर ऑफ ट्यूरिज्म मैनेजमेंट : राजकीय पीजी कॉलेज, गुरु नानक खालसा कॉलेज (90 सीट)
- बैचलर ऑफ फिजिकल, हेल्थ एजूकेशन एंड स्पोर्ट्स : ग्रीनवुड डिग्री कॉलेज (60 सीट)
- बैचलर ऑफ फाइन आर्ट : बुद्धा कॉलेज (40 सीट)
- बैचरल ऑफ वौकेशन (बैंकिंग, फाइनेंशियल एंड बीमा) : गुरु नानक खालसा कॉलेज (40 सीट)
- बैचलर ऑफ फैशन एंड अपारल डिजाइन : ग्रीनवुड डिग्री कॉलेज (30 सीट)
- बैचलर ऑफ इंटिरियर डिजाइन : बुद्धा कॉलेज (30 सीट)
- बैचरल ऑफ वौकेशन (फैशन टेक्नोलॉजी) : केवीए डीएवी कन्या महाविद्यालय (30 सीट)
- बैचरल ऑफ वौकेशन (फूड सर्विस एंड क्वालिटी कंट्रोल) : केवीए डीएवी कन्या महाविद्यालय (30 सीट)
- सर्टिफिकेट कोर्स इन योग : ग्रीनवुड डिग्री कॉलेज (50 सीट)
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करनाल। सरकार युवाओं में कौशल बढ़ाने पर जोर दे रही है, लेकिन जिले के राजकीय कॉलेज ही युवाओं को कौशल निखारने से दूर हैं। ये संस्थान केवल पारंपरिक विषय एवं कोर्स में ही विद्यार्थियों को पढ़ाई कराने तक ही सीमित हैं। जबकि सेल्फ फाइनेंस और एडेड कॉलेज रोजगारपरक कोर्स संचालित करके युवाओं को आगे बढ़ा रहे हैं।
हालात यह हैं कि जिले के सभी 19 महाविद्यालयों में से महज आठ ही ऐसे संस्थान हैं, जहां पर अलग-अलग तरह के रोजगारपरक डिग्री कोर्स चल रहे हैं। इनमें भी सीटें सीमित ही हैं यानी चाहकर भी सभी विद्यार्थियों को यहां दाखिला नहीं मिल सकता। सभी कोर्स और संस्थानों की कुल मिलाकर 11 रोजगारपरक कोर्स में महज 660 ही सीट हैं। इनमें से भी करीब चार कोर्स बेटियों के कॉलेज में हैं। ऐसे में लड़कों को इन कोर्स में पढ़ाई की कोई संभावना भी नहीं है। मजबूरन उन्हें दूसरे जिलों या विश्वविद्यालयों का रुख करना पड़ता है।
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वहीं रोजगारपरक डिग्री कोर्स संचालित करने वाले संस्थानों में केवल एकमात्र पंडित चिंरजीलाल शर्मा राजकीय पीजी कॉलेज ही राजकीय संस्थान है। जबकि अन्य किसी राजकीय संस्थान में रोजगारपरक कोर्स नहीं है। ये संस्थान केवल पारपंरिक पाठ्यक्रम बीए, बीकॉम, बीएससी आदि ही पढ़ाने तक सीमित हैं। ब्यूरो
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महज पांच फीसदी सीटें कौशल आधारित
यूं तो सरकार ने हर 20 किलोमीटर की दूरी पर एक महाविद्यालय स्थापित कर दिया है, लेकिन यहां पर सामान्य विषयों के अलावा कोई नया या विशेष कोर्स नहीं आया है। जिले के सभी 19 संस्थानों में स्नातक के 28 कोर्स चल रहे हैं, इनमें कुल 12405 सीट हैं। जबकि रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की सीटें इसका पांच फीसदी यानी 660 तक ही हैं। शिक्षाविद पूर्व प्रिंसिपल डॉ. रामजी लाल का कहना है कि सरकार को केवल कौशल बढ़ाने का दावा करने के साथ-साथ नया कोर्स भी संस्थानों में देना चाहिए।
ये रोजगारपरक कोर्स यहां संचालित
- बैचलर ऑफ फैशन डिजाइन : बुद्धा कॉलेज, गुरु ब्रह्मानंद कन्या महाविद्यालय अंजनथली, केवीए डीएवी कन्या महाविद्यालय (130 सीट)
- बैचलर ऑफ मास कॉम्यूनिकेशन : डीएवी पीजी कॉलेज, राजकीय पीजी कॉलेज (130 सीट)
- बैचलर ऑफ ट्यूरिज्म मैनेजमेंट : राजकीय पीजी कॉलेज, गुरु नानक खालसा कॉलेज (90 सीट)
- बैचलर ऑफ फिजिकल, हेल्थ एजूकेशन एंड स्पोर्ट्स : ग्रीनवुड डिग्री कॉलेज (60 सीट)
- बैचलर ऑफ फाइन आर्ट : बुद्धा कॉलेज (40 सीट)
- बैचरल ऑफ वौकेशन (बैंकिंग, फाइनेंशियल एंड बीमा) : गुरु नानक खालसा कॉलेज (40 सीट)
- बैचलर ऑफ फैशन एंड अपारल डिजाइन : ग्रीनवुड डिग्री कॉलेज (30 सीट)
- बैचलर ऑफ इंटिरियर डिजाइन : बुद्धा कॉलेज (30 सीट)
- बैचरल ऑफ वौकेशन (फैशन टेक्नोलॉजी) : केवीए डीएवी कन्या महाविद्यालय (30 सीट)
- बैचरल ऑफ वौकेशन (फूड सर्विस एंड क्वालिटी कंट्रोल) : केवीए डीएवी कन्या महाविद्यालय (30 सीट)
- सर्टिफिकेट कोर्स इन योग : ग्रीनवुड डिग्री कॉलेज (50 सीट)