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40. गीता महोत्सव में दिखी गीता महोत्सव में दिखी हरियाणवी संस्कृति की झलक, झूमे प्रतिभागी और दर्शक
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। कर्ण नगरी में जिला स्तरीय तीन दिवसीय गीता महोत्सव का रविवार को आगाज हुआ। गीता महोत्सव में पहले दिन हरियाणवी संस्कृति की झलक दिखाई दी। रंगारंग प्रस्तुतियों में प्रतिभागियों के अलावा दर्शक भी झूमे। पंचायत भवन में शुरू हुए महोत्सव में पहले दिन सुबह यज्ञ, दोपहर में प्रदर्शनी और शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रमों में कलाकारों एवं स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों ने श्रीमद्भागवत गीता और संस्कृति पर आधारित नृत्य, नाटक और गीतों की प्रस्तुतियों से समा बांधा।
ढोल नगाड़े जैसे वाद्य यंत्रों के साथ तीन दिवसीय गीता जयंती कार्यक्रमों का शानदार आगाज हुआ। सुबह मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि संजय बठला ने यज्ञ में शिरकत की और मंत्रोच्चारण के साथ आहुतियां डाली। दोपहर में हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने सूचना, जन संपर्क एवं भाषा विभाग द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का उद्घाटन कर अवलोकन किया। वहीं शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रमों का मेयर रेणू बाला गुप्ता ने दीप जलाकर आगाज किया।
बंचारी की नगाड़ा पार्टी व संगोही की बीन पार्टी ने समूचे कार्यक्रम को सुर-ताल से बांधे रखा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान सूफी गायक कुलबीर सिंह और लोक कलाकार हेमंत शर्मा की प्रस्तुतियों पर दर्शक झूमे। दोनों ने गीता की रचना, श्री कृष्ण लीला और देश भक्ति पर आधिारित प्रस्तुतियां दी। हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, शुरुआती ग्रामीण उद्यमिता कार्यक्त्रस्म, स्वयं सहायता समूह के उत्पाद व फास्ट फूड के स्टॉल भी लगे।
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कार्यक्रम के ओवरऑल इंचार्ज एवं एडीसी योगेश कुमार, नोडल अधिकारी एवं नगर निगम के संयुक्त आयुक्त गगनदीप सिंह, असंध के एसडीएम मनदीप कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी राजपाल चौधरी, निगम के डीएमसी धीरज कुमार और ईओ देवेन्द्र नरवाल उपस्थित रहे। ब्यूरो
स्वतंत्रता संग्राम पर आधारित रही प्रदर्शनी और रंगोली
प्रदर्शनी में भारत के स्वतंत्रता संग्राम में हरियाणा के योगदान की कहानी को अभिलेखों व तस्वीरों से दर्शाया गया है। वहीं परिसर में ही स्कूली बच्चों द्वारा गीता और स्वतंत्रता संग्राम पर आधारित रंगोली भी बनाई। जिसका लोगों ने अवलोकन भी किया। कलाकारों ने हरियाणवी भाषा में 1857 की क्रांति के एक प्रसंग को लघु नाटिका के रूप में प्रस्तुत किया। महोत्सव के दूसरे दिन सोमवार को सुबह के सत्र में प्रदर्शनी व सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इसमें नीलोखेड़ी के विधायक धर्मपाल गोंदर और असंध के विधायक शमशेर सिंह गोगी पहुंचेंगे। सुबह 10 बजे कलाकार नुसरत खान व स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी। सुबह 11.30 बजे से विकास सदन में गीता सार विषय पर सेमिनार होगा। जिसमें शिक्षाविद गीता पर अपने विचार रखेंगे। शाम के सत्र 5 बजे शुरू होगा, जिसमें हरियाणवी कलाकर समूह अनिल मस्ताना, धर्म सिंह गायक एवं विभागीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियां दी जाएंगी। कार्यक्रम में घरौंडा के विधायक हरविन्द्र कल्याण मुख्यातिथि के रूप में शिरकत करेंगे।
अतिथियों ने यह दिया संदेश -
जीवन जीने की कला है गीता : संजय बठला
मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि संजय बठला ने कहा कि गीता जीवन जीने की कला व मानव को संपूर्णता की ओर ले जाने की मार्गदर्शिका है। गीता के एक-एक श्लोक में जीवन मूल्य, अलौकिक रहस्य, जीवन शैली, सद्व्यवहार और कर्म करने का उल्लेख है। हर व्यक्ति को गीता अपने जीवन से आत्मसात करना चाहिए।
गीता में हर विपत्ति का हल : वीरेंद्र सिंह
हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि गीता एक ऐसा मार्गदर्शक है जिसका अध्ययन कर मनुष्य बड़ी से बड़ी विपत्ति को सहजता से सहन कर सकता है और इसके स्मरण मात्र से ही व्यक्ति जीवन-मृत्यु के बंधन से मुक्त हो जाता है। गीता जैसे ग्रंथ हमारी समृद्ध संस्कृति से जुड़ी अमूल्य धरोहर हैं। मेयर रेणू बाला गुप्ता ने कहा कि कुरुक्षेत्र को पहले महाभारत युद्ध स्थली के नाम से जाना जाता था, परंतु आज इसे गीता जन्म स्थली के रूप में पहचान मिली है।
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करनाल। कर्ण नगरी में जिला स्तरीय तीन दिवसीय गीता महोत्सव का रविवार को आगाज हुआ। गीता महोत्सव में पहले दिन हरियाणवी संस्कृति की झलक दिखाई दी। रंगारंग प्रस्तुतियों में प्रतिभागियों के अलावा दर्शक भी झूमे। पंचायत भवन में शुरू हुए महोत्सव में पहले दिन सुबह यज्ञ, दोपहर में प्रदर्शनी और शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रमों में कलाकारों एवं स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों ने श्रीमद्भागवत गीता और संस्कृति पर आधारित नृत्य, नाटक और गीतों की प्रस्तुतियों से समा बांधा।
ढोल नगाड़े जैसे वाद्य यंत्रों के साथ तीन दिवसीय गीता जयंती कार्यक्रमों का शानदार आगाज हुआ। सुबह मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि संजय बठला ने यज्ञ में शिरकत की और मंत्रोच्चारण के साथ आहुतियां डाली। दोपहर में हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने सूचना, जन संपर्क एवं भाषा विभाग द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का उद्घाटन कर अवलोकन किया। वहीं शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रमों का मेयर रेणू बाला गुप्ता ने दीप जलाकर आगाज किया।
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बंचारी की नगाड़ा पार्टी व संगोही की बीन पार्टी ने समूचे कार्यक्रम को सुर-ताल से बांधे रखा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान सूफी गायक कुलबीर सिंह और लोक कलाकार हेमंत शर्मा की प्रस्तुतियों पर दर्शक झूमे। दोनों ने गीता की रचना, श्री कृष्ण लीला और देश भक्ति पर आधिारित प्रस्तुतियां दी। हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, शुरुआती ग्रामीण उद्यमिता कार्यक्त्रस्म, स्वयं सहायता समूह के उत्पाद व फास्ट फूड के स्टॉल भी लगे।
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कार्यक्रम के ओवरऑल इंचार्ज एवं एडीसी योगेश कुमार, नोडल अधिकारी एवं नगर निगम के संयुक्त आयुक्त गगनदीप सिंह, असंध के एसडीएम मनदीप कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी राजपाल चौधरी, निगम के डीएमसी धीरज कुमार और ईओ देवेन्द्र नरवाल उपस्थित रहे। ब्यूरो
स्वतंत्रता संग्राम पर आधारित रही प्रदर्शनी और रंगोली
प्रदर्शनी में भारत के स्वतंत्रता संग्राम में हरियाणा के योगदान की कहानी को अभिलेखों व तस्वीरों से दर्शाया गया है। वहीं परिसर में ही स्कूली बच्चों द्वारा गीता और स्वतंत्रता संग्राम पर आधारित रंगोली भी बनाई। जिसका लोगों ने अवलोकन भी किया। कलाकारों ने हरियाणवी भाषा में 1857 की क्रांति के एक प्रसंग को लघु नाटिका के रूप में प्रस्तुत किया। महोत्सव के दूसरे दिन सोमवार को सुबह के सत्र में प्रदर्शनी व सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इसमें नीलोखेड़ी के विधायक धर्मपाल गोंदर और असंध के विधायक शमशेर सिंह गोगी पहुंचेंगे। सुबह 10 बजे कलाकार नुसरत खान व स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी। सुबह 11.30 बजे से विकास सदन में गीता सार विषय पर सेमिनार होगा। जिसमें शिक्षाविद गीता पर अपने विचार रखेंगे। शाम के सत्र 5 बजे शुरू होगा, जिसमें हरियाणवी कलाकर समूह अनिल मस्ताना, धर्म सिंह गायक एवं विभागीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियां दी जाएंगी। कार्यक्रम में घरौंडा के विधायक हरविन्द्र कल्याण मुख्यातिथि के रूप में शिरकत करेंगे।
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जीवन जीने की कला है गीता : संजय बठला
मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि संजय बठला ने कहा कि गीता जीवन जीने की कला व मानव को संपूर्णता की ओर ले जाने की मार्गदर्शिका है। गीता के एक-एक श्लोक में जीवन मूल्य, अलौकिक रहस्य, जीवन शैली, सद्व्यवहार और कर्म करने का उल्लेख है। हर व्यक्ति को गीता अपने जीवन से आत्मसात करना चाहिए।
गीता में हर विपत्ति का हल : वीरेंद्र सिंह
हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि गीता एक ऐसा मार्गदर्शक है जिसका अध्ययन कर मनुष्य बड़ी से बड़ी विपत्ति को सहजता से सहन कर सकता है और इसके स्मरण मात्र से ही व्यक्ति जीवन-मृत्यु के बंधन से मुक्त हो जाता है। गीता जैसे ग्रंथ हमारी समृद्ध संस्कृति से जुड़ी अमूल्य धरोहर हैं। मेयर रेणू बाला गुप्ता ने कहा कि कुरुक्षेत्र को पहले महाभारत युद्ध स्थली के नाम से जाना जाता था, परंतु आज इसे गीता जन्म स्थली के रूप में पहचान मिली है।