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मोटी कमाई के लिए कर रहे थे कोख में कत्ल
करनाल/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jul 2015 01:00 AM IST
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बस स्टैंड के पास स्थित इनेलो के पूर्व विधायक डॉ. अशोक कश्यप के अस्पताल
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में लिंग जांच का खेल कई साल से चल रहा था। जांच के लिए आठ से दस हजार
रुपये लिए जाते थे।
इस संबंध में स्वास्थ्य अौर पुलिस विभाग की टीम को अस्पताल से महत्वपूर्ण तथ्य मिले हैं। यह भी खुलासा हुआ है कि लिंग जांच की सुविधा केवल बाहरी लोगों के लिए ही थी। जब्त रिकॉर्ड के अनुसार लिंग जांच ज्यादातर अंबाला की महिलाओं की ही होती थी।
एजेंट के माध्यम से इस कार्य का अंजाम दिया जाता था। एक केस पर बिचौलिए को पांच हजार रुपये तक मिलते थे। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम जब्त रिकॉर्ड को खंगालने में जुटी है।
करनाल के डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेंद्र ने अमर उजाला को बताया कि पहले भी इस बारे में शिकायतें आती थी, लेकिन कोई पुख्ता मामला सामने नहीं आया था।
इस बार डॉक्टर को मौके से ही लिंग जांच करते काबू किया गया है। एक महिला से इसके लिए 13 हजार रुपये वसूले गए थे। इनमें से आठ हजार रुपये डॉक्टर के पास रहते, जबकि पांच हजार रुपये बिचौलिये को मिलते। अस्पताल से बरामद रिकॉर्ड के अनुसार, यहां पर ज्यादातर अंबाला के आसपास की महिलाओं का अल्ट्रासाउंड किया गया है।
आशंका जताई जा रही है कि यह सारा खेल अंबाला के एक बिचौलिए के माध्यम से चल रहा था। यह खेल कई साल से चल रहा था, इसके सबूत भी मिले हैं।
अस्पताल से बरामद रिकॉर्ड में किसी से आठ हजार रुपये तो किसी से दस हजार रुपये लेना दर्ज है। ये पैसे डॉक्टर के नाम के लिखे गए है, जबकि बिचौलिये के पैसे अलग से होते हैं। ऐसे में एक गर्भवती महिला के गर्भ में पल रहे भ्रूण की लिंग जांच के लिए करीब 1 3 से 15 हजार रुपये लिए जाते थे। डॉ. राजेंद्र ने बताया कि अस्पताल से बरामद रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। अल्ट्रासाउंड मशीन और दवाइयों की दुकान को सील कर दिया है।
अंबाला टीम पहुंची पहले, करनाल की बाद में
छापामार कार्रवाई अंबाला की टीम ने की। अंबाला की टीम ने ही पूरे मामले की रणनीति तैयार की और छापा मारा। प्रशासन को पहले से ही अंदाजा था कि मामला एक पार्टी से जुड़ा होने के कारण तनाव हो सकता है। इसलिए भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा। इस पूरी कार्रवाई की अंबाला की टीम ने स्थानीय प्रशासन को जरा सी भी भनक नहीं लगने दी। सुबह आठ बजे अंबाला के अधिकारियों ने छापा मारकर डॉक्टर को काबू कर लिया। इसके बाद करनाल के डॉक्टर पहुंचे और कागजी कार्रवाई की। इस बारे में डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेंद्र का कहना है कि पूरा मामला अंबाला से ही जुड़ा था। उनके पास ही बिचौलिए के तार थे। इसलिए वहां की टीम ने यह मामला पकड़ा है।
सुबह से हो गई शाम
सुबह टीम सात बजे ही इंद्री पहुंच गई थी। जांच कराने के लिए महिला भी साढ़े सात बजे पहुंच गई। डाक्टर ने लिंग जांच की और रिपोर्ट दी, तो टीम ने उसे काबू कर लिया। इस दौरान पूरे अस्पताल को टीम और पुलिस ने घेरे रखा। इसके बावजूद एक व्यक्ति आठ हजार रुपये लेकर भाग निकला।
समर्थक बोले, राजनीति के तहत फंसाया
छापामार कार्रवाई के दौरान इनेलो कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की भीड़ लगी रही। इनेलो के हलका स्तरीय वरिष्ठ कार्यकर्ता और पदाधिकारी नौरती राम, जगीर सिंह, अल्ली अब्बास, हरि किशन, राजेन्द्र, बलिन्द्र भादसों, प्रेम उड़ाना, गुलाब सिंह, समेर आदि ने कहा कि डॉ. अशोक कश्यप पर राजनीति से प्रेरित होकर कार्रवाई की गई है। उन्हें षड़यंत्र के तहत फंसाया गया है। हम इस मामले की जांच की मांग करेंगे।
कानून सबके के लिए बराबर
अतिरिक्त उपायुक्त गिरिश अरोड़ा ने कहा कि कानून के समक्ष सभी बराबर हैं। प्रशासन दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा। डॉक्टर का काम जिंदगी बचाना है, किसी की जान लेना नहीं। छोटी सोच के लोग चोरी छिपे लिंग जांच के कार्य में लगे हैं। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस संबंध में स्वास्थ्य अौर पुलिस विभाग की टीम को अस्पताल से महत्वपूर्ण तथ्य मिले हैं। यह भी खुलासा हुआ है कि लिंग जांच की सुविधा केवल बाहरी लोगों के लिए ही थी। जब्त रिकॉर्ड के अनुसार लिंग जांच ज्यादातर अंबाला की महिलाओं की ही होती थी।
एजेंट के माध्यम से इस कार्य का अंजाम दिया जाता था। एक केस पर बिचौलिए को पांच हजार रुपये तक मिलते थे। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम जब्त रिकॉर्ड को खंगालने में जुटी है।
करनाल के डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेंद्र ने अमर उजाला को बताया कि पहले भी इस बारे में शिकायतें आती थी, लेकिन कोई पुख्ता मामला सामने नहीं आया था।
इस बार डॉक्टर को मौके से ही लिंग जांच करते काबू किया गया है। एक महिला से इसके लिए 13 हजार रुपये वसूले गए थे। इनमें से आठ हजार रुपये डॉक्टर के पास रहते, जबकि पांच हजार रुपये बिचौलिये को मिलते। अस्पताल से बरामद रिकॉर्ड के अनुसार, यहां पर ज्यादातर अंबाला के आसपास की महिलाओं का अल्ट्रासाउंड किया गया है।
आशंका जताई जा रही है कि यह सारा खेल अंबाला के एक बिचौलिए के माध्यम से चल रहा था। यह खेल कई साल से चल रहा था, इसके सबूत भी मिले हैं।
अस्पताल से बरामद रिकॉर्ड में किसी से आठ हजार रुपये तो किसी से दस हजार रुपये लेना दर्ज है। ये पैसे डॉक्टर के नाम के लिखे गए है, जबकि बिचौलिये के पैसे अलग से होते हैं। ऐसे में एक गर्भवती महिला के गर्भ में पल रहे भ्रूण की लिंग जांच के लिए करीब 1 3 से 15 हजार रुपये लिए जाते थे। डॉ. राजेंद्र ने बताया कि अस्पताल से बरामद रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। अल्ट्रासाउंड मशीन और दवाइयों की दुकान को सील कर दिया है।
अंबाला टीम पहुंची पहले, करनाल की बाद में
छापामार कार्रवाई अंबाला की टीम ने की। अंबाला की टीम ने ही पूरे मामले की रणनीति तैयार की और छापा मारा। प्रशासन को पहले से ही अंदाजा था कि मामला एक पार्टी से जुड़ा होने के कारण तनाव हो सकता है। इसलिए भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा। इस पूरी कार्रवाई की अंबाला की टीम ने स्थानीय प्रशासन को जरा सी भी भनक नहीं लगने दी। सुबह आठ बजे अंबाला के अधिकारियों ने छापा मारकर डॉक्टर को काबू कर लिया। इसके बाद करनाल के डॉक्टर पहुंचे और कागजी कार्रवाई की। इस बारे में डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेंद्र का कहना है कि पूरा मामला अंबाला से ही जुड़ा था। उनके पास ही बिचौलिए के तार थे। इसलिए वहां की टीम ने यह मामला पकड़ा है।
सुबह से हो गई शाम
सुबह टीम सात बजे ही इंद्री पहुंच गई थी। जांच कराने के लिए महिला भी साढ़े सात बजे पहुंच गई। डाक्टर ने लिंग जांच की और रिपोर्ट दी, तो टीम ने उसे काबू कर लिया। इस दौरान पूरे अस्पताल को टीम और पुलिस ने घेरे रखा। इसके बावजूद एक व्यक्ति आठ हजार रुपये लेकर भाग निकला।
समर्थक बोले, राजनीति के तहत फंसाया
छापामार कार्रवाई के दौरान इनेलो कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की भीड़ लगी रही। इनेलो के हलका स्तरीय वरिष्ठ कार्यकर्ता और पदाधिकारी नौरती राम, जगीर सिंह, अल्ली अब्बास, हरि किशन, राजेन्द्र, बलिन्द्र भादसों, प्रेम उड़ाना, गुलाब सिंह, समेर आदि ने कहा कि डॉ. अशोक कश्यप पर राजनीति से प्रेरित होकर कार्रवाई की गई है। उन्हें षड़यंत्र के तहत फंसाया गया है। हम इस मामले की जांच की मांग करेंगे।
कानून सबके के लिए बराबर
अतिरिक्त उपायुक्त गिरिश अरोड़ा ने कहा कि कानून के समक्ष सभी बराबर हैं। प्रशासन दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा। डॉक्टर का काम जिंदगी बचाना है, किसी की जान लेना नहीं। छोटी सोच के लोग चोरी छिपे लिंग जांच के कार्य में लगे हैं। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।