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मैक्सिको में आठ माह की जेल भुगत चुके युवक ने लौटकर बताई आपबीती, पुलिस ने यूएसए भेजने वाले दो एजेंटों को किया गिरफ्तार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 08 Nov 2019 02:06 AM IST
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लोगों को फर्जी तरीके से यूएसए भेजने वाले दो एजेंटो को पुलिस की सीआईए-1 टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने पानीपत के गांव कुराना निवासी एक युवक से 16.50 लाख रुपये ठगे थे। वह युवक यूएसए नहीं पहुंचा और मैक्सिको में ही पकड़ा गया था। इस कारण उसे आठ माह की जेल भी काटनी पड़ी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया हुआ है। इसके अलावा आरोपियों ने 25 से 30 अन्य युवकों को भी इसी तरीके से यूएसए भेजा है। इसमें पंजाब के भी युवक शामिल हैं।
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असंध में था दोनों आरोपियों का ऑफिस
एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने बताया कि एक नवंबर को पानीपत के कुराना निवासी बलवान ने असंध थाने में शिकायत दी थी कि वर्ष 2018 में उसके बेटे जितेंद्र को यूएसए भेजने के लिए आरोपी मेहर सिंह निवासी पोपड़ा हाल ही सफीदों रोड असंध और गुरजंट निवासी डेरा जोगा डाचर रोड जलमाना असंध ने 40 लाख रुपये मांगे थे। इसमें उन्होंने अलग-अलग किस्तों में दोनों आरोपियों को 16.50 लाख रुपये दिए थे। उसके बेटे को आरोपियों ने अन्य देश भेज दिया इसके बाद उसे मैक्सिको भेजा वहां दीवार फांदने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। आठ माह की सजा काटने के बाद उसका बेटा भारत लौटा। बलवान की शिकायत पर तुरंत मामला दर्ज कर लिया गया और इसकी जांच सीआईए- 1 टीम इंस्पेक्टर दीपेंद्र राणा को दी गई। उन्होंने एसआई जयनारायण की अध्यक्षता में एक टीम का गठन कर चार नवंबर को दोनों आरोपी मेहर सिंह और गुरजंट को गिरफ्तार कर लिया।
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जंगलों के रास्ते भेजते हैं यूएसए, जिसे कहते हैं डांकी, भेजने वाला डोंकर
एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने बताया कि ये फर्जी एजेंट युवकों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। ये जंगलों के रास्ते युवकों को यूएसए भेजते हैं इस दौरान कई युवक मर भी चुके हैं। डांकी वीजा पर जब युवक विदेश जाते हैं तो इन्हें इक्वाडोर, कोलंबिया, पैनामा, कोस्टा रिका, निकारागुआ, हैंडयुरास, ग्वाटेमाला, मैक्सिको और वहां से दीवार फांदने के बाद यूएसए में एंट्री कराई जाती है। इससे पहले डोंकर इन युवकों को रिसीव करते हैं। बर्फ, नदियों और जंगलों के रास्ते मैक्सिको बार्ड तक ले जाते हैं। इस बीच यदि कोई युवक बीमार होता है, उसे वहीं छोड़ देते हैं ऐसे में कई बच्चों की जान भी जा चुकी है।
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रजिस्टर्ड एजेंट से ही लगवाएं वीजा, फर्जी की दें शिकायत : एसपी
एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने बताया कि इस मामले में अभिभावकों को भी जागरूक होना पड़ेगा। वे इन फर्जी एजेंटों के बहकावे में ना आएं। यदि उन्हें अपने बच्चे को विदेश भेजना है तो वे रजिस्टर्ड एजेंट से ही वीजा लगवाएं। यदि इस तरह फर्जी एजेंट ने किसी से रुपये ठगे हैं तो वह पुलिस को शिकायत दे, जिस पर तुरंत कार्रवाई होगी।

एंबेसी से भी आती हैं शिकायतें
एसपी ने बताया कि फर्जी तरीके से विदेश भेजने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इस तरह की शिकायतें उनके पास एंबेसी से भी आ रही हैं तो वहीं लोग भी शिकायत दे रहे हैं मैक्सिको में काफी संख्या में भारतीय युवा जेल में बंद भी हैं।
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