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Karnal News: शामली के ध्यानार्थ... हत्या के बाद चचेरे भाई के लोडिंग वाहन से लाए शव
Thu, 21 Aug 2025 01:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Thu, 21 Aug 2025 01:02 AM IST
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- पर्ची पर लिखे मोबाइल नंबर ने कुलसुम की पहचान करा पुलिस को दोनों आरोपियों तक पहुंचाया
साइड स्टोरी
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। भाई रेहान ने बहन कुलसुम की हत्या कर पकड़े न जाएं इसलिए बचने का खेल रचा। इसके बाद कैराना से चालक चचेरे भाई फरमान के लोडिंग वाहन में बहन की लाश को लादकर रात में हरियाणा सीमा में घुसे और सवेरा होने से पहले इंद्री के उमरपुर गांव में सुनसान जगह देखकर झाड़ियों में फेंक दिया। किशोरी कुलसुम के कपड़ों में मिली पर्ची ने उन्हें फंसा दिया।
एसपी गंगाराम पूनिया ने बताया कि पर्ची पर दो मोबाइल नंबर लिखे हुए थे। इन नंबरों ने न केवल कुलसुम की पहचान कराई, बल्कि बुधवार का दिन ढलने से पहले आरोपियों तक भी पहुंचा दिया। उन्होंने बताया कि आरोपी भाई को बहन के किसी के साथ संबंध होने का शक था, इसलिए वह उसे कैराना से अपने साथ ले जाना चाहता था, बहन ने भाई की बात नहीं मानी तभी उसने हत्या का षडयंत्र रचा। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद जिस वाहन से शव लाया गया था, उसे भी कब्जे में ले लिया है।
करनाल पहुंची मृतका की बड़ी बहन अरशी ने बताया कि तीन साल पहले कुलसुम की शादी कैराना में की गई थी लेकिन उसकी शादी ज्यादा समय तक चली नहीं थी। इसके बाद से वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगी। वह अकेले कैराना में रह रही थी। मूल रूप से बाबरी के रहने वाले उनके पिता इकराम की करीब 10 साल पहले और उनकी मां नसीम की छह साल पहले मौत हो चुकी है।
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150 मीटर तक चलाया तलाशी अभियान
उमरपुर में बुधवार को जिस जगह पर कुलसुम का शव मिला, तब तक उसकी पहचान नहीं हुई थी। हत्या या हादसा के एंगल पर जांच करते हुए पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के लिए आसपास के 150 मीटर तक तलाशी अभियान चलाया।
चप्पल न मिलने से लगा कहीं से लाया गया है शव
इंद्री के डीएसपी सतीश गौतम ने बताया कि शव की स्थिति को देखते हुए हत्या का केस दर्ज करके जांच शुरू की है। उन्होंने बताया कि जहां शव मिला, वहां पर किसी भी तरह के हादसे, झगड़े के दौरान संघर्ष आदि के निशान नहीं मिले। न ही मृतका की चप्पल या जूते बरामद हुए। ऐसे में यह स्पष्ट हो गया था कि हत्या करके शव यहां लाया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी हत्या का खुलासा होगा। शव यहां कैसे पहुंचा, इसका खुलासा सीसीटीवी कैमरों से हुआ।
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साइड स्टोरी
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। भाई रेहान ने बहन कुलसुम की हत्या कर पकड़े न जाएं इसलिए बचने का खेल रचा। इसके बाद कैराना से चालक चचेरे भाई फरमान के लोडिंग वाहन में बहन की लाश को लादकर रात में हरियाणा सीमा में घुसे और सवेरा होने से पहले इंद्री के उमरपुर गांव में सुनसान जगह देखकर झाड़ियों में फेंक दिया। किशोरी कुलसुम के कपड़ों में मिली पर्ची ने उन्हें फंसा दिया।
एसपी गंगाराम पूनिया ने बताया कि पर्ची पर दो मोबाइल नंबर लिखे हुए थे। इन नंबरों ने न केवल कुलसुम की पहचान कराई, बल्कि बुधवार का दिन ढलने से पहले आरोपियों तक भी पहुंचा दिया। उन्होंने बताया कि आरोपी भाई को बहन के किसी के साथ संबंध होने का शक था, इसलिए वह उसे कैराना से अपने साथ ले जाना चाहता था, बहन ने भाई की बात नहीं मानी तभी उसने हत्या का षडयंत्र रचा। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद जिस वाहन से शव लाया गया था, उसे भी कब्जे में ले लिया है।
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करनाल पहुंची मृतका की बड़ी बहन अरशी ने बताया कि तीन साल पहले कुलसुम की शादी कैराना में की गई थी लेकिन उसकी शादी ज्यादा समय तक चली नहीं थी। इसके बाद से वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगी। वह अकेले कैराना में रह रही थी। मूल रूप से बाबरी के रहने वाले उनके पिता इकराम की करीब 10 साल पहले और उनकी मां नसीम की छह साल पहले मौत हो चुकी है।
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150 मीटर तक चलाया तलाशी अभियान
उमरपुर में बुधवार को जिस जगह पर कुलसुम का शव मिला, तब तक उसकी पहचान नहीं हुई थी। हत्या या हादसा के एंगल पर जांच करते हुए पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के लिए आसपास के 150 मीटर तक तलाशी अभियान चलाया।
चप्पल न मिलने से लगा कहीं से लाया गया है शव
इंद्री के डीएसपी सतीश गौतम ने बताया कि शव की स्थिति को देखते हुए हत्या का केस दर्ज करके जांच शुरू की है। उन्होंने बताया कि जहां शव मिला, वहां पर किसी भी तरह के हादसे, झगड़े के दौरान संघर्ष आदि के निशान नहीं मिले। न ही मृतका की चप्पल या जूते बरामद हुए। ऐसे में यह स्पष्ट हो गया था कि हत्या करके शव यहां लाया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी हत्या का खुलासा होगा। शव यहां कैसे पहुंचा, इसका खुलासा सीसीटीवी कैमरों से हुआ।