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Karnal News: खेल नर्सरियों की जांच में मिली खामियां
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। खेल विभाग की ओर से खेल नर्सरियों के आवेदन की प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है। जिले के लिए खेल नर्सरियों के लिए आए आवेदन की जांच प्रक्रिया समाप्त होने वाली है, लेकिन उसी बीच कई खेल नर्सरियों के हालात ठीक नहीं मिले है। जांच करने गए कोच को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और उनका समय बर्बाद हुआ।
आवेदन के समय सभी जानकारी दी गई थीं, लेकिन मौके पर कई कमियां मिलीं। कई लोगों ने उपकरण पूरे न होने के बाद भी आवेदन कर रखे थे। एथलेटिक्स कोच ऋषि ने बताया कि कई लोगों के पास खुद का खेल मैदान तक नहीं है और उन्होंने खेल नर्सरी के लिए आवेदन कर रखा है। उन्होंने बताया कि कई जगहों पर तो न तो वॉलीबॉल का नेट है और न ही कबड्डी का मैदान है। ऐसे में नर्सरी में अभ्यास करने के आने वाले खिलाड़ियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने ने बताया कि इस कि रिपोर्ट खेल अधिकारी को सौंप दी गई है और दो दिन के बाद रिपोर्ट को भेजा जा सकता है।
उन्होंने बताया कि 221 निजी और 32 सरकारी खेल नर्सरी के आवेदन आए थे। इनमें सबसे ज्यादा आवेदन वॉलीबॉल व कबड्डी खेल के लिए आए है। जिला खेल विभाग की ओर से बनाई गई जांच कमेटी की जांच की प्रक्रिया अब लगभग समाप्त हो चुकी है और जो मैदान रह गए हैं उनकी भी दो दिन के अंदर जांच पूरी कर दी जाएगी।
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वर्जन
खेल विभाग की ओर से खेल नर्सरी के लिए आए आवेदन की जांच प्रक्रिया अब समाप्त होने वाली है, लगभग हर एक खेल नर्सरी की जांच हो चुकी है। बची हुईं खेल नर्सरी की भी जल्द से जल्द जांच पूरी की जाएगी। खेल नर्सरी की रिपोर्ट जिला खेल अधिकारी को सौंपेंगे और उसके बाद खेल उप निदेशक के पास यह रिपोर्ट जाएगी। इस बार उम्मीद है कि जिले को 80 से अधिक खेल नर्सरी मिलेंगी। -राजबीर रंगा, जिला खेल अधिकारी
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करनाल। खेल विभाग की ओर से खेल नर्सरियों के आवेदन की प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है। जिले के लिए खेल नर्सरियों के लिए आए आवेदन की जांच प्रक्रिया समाप्त होने वाली है, लेकिन उसी बीच कई खेल नर्सरियों के हालात ठीक नहीं मिले है। जांच करने गए कोच को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और उनका समय बर्बाद हुआ।
आवेदन के समय सभी जानकारी दी गई थीं, लेकिन मौके पर कई कमियां मिलीं। कई लोगों ने उपकरण पूरे न होने के बाद भी आवेदन कर रखे थे। एथलेटिक्स कोच ऋषि ने बताया कि कई लोगों के पास खुद का खेल मैदान तक नहीं है और उन्होंने खेल नर्सरी के लिए आवेदन कर रखा है। उन्होंने बताया कि कई जगहों पर तो न तो वॉलीबॉल का नेट है और न ही कबड्डी का मैदान है। ऐसे में नर्सरी में अभ्यास करने के आने वाले खिलाड़ियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने ने बताया कि इस कि रिपोर्ट खेल अधिकारी को सौंप दी गई है और दो दिन के बाद रिपोर्ट को भेजा जा सकता है।
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उन्होंने बताया कि 221 निजी और 32 सरकारी खेल नर्सरी के आवेदन आए थे। इनमें सबसे ज्यादा आवेदन वॉलीबॉल व कबड्डी खेल के लिए आए है। जिला खेल विभाग की ओर से बनाई गई जांच कमेटी की जांच की प्रक्रिया अब लगभग समाप्त हो चुकी है और जो मैदान रह गए हैं उनकी भी दो दिन के अंदर जांच पूरी कर दी जाएगी।
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खेल विभाग की ओर से खेल नर्सरी के लिए आए आवेदन की जांच प्रक्रिया अब समाप्त होने वाली है, लगभग हर एक खेल नर्सरी की जांच हो चुकी है। बची हुईं खेल नर्सरी की भी जल्द से जल्द जांच पूरी की जाएगी। खेल नर्सरी की रिपोर्ट जिला खेल अधिकारी को सौंपेंगे और उसके बाद खेल उप निदेशक के पास यह रिपोर्ट जाएगी। इस बार उम्मीद है कि जिले को 80 से अधिक खेल नर्सरी मिलेंगी। -राजबीर रंगा, जिला खेल अधिकारी