{"_id":"6abd5874a74744c3ee0732b4","slug":"fix-your-mind-on-the-lords-feet-not-on-worldly-illusion-devi-chitralekha-karnal-news-c-18-knl1018-1003160-2026-10-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"माया के पीछे नहीं, प्रभु चरणों में लगाएं मन : देवी चित्रलेखा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
माया के पीछे नहीं, प्रभु चरणों में लगाएं मन : देवी चित्रलेखा
विज्ञापन
जानकारी देती देवी चित्रलेखा। संवाद
करनाल। सेक्टर-12 स्थित गोल्डन मोमेंट्स में श्री खाटू श्याम कीर्तन मंडल की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास देवी चित्रलेखा ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संदेश देते हुए कहा कि संसार में हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में माया के पीछे भटक रहा है, जबकि मनुष्य को माया के पीछे नहीं, बल्कि प्रभु के चरणों में ध्यान लगाना चाहिए।
देवी चित्रलेखा ने कथा प्रांगण को सुमति की फैक्टरी बताते हुए कहा कि यहां मनुष्य की मति को सुमति में बदला जाता है। यदि जीवन में कोई सच्चा संत या रसिक महात्मा मिल जाए तो उसकी शरण में जाना चाहिए, क्योंकि वही व्यक्ति को भगवान के चरणों तक पहुंचाने में सहायक बनता है। पत्रकारों से बातचीत में देवी चित्रलेखा ने कहा कि मोबाइल स्वयं बुरा नहीं होता, बल्कि उसका उपयोग करने वाले की सोच उसे अच्छा या बुरा बनाती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि चाकू एक ही होता है, लेकिन चोर उसे गलत कार्य में इस्तेमाल करता है, जबकि डॉक्टर उसी चाकू से जीवन बचाता है।
श्रद्धालुओं को बताया कथा का महत्व
करनाल। सेक्टर-13 के श्री गीता भवन में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धालुओं को कथा का महत्व बताते हुए ज्ञानमंगलदास स्वामी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से मनुष्य भवसागर से पार हो जाता है। इसलिए सभी श्रद्धालुओं को सातों दिन शांत भाव से बैठकर कथा का श्रवण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपनी नेक कमाई में से जरूरतमंदों के लिए दान अवश्य करना चाहिए। मंदिर सभा के प्रधान कैलाश चंद गुप्ता ने व अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
प्रभु को दिखावा पसंद नहीं : योगेश उपाध्याय
करनाल। श्री कर्णेश्वरम महादेव मंदिर में सखी मंडली की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में बुधवार को मेयर रेणु बाला गुप्ता पहुंची। कथा व्यास आचार्य योगेश उपाध्याय ने कहा कि प्रभु को किसी प्रकार का दिखावा पसंद नहीं है। मनुष्य को चाहिए कि वह जैसा है, उसी रूप में सच्चे मन से भगवान के सामने जाए।
इस दौरान आचार्य योगेश ने भजन भी गाए। इस अवसर पर सुनीता बंसल, नरेश बंसल, सुनील गोयल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। संवाद
जयकारों और भजनों से गूंजा कथा स्थल
तरावड़ी। श्रीराम सेवा मंडल की ओर से पितृपक्ष के अवसर पर आयोजित श्रीराम कथा स्थल भगवान श्रीराम के जयकारों और भजनों से गूंज उठा। कथा में प्रवचन करते अनंत आनंद तरुण लखन ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, सत्य, त्याग, सेवा और धर्म का संदेश देता है। उनके आदर्शो को जीवन में अपनाकर मनुष्य अपने परिवार और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। सुरेश गर्ग, रजनीश लूथरा, संत लाल दुआ, रमेश, गंगा राम व अन्य मौजूद रहे।
श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का किया वर्णन
घरौंडा। नगर खेड़े पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में महंत स्वामी विवेकानंद सरस्वती महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव और बाल लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी की मध्यरात्रि में हुआ था। इसी कारण भक्त भगवान के जन्मोत्सव को हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा में भगवान श्रीकृष्ण के अवतार का प्रसंग कंस के अत्याचारों से जुड़ा हुआ है। संवाद
विज्ञापन
देवी चित्रलेखा ने कथा प्रांगण को सुमति की फैक्टरी बताते हुए कहा कि यहां मनुष्य की मति को सुमति में बदला जाता है। यदि जीवन में कोई सच्चा संत या रसिक महात्मा मिल जाए तो उसकी शरण में जाना चाहिए, क्योंकि वही व्यक्ति को भगवान के चरणों तक पहुंचाने में सहायक बनता है। पत्रकारों से बातचीत में देवी चित्रलेखा ने कहा कि मोबाइल स्वयं बुरा नहीं होता, बल्कि उसका उपयोग करने वाले की सोच उसे अच्छा या बुरा बनाती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि चाकू एक ही होता है, लेकिन चोर उसे गलत कार्य में इस्तेमाल करता है, जबकि डॉक्टर उसी चाकू से जीवन बचाता है।
विज्ञापन
श्रद्धालुओं को बताया कथा का महत्व
करनाल। सेक्टर-13 के श्री गीता भवन में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धालुओं को कथा का महत्व बताते हुए ज्ञानमंगलदास स्वामी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से मनुष्य भवसागर से पार हो जाता है। इसलिए सभी श्रद्धालुओं को सातों दिन शांत भाव से बैठकर कथा का श्रवण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपनी नेक कमाई में से जरूरतमंदों के लिए दान अवश्य करना चाहिए। मंदिर सभा के प्रधान कैलाश चंद गुप्ता ने व अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
प्रभु को दिखावा पसंद नहीं : योगेश उपाध्याय
करनाल। श्री कर्णेश्वरम महादेव मंदिर में सखी मंडली की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में बुधवार को मेयर रेणु बाला गुप्ता पहुंची। कथा व्यास आचार्य योगेश उपाध्याय ने कहा कि प्रभु को किसी प्रकार का दिखावा पसंद नहीं है। मनुष्य को चाहिए कि वह जैसा है, उसी रूप में सच्चे मन से भगवान के सामने जाए।
इस दौरान आचार्य योगेश ने भजन भी गाए। इस अवसर पर सुनीता बंसल, नरेश बंसल, सुनील गोयल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। संवाद
जयकारों और भजनों से गूंजा कथा स्थल
तरावड़ी। श्रीराम सेवा मंडल की ओर से पितृपक्ष के अवसर पर आयोजित श्रीराम कथा स्थल भगवान श्रीराम के जयकारों और भजनों से गूंज उठा। कथा में प्रवचन करते अनंत आनंद तरुण लखन ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, सत्य, त्याग, सेवा और धर्म का संदेश देता है। उनके आदर्शो को जीवन में अपनाकर मनुष्य अपने परिवार और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। सुरेश गर्ग, रजनीश लूथरा, संत लाल दुआ, रमेश, गंगा राम व अन्य मौजूद रहे।
श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का किया वर्णन
घरौंडा। नगर खेड़े पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में महंत स्वामी विवेकानंद सरस्वती महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव और बाल लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी की मध्यरात्रि में हुआ था। इसी कारण भक्त भगवान के जन्मोत्सव को हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा में भगवान श्रीकृष्ण के अवतार का प्रसंग कंस के अत्याचारों से जुड़ा हुआ है। संवाद