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त्योहारी सीजन में फायर फाइटिंग सिस्टम की होगी जांच
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। दशहरा और दिवाली जैसे बड़े त्योहारों पर खासतौर पर आतिशबाजी होती है, पटाखे छोड़े जाते हैं। जिसमें अग्नि दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। जिसे देखते हुए नगर निगम आयुक्त अजय सिंह तोमर ने जिले के पटाखा गोदामों के साथ-साथ होटल, बैंक्वेट हॉलों, अस्पतालों, मैरिज पैलेस जैसे भवनों में फायर फाइटिंग सिस्टम चेक करने के निर्देश दिए हैं। चेतावनी दी है कि जहां आग बुझाने की पर्याप्त और मानक के अनुरूप व्यवस्था नहीं होगी तो उस संस्थान को नोटिस देकर सील किया जाएगा।
शहरी क्षेत्र में हजारों की संख्या में उद्योग हैं, बड़े बाजार हैं, बड़े भवन हैं, लेकिन अग्निशमन की व्यवस्था अपेक्षाकृत काफी कम है। जून से अगस्त 2022 तक कार्यालय में विभिन्न सेवाओं के लिए सिर्फ 197 आवेदन आए हैं। इनमें से 106 अनुमोदित किए गए, 49 रद्द हुए तथा 42 लंबित हैं। इस अवधि में नेशनल बिल्डिंग कोड-2016 पार्ट-4 के अनुसार आठ संस्थानों को फायर फाइटिंग स्कीम जारी की गई, 11 संस्थानों को नई फायर एनओसी और 87 संस्थानों की फायर एनओसी का नवीकरण किया गया।
बाजारों में रहेगी विशेष सतर्कता
निगमायुक्त ने बताया कि अगले महीने से दशहरा-दिवाली जैसे बड़े त्यौहार आएंगे। इनमें पटाखे-आतिशबाजी का प्रयोग होता है और इनसे आगजनी की घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। बाजारों में खास निगरानी रहेगी। इसे देखते हुए अग्निशमन शाखा के अधिकारी-कर्मचारी जिले के पटाखा गोदामों में जाकर फायर फाइटिंग सिस्टम चेक करेंगे। संवेदनशीलता को देखते अग्निशमन स्टाफ की छुट्टियां रद्द की जा सकती हैं और सुरक्षा मजबूत करने की दृष्टि से फायर टेंडर को पुलिस थाने, ऑडिटोरियम और सेक्टर-12 जैसी जगहों पर खड़ा करेंगे, ताकि आग लगने की सूरत में घटना स्थल तक पहुंचने के लिए कम से कम समय लगे। निगमायुक्त ने बताया कि जिला जेल में वार्डरों को फायर फाइटिंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अग्निशमन शाखा के अधिकारी हर सप्ताह वहां जाते हैं, जो प्रदेश की दूसरी जेलों से ट्रेनिंग के लिए आने वाले वार्डरों को प्रशिक्षण देते हैं। अग्निशमन शाखा अब तक ऐसे करीब 500 वार्डरों को प्रशिक्षण दे चुकी है।
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बनाए जाएंगे अस्थाई फायर स्टेशन
निगमायुक्त ने बताया कि वर्तमान में जिले में करनाल, इंद्री, तरावड़ी, असंध, घरौंड़ा व नीलोखेड़ी में फायर स्टेशन मौजूद हैं। इनमें कुल स्टाफ की संख्या 179 तथा अग्निशमन वाहनों की संख्या 29 है। निसिंग नगर पालिका में फायर स्टेशन नहीं है, इसके लिए नगर पालिका से जगह उपलब्ध करवाने बारे लिखा जाएगा। करनाल अर्बन में सेक्टर-4 और जुंडला गेट में फायर स्टेशन हैं। शहर में काफी भीड़भाड़ रहती है, ऐेसे में यदि कहीं आग लगती है तो लाइन पार एरिया आदि जैसे स्थानों पर पहुंचने में अधिक समय लग सकता है। इसे देखते हुए लाइन पार एरिया में अस्थाई फायर स्टेशन बनाया जाएगा। जिसमें एक-दो फायर टेंडर खड़ा कर सकेंगे।
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करनाल। दशहरा और दिवाली जैसे बड़े त्योहारों पर खासतौर पर आतिशबाजी होती है, पटाखे छोड़े जाते हैं। जिसमें अग्नि दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। जिसे देखते हुए नगर निगम आयुक्त अजय सिंह तोमर ने जिले के पटाखा गोदामों के साथ-साथ होटल, बैंक्वेट हॉलों, अस्पतालों, मैरिज पैलेस जैसे भवनों में फायर फाइटिंग सिस्टम चेक करने के निर्देश दिए हैं। चेतावनी दी है कि जहां आग बुझाने की पर्याप्त और मानक के अनुरूप व्यवस्था नहीं होगी तो उस संस्थान को नोटिस देकर सील किया जाएगा।
शहरी क्षेत्र में हजारों की संख्या में उद्योग हैं, बड़े बाजार हैं, बड़े भवन हैं, लेकिन अग्निशमन की व्यवस्था अपेक्षाकृत काफी कम है। जून से अगस्त 2022 तक कार्यालय में विभिन्न सेवाओं के लिए सिर्फ 197 आवेदन आए हैं। इनमें से 106 अनुमोदित किए गए, 49 रद्द हुए तथा 42 लंबित हैं। इस अवधि में नेशनल बिल्डिंग कोड-2016 पार्ट-4 के अनुसार आठ संस्थानों को फायर फाइटिंग स्कीम जारी की गई, 11 संस्थानों को नई फायर एनओसी और 87 संस्थानों की फायर एनओसी का नवीकरण किया गया।
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बाजारों में रहेगी विशेष सतर्कता
निगमायुक्त ने बताया कि अगले महीने से दशहरा-दिवाली जैसे बड़े त्यौहार आएंगे। इनमें पटाखे-आतिशबाजी का प्रयोग होता है और इनसे आगजनी की घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। बाजारों में खास निगरानी रहेगी। इसे देखते हुए अग्निशमन शाखा के अधिकारी-कर्मचारी जिले के पटाखा गोदामों में जाकर फायर फाइटिंग सिस्टम चेक करेंगे। संवेदनशीलता को देखते अग्निशमन स्टाफ की छुट्टियां रद्द की जा सकती हैं और सुरक्षा मजबूत करने की दृष्टि से फायर टेंडर को पुलिस थाने, ऑडिटोरियम और सेक्टर-12 जैसी जगहों पर खड़ा करेंगे, ताकि आग लगने की सूरत में घटना स्थल तक पहुंचने के लिए कम से कम समय लगे। निगमायुक्त ने बताया कि जिला जेल में वार्डरों को फायर फाइटिंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अग्निशमन शाखा के अधिकारी हर सप्ताह वहां जाते हैं, जो प्रदेश की दूसरी जेलों से ट्रेनिंग के लिए आने वाले वार्डरों को प्रशिक्षण देते हैं। अग्निशमन शाखा अब तक ऐसे करीब 500 वार्डरों को प्रशिक्षण दे चुकी है।
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बनाए जाएंगे अस्थाई फायर स्टेशन
निगमायुक्त ने बताया कि वर्तमान में जिले में करनाल, इंद्री, तरावड़ी, असंध, घरौंड़ा व नीलोखेड़ी में फायर स्टेशन मौजूद हैं। इनमें कुल स्टाफ की संख्या 179 तथा अग्निशमन वाहनों की संख्या 29 है। निसिंग नगर पालिका में फायर स्टेशन नहीं है, इसके लिए नगर पालिका से जगह उपलब्ध करवाने बारे लिखा जाएगा। करनाल अर्बन में सेक्टर-4 और जुंडला गेट में फायर स्टेशन हैं। शहर में काफी भीड़भाड़ रहती है, ऐेसे में यदि कहीं आग लगती है तो लाइन पार एरिया आदि जैसे स्थानों पर पहुंचने में अधिक समय लग सकता है। इसे देखते हुए लाइन पार एरिया में अस्थाई फायर स्टेशन बनाया जाएगा। जिसमें एक-दो फायर टेंडर खड़ा कर सकेंगे।