{"_id":"68d1ae57d99a435f340a51bd","slug":"fir-will-be-lodged-if-stubble-is-burnt-fine-will-be-levied-incentives-will-be-given-if-management-is-done-properly-karnal-news-c-18-knl1008-743960-2025-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: पराली जलाई तो दर्ज होगी एफआईआर, भुगतना होगा जुर्माना, प्रबंधन किया तो मिलेगी प्रोत्साहन राशि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: पराली जलाई तो दर्ज होगी एफआईआर, भुगतना होगा जुर्माना, प्रबंधन किया तो मिलेगी प्रोत्साहन राशि
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। अगर किसी किसान ने पराली जलाई तो उस पर एफआईआर दर्ज होगी। साथ में जुर्माना भी लगाया जाएगा। यहां तक की दो साल यानी तीन सीजन तक किसान अपनी फसल को ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर दर्ज करवा मंडी में एमएसपी पर भी नहीं बेच पाएगा। उसकी रिकॉर्ड में रेड एंट्री दर्ज कर दी जाएगी। पराली में आग लगाने वाले किसानों पर वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1981 के अंतर्गत धारा 39 और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 के अंतर्गत धारा 223(ए) के अंतर्गत संबंधित थाना में एफआईआर दर्ज करवाई जा रही है।
दूसरी अगर किसान ने अपनी पराली का प्रबंधन किया तो उसे सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यहां तक की पराली प्रबंधन के लिए कृषि यंत्र खरीदने पर अनुदान भी दिया जाएगा। पराली जलाने की घटनाओं को रोकने और किसानों को प्रबंधन की जानकारी देने के लिए कृषि विभाग की ओर से जिले में सात कंट्रोल रूम बनाए हैं। यहां किसान पराली प्रबंधन से लेकर कृषि यंत्र खरीदने की प्रक्रिया और किसी भी प्रकार की समस्या का समाधान ले सकते हैं।
पराली जाने पर रोक के लिए जिला सतरीय, खंड व तहसील स्तरीय व गांव स्तरीय कमेटी एवं एन्फोर्समेंट टीम का गठन किया गया है। इन टीमों में लगभग 750 अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। पिछले वर्ष 2024 में भारत सरकार ने आगजनी की जुर्माना राशि दो गुना बढ़ा दी है।
विज्ञापन
सजा का प्रावधान:
प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम 1981 के अंतर्गत धारा 39 उन आदेशों या निर्देशों के उल्लंघन करने पर तीन महीने तक की जेल, या दस हजार रुपये तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं। अगर उल्लंघन जारी रहता है तो प्रतिदिन पांच हजार रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया जा सकता है। भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 223 (ए) में जब ऐसे आदेश की अवज्ञा के कारण किसी व्यक्ति को असुविधा, परेशानी या चोट लगती है या इसका खतरा पैदा होता है। इसके लिए अधिकतम छह महीने तक कारावास या 2,500 रुपये तक जुर्माना या दोनों से हो सकते हैं।
कंट्रोल रूम इंचार्ज और संपर्क
करनाल : गौरव मेहला खंड कृषि अधिकारी - 94166-39696
घरौंडा : राहुल दहिया खंड कृषि अधिकारी - 87084-59384
इंद्री : अश्वनी कम्बोज खंड कृषि अधिकारी - 81681-40732
निसिंग : कर्मवीर गिरी खंड कृषि अधिकारी - 94166-56600
नीलोखेडी : रामपाल खंड कृषि अधिकारी 94163-93447
असंध : बलदेव खंड कृषि अधिकारी 98965-15375
उपनिदेशक कृषि कार्यालय करनाल : पुनीत डाटा एंट्री ऑपरेटर 0184-2272623
विज्ञापन
करनाल। अगर किसी किसान ने पराली जलाई तो उस पर एफआईआर दर्ज होगी। साथ में जुर्माना भी लगाया जाएगा। यहां तक की दो साल यानी तीन सीजन तक किसान अपनी फसल को ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर दर्ज करवा मंडी में एमएसपी पर भी नहीं बेच पाएगा। उसकी रिकॉर्ड में रेड एंट्री दर्ज कर दी जाएगी। पराली में आग लगाने वाले किसानों पर वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1981 के अंतर्गत धारा 39 और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 के अंतर्गत धारा 223(ए) के अंतर्गत संबंधित थाना में एफआईआर दर्ज करवाई जा रही है।
दूसरी अगर किसान ने अपनी पराली का प्रबंधन किया तो उसे सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यहां तक की पराली प्रबंधन के लिए कृषि यंत्र खरीदने पर अनुदान भी दिया जाएगा। पराली जलाने की घटनाओं को रोकने और किसानों को प्रबंधन की जानकारी देने के लिए कृषि विभाग की ओर से जिले में सात कंट्रोल रूम बनाए हैं। यहां किसान पराली प्रबंधन से लेकर कृषि यंत्र खरीदने की प्रक्रिया और किसी भी प्रकार की समस्या का समाधान ले सकते हैं।
विज्ञापन
पराली जाने पर रोक के लिए जिला सतरीय, खंड व तहसील स्तरीय व गांव स्तरीय कमेटी एवं एन्फोर्समेंट टीम का गठन किया गया है। इन टीमों में लगभग 750 अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। पिछले वर्ष 2024 में भारत सरकार ने आगजनी की जुर्माना राशि दो गुना बढ़ा दी है।
विज्ञापन
सजा का प्रावधान:
प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम 1981 के अंतर्गत धारा 39 उन आदेशों या निर्देशों के उल्लंघन करने पर तीन महीने तक की जेल, या दस हजार रुपये तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं। अगर उल्लंघन जारी रहता है तो प्रतिदिन पांच हजार रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया जा सकता है। भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 223 (ए) में जब ऐसे आदेश की अवज्ञा के कारण किसी व्यक्ति को असुविधा, परेशानी या चोट लगती है या इसका खतरा पैदा होता है। इसके लिए अधिकतम छह महीने तक कारावास या 2,500 रुपये तक जुर्माना या दोनों से हो सकते हैं।
कंट्रोल रूम इंचार्ज और संपर्क
करनाल : गौरव मेहला खंड कृषि अधिकारी - 94166-39696
घरौंडा : राहुल दहिया खंड कृषि अधिकारी - 87084-59384
इंद्री : अश्वनी कम्बोज खंड कृषि अधिकारी - 81681-40732
निसिंग : कर्मवीर गिरी खंड कृषि अधिकारी - 94166-56600
नीलोखेडी : रामपाल खंड कृषि अधिकारी 94163-93447
असंध : बलदेव खंड कृषि अधिकारी 98965-15375
उपनिदेशक कृषि कार्यालय करनाल : पुनीत डाटा एंट्री ऑपरेटर 0184-2272623