{"_id":"69309ba5dce7907dd804b7a1","slug":"fewer-guests-lavish-decorations-and-a-filmy-style-entry-karnal-news-c-18-agr1041-793248-2025-12-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: कम मेहमान, शानदार सजावट और फिल्मी स्टाइल में एंट्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: कम मेहमान, शानदार सजावट और फिल्मी स्टाइल में एंट्री
Thu, 04 Dec 2025 01:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Thu, 04 Dec 2025 01:50 AM IST
विज्ञापन
मानसी मौर्य
करनाल। विवाह आयोजनों में तेजी से बदलाव आ रहा है। पारंपरिक शादी की जगह अब युवा आउटडोर और डेस्टिनेशन शादी को प्राथमिकता दे रहे हैं। कम मेहमान, शानदार सजावट, थीम बेस्ड समारोह और फिल्मी स्टाइल एंट्री हर शादी का हिस्सा बन रही है। इवेंट प्लानर का कहना है कि शादी को यादगार बनाया जा रहा है। मेंहदी, हल्दी और रिंग सेरेमनी जैसे सभी समारोह थीम बेस्ड होने लगे हैं। इवेंट प्लानर को बुक किया और तैयारी के सभी झंझटों से मुक्त हो गए।
इवेंट प्लानर पंकज ने बताया कि दो साल से शादी के आयोजन में तेजी से बदलाव आया है। लोग कम रिश्तेदारों के साथ शहर से बाहर समारोह पसंद कर रहे हैं। त्रियोगी नारायण मंदिर, जो उत्तराखंड में है, में बहुत शादियां हो रही हैं। जयपुर में चाैकधानी, थानवा पैलेस बुक कराया जा रहा है। हिमाचल का कसौली भी शादी के लिए पसंद किया जा रहा है। दोनों परिवारों के सदस्यों को मिलाकर केवल 100 से 120 लोग इन शादियों में शामिल होते हैं। दो दिनों का खर्चा 30 लाख तक होता है। सात से आठ लाख रुपये डेकोरेशन का खर्चा तो वहीं 15 से 20 लाख रुपये खाने पर खर्च होता है। सात से आठ लाख रुपये में रहने की व्यवस्था हो जाती है। संवाद
-कार्निवल शादी का नया चलन
शादी को एक इवेंट के रूप में देखा जाने लगा है। हल्दी और मेहंदी के लिए अलग डेकोरेशन व थीम बेस्ड परिधान होते हैं। परिवार थीम के हिसाब से परिधान पहनता है। लड़के का परिवार एक थीम पर और लड़की का परिवार परिवार अन्य थीम पर पोशाक पहनता है। इस सीजन में कार्निवल वेडिंग भी की जा रही हैं। इसमें शादी के हर फंक्शन में अलग-अलग कलाकार को बुलाया जाता है। किसी आयोजन में जोकर, किसी में जादूगर और किसी चार्ली चैपलिन, मिक्की माउस के वेश में कलाकार बुलाए जाते हैं। एक मेले जैसा दृश्य बनाया जाता है। खर्चा लगभग 10 से 15 लाख रुपये तक का आता है।
विज्ञापन
-चाैखीढाणी पैलेस में शादी, 40 लाख का खर्च
सेक्टर-6 निवासी रजनीश गुप्ता ने बताया कि उन्होंने पिछले माह अपने बेटे की शादी जयपुर के चाैखीढाणी में की थी। उन्होंने बताया कि उनका एक ही बेटा है। वह डेस्टिनेशन वेडिंग करना चाहता है। उन्होंने बताया कि चार दिनों का खर्चा करीब 40 लाख रुपये रहा। सब इंतजाम वेडिंग प्लानर ने किया। केवल परिवार के सदस्यों को जगह पर जाना था।
--
-उत्तराखंड में शादी, 20 लाख रुपये हुए खर्च
मॉडल टाउन निवासी निवेश ने उत्तराखंड के त्रियोगी नारायण मंदिर में विवाह समारोह का आयोजन किया था। बोले कि शादी एक यादगार पल होता है। परिवार का सपना था कि कहीं बाहर शादी की जाए। उन्होंने जिले के इवेंट प्लानर को बुक किया। उन्होंने 40 लोगों के रहने-खाने व हर समारोह को यादगार बनाने का बेहतर प्रबंधन किया। दो दिन की शादी पर करीब 20 लाख रुपये खर्च हुए।
विज्ञापन
करनाल। विवाह आयोजनों में तेजी से बदलाव आ रहा है। पारंपरिक शादी की जगह अब युवा आउटडोर और डेस्टिनेशन शादी को प्राथमिकता दे रहे हैं। कम मेहमान, शानदार सजावट, थीम बेस्ड समारोह और फिल्मी स्टाइल एंट्री हर शादी का हिस्सा बन रही है। इवेंट प्लानर का कहना है कि शादी को यादगार बनाया जा रहा है। मेंहदी, हल्दी और रिंग सेरेमनी जैसे सभी समारोह थीम बेस्ड होने लगे हैं। इवेंट प्लानर को बुक किया और तैयारी के सभी झंझटों से मुक्त हो गए।
इवेंट प्लानर पंकज ने बताया कि दो साल से शादी के आयोजन में तेजी से बदलाव आया है। लोग कम रिश्तेदारों के साथ शहर से बाहर समारोह पसंद कर रहे हैं। त्रियोगी नारायण मंदिर, जो उत्तराखंड में है, में बहुत शादियां हो रही हैं। जयपुर में चाैकधानी, थानवा पैलेस बुक कराया जा रहा है। हिमाचल का कसौली भी शादी के लिए पसंद किया जा रहा है। दोनों परिवारों के सदस्यों को मिलाकर केवल 100 से 120 लोग इन शादियों में शामिल होते हैं। दो दिनों का खर्चा 30 लाख तक होता है। सात से आठ लाख रुपये डेकोरेशन का खर्चा तो वहीं 15 से 20 लाख रुपये खाने पर खर्च होता है। सात से आठ लाख रुपये में रहने की व्यवस्था हो जाती है। संवाद
विज्ञापन
-कार्निवल शादी का नया चलन
शादी को एक इवेंट के रूप में देखा जाने लगा है। हल्दी और मेहंदी के लिए अलग डेकोरेशन व थीम बेस्ड परिधान होते हैं। परिवार थीम के हिसाब से परिधान पहनता है। लड़के का परिवार एक थीम पर और लड़की का परिवार परिवार अन्य थीम पर पोशाक पहनता है। इस सीजन में कार्निवल वेडिंग भी की जा रही हैं। इसमें शादी के हर फंक्शन में अलग-अलग कलाकार को बुलाया जाता है। किसी आयोजन में जोकर, किसी में जादूगर और किसी चार्ली चैपलिन, मिक्की माउस के वेश में कलाकार बुलाए जाते हैं। एक मेले जैसा दृश्य बनाया जाता है। खर्चा लगभग 10 से 15 लाख रुपये तक का आता है।
विज्ञापन
-चाैखीढाणी पैलेस में शादी, 40 लाख का खर्च
सेक्टर-6 निवासी रजनीश गुप्ता ने बताया कि उन्होंने पिछले माह अपने बेटे की शादी जयपुर के चाैखीढाणी में की थी। उन्होंने बताया कि उनका एक ही बेटा है। वह डेस्टिनेशन वेडिंग करना चाहता है। उन्होंने बताया कि चार दिनों का खर्चा करीब 40 लाख रुपये रहा। सब इंतजाम वेडिंग प्लानर ने किया। केवल परिवार के सदस्यों को जगह पर जाना था।
-उत्तराखंड में शादी, 20 लाख रुपये हुए खर्च
मॉडल टाउन निवासी निवेश ने उत्तराखंड के त्रियोगी नारायण मंदिर में विवाह समारोह का आयोजन किया था। बोले कि शादी एक यादगार पल होता है। परिवार का सपना था कि कहीं बाहर शादी की जाए। उन्होंने जिले के इवेंट प्लानर को बुक किया। उन्होंने 40 लोगों के रहने-खाने व हर समारोह को यादगार बनाने का बेहतर प्रबंधन किया। दो दिन की शादी पर करीब 20 लाख रुपये खर्च हुए।