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Karnal News: बुखार उतर नहीं रहा, जांच रिपोर्ट का इंतजार बढ़ा रही परेशानी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 22 Sep 2026 01:01 AM IST
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Fever not subsiding; wait for test reports adding to the anxiety.
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संवाद
करनाल। डेंगू का बुखार मरीजों को जितना परेशान कर रहा है, उतनी ही परेशानी जांच रिपोर्ट के इंतजार के कारण हो रही है। जिला नागरिक अस्पताल में डेंगू की जांच के लिए नमूने देने के बाद मरीजों को रिपोर्ट मिलने में चार से पांच दिन तक लग रहे हैं। इस दौरान बुखार से तप रहे मरीज और उनके परिजन बीमारी की पुष्टि और आगे के उपचार को लेकर असमंजस में रहते हैं। समय पर रिपोर्ट नहीं मिलने के कारण कई मरीजों को मजबूरी में निजी लैब का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे उनकी जेब पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है।
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मरीजों और परिजनों का कहना है कि डेंगू के लक्षण सामने आने के बाद सबसे बड़ी चिंता बीमारी की पुष्टि को लेकर होती है। सरकारी अस्पताल में जांच के लिए सैंपल देने के बावजूद रिपोर्ट कई दिन बाद मिलती है। ऐसे में मरीजों को या तो रिपोर्ट का इंतजार करना पड़ता है या फिर निजी लैब में दोबारा जांच करानी पड़ती है।
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अस्पताल आने वाले संदिग्ध मरीजों की जांच प्रक्रिया में सैंपल लेने के बाद रिपोर्ट तैयार होने में समय लग रहा है। मरीजों के अनुसार कई बार रोजाना सैंपल नहीं लगाए जाते, जिससे रिपोर्ट मिलने में और देरी हो जाती है। बुखार, शरीर में दर्द, कमजोरी और प्लेटलेट्स को लेकर चिंता के बीच मरीज लगातार अस्पताल के चक्कर काटने को मजबूर हैं। परिजनों का कहना है कि बीमारी की स्थिति स्पष्ट नहीं होने से यह तय करना मुश्किल हो जाता है कि मरीज को किस तरह का उपचार दिलाया जाए। रिपोर्ट आने तक कई परिवार मानसिक तनाव में रहते हैं।
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जल्दी की वजह से निजी लैब जा रहे मरीज
मरीज केशव ने कहा कि जिन मरीजों को जल्द रिपोर्ट की जरूरत होती है, वे निजी लैब में जांच कराने का विकल्प चुन रहे हैं। इससे सरकारी अस्पताल में जांच कराने के बावजूद उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह स्थिति और मुश्किल पैदा कर रही है।
मरीज कौशल का कहना है कि यदि सरकारी अस्पताल में सैंपल लेने और जांच रिपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया नियमित हो जाए तो उन्हें निजी लैब में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे समय और पैसा दोनों बचेंगे। मरीज अमन का कहना है कि डेंगू के संदिग्ध मामलों में समय पर जांच रिपोर्ट मिलना मरीज और चिकित्सक दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।

जिला अस्पताल में डेंगू के संदिग्ध मरीजों के सैंपल की संख्या काफी कम है। एलिसा जांच के लिए पर्याप्त सैंपल होने पर बैचवार जांच की जाती है, ताकि जांच प्रक्रिया व्यवस्थित रूप से संचालित की जा सके। - डॉ. सरिता, पीएमओ, जिला नागरिक अस्पताल
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