फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Farmers worried about the announcement of strike on PR paddy started reaching grain markets

अनाज मंडियों में पहुंचने लगा पीआर धान पर हड़ताल के एलान से चिंतित किसान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 12 Sep 2022 02:36 AM IST
विज्ञापन
Farmers worried about the announcement of strike on PR paddy started reaching grain markets
ईलम सिंह
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन

करनाल। हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन की ओर से 19 सितंबर से प्रदेशभर की अनाज मंडियों में हड़ताल के एलान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि खेतों में धान की फसल तैयार हो चुकी है। नए सीजन का पीआर धान अनाज मंडियों में पहुंचने भी लगा है। धान का सरकारी भाव भले ही 2060 से 2040 रुपये हो, लेकिन अभी मंडियों में ये धान 1900 से 1950 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा जा रहा है। आलम ये है कि किसान संगठनों के साथ भाजपा के पदाधिकारी भी सरकार को पत्र लिखकर धान की खरीद को 15 सितंबर से शुरू कराने की मांग कर रहे हैं।
धान की 1509 जैसी कुछ प्रजातियां तो 60 दिन में ही पक जाती हैं। किसान भी पीआर 113, पीआर 126, पीआर 109, एचआरके 120 आदि जल्दी पकने वाली प्रजातियों को ही अधिक लगाते हैं। वहीं अन्य प्रजातियों का धान 90 दिन में पककर तैयार हो जाता है। किसान संगठनों का तर्क है कि सरकार स्वयं कहती है कि धान लगाने की तिथि 15 जून है। इस हिसाब से 90 दिन 15 सितंबर को पूरे हो जाते हैं, ऐसे में सरकार को धान की सरकारी खरीद 15 सितंबर से शुरू कर देना चाहिए। हालांकि पिछले वर्षों में देखा गया है कि सरकारी खरीद एक अक्तूबर को शुरू होती है यानी 15 दिन विलंब से।
विज्ञापन

विदित हो कि ज्यादातर आढ़ती राइस मिलर्स हैं। ऐसे में वे चाहते हैं कि धान की खरीद एक अक्तूबर या उसके बाद शुरू हो, ताकि वह किसानों की मजबूरी का फायदा उठा सकें। कारण कि किसानों के पास धान भंडारण के संसाधन नहीं है और फसल तैयार होने के बाद मंडी में लाना उनकी मजबूरी है। ऐसे में यदि सरकारी खरीद नहीं होती तो आढ़ती और राइस मिलर्स मनमाने रेट पर उसे खरीद लेते हैं और बड़ा मुनाफा कमाते हैं। आढ़तियों की ओर से 19 सितंबर से हड़ताल का एलान भी इसी प्लानिंग की हिस्सा माना जा सकता है। अक्तूबर के प्रथम सप्ताह से खरीद शुरू हो जाती है, लेकिन तब तक किसानों का 40 प्रतिशत से अधिक धान बिक चुका होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-आढ़तियों के हड़ताल के एलान से किसान चिंतित हैं, क्योंकि पीआर धान मंडियों में पहुंचने लगा है, एक सप्ताह बाद मंडियों में बहुतायत में फसल पहुंचने लगेगी, लेकिन इसी समय खरीद बंद होगी तो किसानों को औने पौने दामों पर धान बेचना पड़ेगा। सरकार को आढ़तियों की उचित मांगों को मानकर हड़ताल को खत्म कराना चाहिए, साथ ही 15 सितंबर से धान की सरकारी खरीद शुरू करानी चाहिए।

-जगदीप औलख, किसान नेता
-मुख्यमंत्री को आज ही इसके लिए पत्र लिखा है कि किसान अब जल्द पकने वाली प्रजातियों को बोते हैं, तो सरकार को भी अपनी नीति में संशोधन करते हुए धान की सरकारी खरीद को 15 सितंबर से शुरू कराना चाहिए। धान मंडियों में आने और सरकारी धान की खरीद शुरू होने में जो 15 से 20 दिन का अंतर है, यही किसानों के लिए सबसे बड़ा अभिशाप है। इसे खत्म किया जाना चाहिए।
- ईलम सिंह, भाजपा नेता एवं पूर्व चेयरमैन अनाज मंडी कुंजपुरा

जगदीप औलख

जगदीप औलख

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed