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नवीनतम तकनीकि को शीघ्रता से अपनाएं किसान : डॉ. राजेंद्र
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संवाद न्यूज एजेंसी
मूनक। बल्ला वृद्ध आश्रम में किसान पाठशाला आयोजित की गई। ललिता की अध्यक्षता में लगी पाठशाला में हरियाणा विज्ञान मंच के राज्य कमेटी सदस्य डॉ. राजेंद्र सिंह ने कहा कि किसान पाठशाला का उद्देश्य कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोध कार्यों को शीघ्रता से किसानों के खेत तक पहुंचाना है। जितनी जल्दी किसान नवीनतम तकनीकि अपनाएंगे, उतना ही उन्हें लाभ होगा।
उन्होंने कहा कि अब तक आयोजित किसान पाठशालाओं में महिलाओं की उपस्थिति 60 प्रतिशत से अधिक रही है। महिलाएं खेती की आधुनिक तकनीक को लागू करने में पुरुषों से ज्यादा रुचि ले रही है, जबकि महिलाओं को खेती में पुरुषों के समान अधिकार अभी नहीं मिले हैं। मंच ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ उनको अपने अधिकारों के बारे में जागरूक करने का अभियान चलाया है।
खंड कृषि अधिकारी असंध राजेश शर्मा ने महिलाओं को कृषि विभाग की स्कीमों की जानकारी देते हुए महिला किसानों को प्राकृतिक खेती शुरू करने का सुझाव दिया जिसके लिए कृषि विभाग प्रशिक्षण दे रहा है। हरियाणा विज्ञान मंच की जिला टीम के सदस्य देशराज अलावला ने कहा कि खेती के विकास में किसान व मजदूर की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि स्प्रे मजदूर किसान की फसल बचाने के लिए अपने जीवन का जोखिम उठाता है, जबकि किसानों को अपने खेत में मजदूर द्वारा स्प्रे करते समय सहयोग करना चाहिए । विज्ञान मंच जिला टीम की सदस्य नीलम ने महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सचेत किया।
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उषा व निर्मला ने कहा कि महिलाओं को पहले कृषि किसान कल्याण विभाग हरियाणा से उन्नत किस्म के बीज मिलते थे। लेकिन ऑनलाइन सिस्टम होने से महिलाओं को अब सुविधा नहीं मिल रही है। उनके लिए पहले वाली व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। इसमें रजवंती, मंजू ,सुनीता ,सुषमा, रीना देवी, मौसम, राजबीर सिंह, नवीन बंसल, मूर्ति, सुदेश, मीणा सुमन इत्यादि उपस्थित रही।
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मूनक। बल्ला वृद्ध आश्रम में किसान पाठशाला आयोजित की गई। ललिता की अध्यक्षता में लगी पाठशाला में हरियाणा विज्ञान मंच के राज्य कमेटी सदस्य डॉ. राजेंद्र सिंह ने कहा कि किसान पाठशाला का उद्देश्य कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोध कार्यों को शीघ्रता से किसानों के खेत तक पहुंचाना है। जितनी जल्दी किसान नवीनतम तकनीकि अपनाएंगे, उतना ही उन्हें लाभ होगा।
उन्होंने कहा कि अब तक आयोजित किसान पाठशालाओं में महिलाओं की उपस्थिति 60 प्रतिशत से अधिक रही है। महिलाएं खेती की आधुनिक तकनीक को लागू करने में पुरुषों से ज्यादा रुचि ले रही है, जबकि महिलाओं को खेती में पुरुषों के समान अधिकार अभी नहीं मिले हैं। मंच ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ उनको अपने अधिकारों के बारे में जागरूक करने का अभियान चलाया है।
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खंड कृषि अधिकारी असंध राजेश शर्मा ने महिलाओं को कृषि विभाग की स्कीमों की जानकारी देते हुए महिला किसानों को प्राकृतिक खेती शुरू करने का सुझाव दिया जिसके लिए कृषि विभाग प्रशिक्षण दे रहा है। हरियाणा विज्ञान मंच की जिला टीम के सदस्य देशराज अलावला ने कहा कि खेती के विकास में किसान व मजदूर की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि स्प्रे मजदूर किसान की फसल बचाने के लिए अपने जीवन का जोखिम उठाता है, जबकि किसानों को अपने खेत में मजदूर द्वारा स्प्रे करते समय सहयोग करना चाहिए । विज्ञान मंच जिला टीम की सदस्य नीलम ने महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सचेत किया।
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उषा व निर्मला ने कहा कि महिलाओं को पहले कृषि किसान कल्याण विभाग हरियाणा से उन्नत किस्म के बीज मिलते थे। लेकिन ऑनलाइन सिस्टम होने से महिलाओं को अब सुविधा नहीं मिल रही है। उनके लिए पहले वाली व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। इसमें रजवंती, मंजू ,सुनीता ,सुषमा, रीना देवी, मौसम, राजबीर सिंह, नवीन बंसल, मूर्ति, सुदेश, मीणा सुमन इत्यादि उपस्थित रही।