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Haryana: किसानों में तीसरे दिन भी दिखा गुस्सा, मिल को रखा बंद, आज कुरुक्षेत्र में जुटेंगे प्रदेशभर के किसान
Mon, 23 Jan 2023 12:00 AM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Mon, 23 Jan 2023 12:00 AM IST
सार
किसानों ने रविवार को भी गन्ने के वाहनों को मिल में नहीं जाने दिया। साथ ही किसानों ने आंदोलन को तेज करने की रणनीति बनाई। मिल में गन्ना ना डलने से करोड़ों रुपये नुकसान हो रहा है।
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शाहाबाद शुगर मिल के बाहर किसानों के साथ बैठे विधायक रामकरण काला, किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
गन्ने के भाव बढ़ाने को लेकर तीसरे दिन भी किसानों में गुस्सा दिखाई दिया। रविवार को आंदोलन को जारी रखते हुए किसानों ने असंध, इंद्री और मेरठ रोड स्थित शुगर मिल पर धरना-प्रदर्शन किया। साथ ही किसानों ने आंदोलन को तेज करने की रणनीति बनाई। इस दौरान गन्ने के वाहनों को मिल में भी जाने नहीं दिया गया। बाहर से ही वाहनों को वापस किया। उधर, मिल में गन्ना ना डलने से करोड़ों रुपये नुकसान हो रहा है।
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मेरठ रोड स्थित किसानों ने शुक्रवार को मिल के बाहर डेरा डाल लिया था। आसपास के गांव के किसान मिल के बाहर तीन दिनों से धरने पर बैठे है। रविवार को भी किसानों में गन्ने के भाव को लेकर रोष दिखाई दिया। धरने पर बैठे किसानों ने कहा कि जब तक सरकार किसानों का हक नहीं दे देती।
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जब तक किसान धरने से नहीं उठने वाले है। अनिश्चित कालीन के लिए किसान धरने पर बैठ गए है। सरकार को गन्ने के भाव हर हाल में बढ़ाने होंगे। अगर गन्ने के भाव को नहीं बढ़ाया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। किसानों ने कहा कि गन्ने की फसल में अधिक लागत आ रही है, मगर किसानों को गन्ने का भाव नहीं मिल पा रहा है।
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ऐसे में गन्ने की खेतीबाड़ी पर भी असर पड़ रहा है। गन्ने की खेती करने में किसानों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कुरूक्षेत्र में किसानों के प्रतिनिधिमंडल की पंचायत होगी। जिसके बाद आगामी फैसला लिया जाना है। प्रदर्शनकारियों मे ंअजय राणा, सुरेंद्र कल्सोरा, जसविंदर, सुनील, काला मंगलोरा, रामपाल, जयप्रकाश आदि उपस्थित रहे।
किसानों को नहीं मिल रहा उनका हक
असंध। गांव फफड़ाना स्थित हैफेड़ शुगर मिल के बाहर गन्ने के भाव बढ़ाए जाने की मांग को लेकर चल रहा गन्ना किसानों का धरना रविवार को भी जारी रहा। इनेलो के किसान सैल के प्रदेशाध्यक्ष फूल सिंह मंजूरा ने धरने पर पहुंचकर गन्ना किसानों को अपना समर्थन दिया। प्रदेशाध्यक्ष फूल सिंह मंजूरा ने कहा कि सरकार ने किसानों को बर्बाद करने की कसम खाई है। गन्ने की खेती पर लागत ज्यादा आने लगी है और भाव बहुत कम है, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि अन्य राज्यों में किसानों को गन्ने का अच्छा दाम मिल रहा है, लेकिन प्रदेश के गन्ना किसानों को उचित भाव भी नहीं मिल पा रहा है। मजबूरन किसानों को मिलों को बंद करने पर मजबूर होना पड़ा। मिल बंद होने से भी किसान को नुकसान पहुंच रहा है। लेकिन फिर भी सरकार आंखे बंद किए हुए है। इस दौरान गन्ना संघर्ष समिति के प्रधान विजेंद्र राणा, काला फफड़ाना, सत्यवान सिंधड़, काला दूहन, अमरजीत सिंह, लाल पंडित, दलबीर, सुरेंद्र, पप्पू आदि मौजूद रहे।
किसानों की हुंकार, बढ़वाकर रहेंगे गन्ने के दाम
जीटी बेल्ट के जिलों में किसानों ने रविवार को लगातार तीसरे दिन मिलों को बंद कराकर आवाज बुलंद की। साथ ही गन्ना मूल्य बढ़ाने तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया। यही नहीं भाकियू के अध्यक्ष चढ़ूनी ने कहा कि सरकार को गन्ने का मूल्य बढ़ाना ही होगा।
इसके लिए 23 जनवरी को कुरुक्षेत्र में किसान संगठनों की बैठक होगी, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।
करनाल की तीन चीनी मिलों सहित कैथल, यमुनानगर, अंबाला, पानीपत और कुरुक्षेत्र जिले में स्थित एक-एक चीनी मिलें रविवार को भी बंद रहीं। साथ ही मिलों के समक्ष किसानों का धरना प्रदर्शन जारी रहा।
पानीपत में भाकियू जिलाध्यक्ष सुधीर जाखड़ ने कहा कि किसानों द्वारा दिया गया 72 घंटे का अल्टीमेटम खत्म हो गया है। अब बड़े फैसले की बारी है। 23 जनवरी को कुरुक्षेत्र में भाकियू अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढू़नी के नेतृत्व में हर शुगर मिल से पांच किसानों की कमेटी बैठक कर अगला फैसला लेगी जिसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी।
दूसरी ओर कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में रविवार को भी किसानों ने शुगर मिल को बंद रखा और गेट पर धरना दिया। यहां धरनास्थल पर पहुंचे गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि गन्ने का रेट बढ़वाकर ही रहेंगे। इस दौरान शाहाबाद के विधायक रामकरण काला और सरपंचों ने भी किसानों को समर्थन दिया। कैथल की शुगर मिल में भी किसानों के धरनास्थल पर पहुंचे चढ़ूनी ने कहा कि सरकार किसानों की मांग नहीं मान रही है। ऐसे में अब आंदोलन को तेज किया जाएगा।
यमुनानगर की सरस्वती शुगर मिल और अंबाला के नारायणगढ़ मिल में भी रविवार को तीसरे दिन किसानों का धरना प्रदर्शन जारी रहा। नारायणगढ़ में धरनास्थल पर पहुंचकर मुलाना विधायक वरुण चौधरी ने किसानों के आंदोलन का समर्थन किया।