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Karnal News: सड़क पर उतरे किसान, कर्मचारी

Wed, 27 Nov 2024 02:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Wed, 27 Nov 2024 02:16 AM IST
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Farmers, employees took to the streets
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन से जुड़े किसानों ने मजदूर और कर्मचारी संगठनों के कार्यकर्ताओं के साथ मिलाकर एमएसपी पर गारंटी सहित विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। लघु सचिवालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन की अगुवाई भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रतन मान ने की।

भाकियू व अन्य कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर कार्यकर्ता मंगलवार की सुबह 11 बजे गांधी चौक पहुंचे। यहां करीब दो घंटे तक धरना देने के बाद सैंकड़ों की संख्या में एकत्रित होकर प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। वहां उपायुक्त कार्यालय के ड्यूटी अधिकारी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। यहां कर्मचारी नेता सुशील गुर्जर, भाकियू नेता सुरेंद्र धुम्मन, रूपा राणा, सतपाल सैनी, जगमाल सिंह, जिले सिंह व सतबीर सिंधड़ आदि ने संबोधित किया।
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बलराज, सेवा राम, रतन सिंह मान, जिले सिंह, ओमप्रकाश सिहमार, जगमाल राणा, बिजनेश राणा व अशोक अरोड़ा ने संचालन किया। प्रदर्शन में भारतीय किसान यूनियन, सर्व कर्मचारी संघ, सीटू, आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियन, मिड डे मील वर्कर यूनियन, आशा वर्कर यूनियन, अखिल भारतीय किसान सभा, खेत मजदूर यूनियन, दलित अधिकार मंच व रिटायर्ड कर्मचारी संघ के सदस्य शामिल रहे।
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वक्ताओं ने कहा कि किसानों ने 2020 में तीन कृषि कानूनों के खिलाफ संसद की ओर अपना एएतिहासिक मार्च शुरू किया था। किसानों के लंबे संघर्ष के बाद कृषि कानून वापस लिए गए, लेकिन इस दौरान किसानों से किए गए वादे अभी तक पूरे नहीं किए गए। वादा पूरा होने पर किसानों में सरकार के खिलाफ रोष पनप रहा है।

ज्ञापन में ये रखीं मांगें

ज्ञापन में मांगें रखी गई कि सभी फसलों के लिए कानूनी गारंटी दें और चार श्रम संहिताओं को निरस्त किया जाए। संगठित, असंगठित, स्कीम वर्कर और कृषि क्षेत्र के सभी श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपए प्रति माह व सामाजिक सुरक्षा लागू की जाए। भूमि अधिग्रहण समाप्त किया जाए। मनरेगा में 200 दिन का काम और प्रतिदिन 600 रुपए मिले। सभी लोगों के लिए 60 वर्ष की आयु पर 10 हजार रुपए मासिक पेंशन लागू हो। पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए। डीएपी, यूरिया खाद की आपूर्ति बढ़ाई जाए ताकि किसानों की समय पर जरूरत अनुरूप दिया जा सके।
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