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Haryana: धान के किसानों के लिए बड़ी खबर, निर्यातकों ने देशभर में निलंबित की बारीक धान की खरीद
Sun, 15 Oct 2023 10:15 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, करनाल (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, करनाल (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sun, 15 Oct 2023 10:15 PM IST
सार
बासमती व उसकी श्रेणी में आने वाले 1509, 1121, 1778, पूसा-1 का धान भी नहीं खरीदा जाएगा। हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन ने भी बारीक धान न खरीदने का एलान किया है।
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धान
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विस्तार
केंद्र सरकार द्वारा 1200 डालर प्रति मीट्रिक टन से कम कीमत वाले चावल निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंध बरकरार रखने के विरोध स्वरूप हरियाणा राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के साथ-साथ पंजाब और उत्तर प्रदेश सहित देशभर के चावल निर्यातकों ने बासमती व उससे संबंधित किस्मों के धान की खरीद से हाथ खींच लिए हैं। इन किस्मों के धान की खरीद को ऑल इंडिया राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ने निलंबित कर दिया है। इसके साथ-साथ हरियाणा स्टेट अनाज मडी आढ़ती एसोसिएशन ने भी बारीक धान को न खरीदने का एलान कर दिया है।
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हरियाणा राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के प्रधान सुशील जैन ने बताया कि ऑल इंडिया राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नाथीराम गुप्ता की मौजूदगी में हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश राइस एक्सपोर्ट एसोसिएएशन के पदाधिकारियों की बैठक की गई थी।
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जिसमें सोमवार से बासमती व उसकी श्रेणी में आने वाली 1509, 1718, 1121, पूसी पीबी-1 आदि बारीक धान की खरीद को फिलहाल निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि 25 अगस्त को केंद्र सरकार ने बासमती चावल निर्यात की सीमा कम से कम 1200 डालर प्रति मीट्रिक टन तय कर दी थी। जबकि भारत से औसतन 850 से 900 डालर प्रति टन के चावल ही विदेशों को निर्यात होते हैं।
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सुशील जैन ने बताया कि उनकी अगुवाई में ही वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की थी, उन्हें पूरी स्थिति समझाई थी तो उन्होंने इसे कम करने का भरोसा दिया था, लेकिन 14 अक्तूबर को आदेश जारी करके 1200 डालर प्रति टन की सीमा को बरकरार रखा गया है। जिसके बाद देशभर के बासमती चावल के निर्यातकों को करारा झटका लगा है। इस कारण ही खरीद को निलंबित किया गया है।
सोमवार से बासमती व उसकी अन्य किस्मों के धान को नहीं खरीदा जाएगा। इसमें हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन, हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन भी उनका साथ दे रही है। इधर, रविवार को हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के चेयरमैन रजनीश ने भी आढ़तियों को पत्र जारी करके बारीक धान नहीं खरीदने को कहा है।
मंडी में नहीं बिका 1509 धान
हरियाणा में 1509 किस्म का धान बहुतायत में आता है, हालांकि इसकी करीब 70 फीसदी फसल तो मंडियों में आ चुकी है, लेकिन अब खरीद बंद होने से 30 प्रतिशत फसल पर संकट आ गया है। आज करनाल मंडी में 1509 धान की करीब 20 हजार बोरी आवक रही, लेकिन खरीदी नहीं गई। इसके बाद कुछ दिनों में 1121 आने की बारी है।