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Karnal News: मेडिकल कॉलेज में मिलीं एक्सपायर्ड दवाएं
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दवाइयों में कमी मिलने पर डाॅक्टर से बात करते विधायक इंदूराज ।
करनाल। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को निरीक्षण के दौरान हरियाणा विधानसभा की विषय समिति को ऑपरेशन स्टोर और आईसीयू में एक्सपायर्ड दवाएं और मेडिकल सामग्री मिली। ये दवाएं मरीजों को लगाए जाने का आरोप भी है। ऑपरेशन थियेटर में इस्तेमाल होने वाली बेहोशी की दवा, ड्रेसिंग और पंपिंग किट आदि की मियाद 2022, 2023 और 2024 में ही खत्म हो चुकी थी। मेडिकल कॉलेज के स्टोर में दवाओं की कई पेटियां मिलीं, जो एक्सपायर हो चुकी थीं। एक-एक दवा की शीशी की कीमत 25-25 हजार रुपये तक है।
समिति में शामिल कांग्रेस विधायक इंदुराज नरवाल ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से मरीजों को एक्सपायरी दवाएं दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि वह मामला विधानसभा में उठाएंगे। उन्होंने मौके से एक्सपायर दवाओं के नमूने भी लिए।
एक-दूसरे पर डाली जिम्मेदारी
निरीक्षण के दौरान जब विधायक ने डॉक्टरों व नर्सिंग स्टाफ से सवाल किए तो सभी ने एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल दी। नर्सों ने कहा कि जो दवाएं डॉक्टर मंगाते हैं, वे स्टोर से सिर्फ लाकर देती हैं। डॉक्टरों ने सफाई दी कि जो दवा आती है, वे मंगवा लेते हैं और वही लगानी पड़ती है। स्टोर इंचार्ज डॉक्टर ने कहा कि इन दवाओं में घपला हुआ है। जिस डॉक्टर ने इनको खरीदा था अब उनका ट्रांसफर हो चुका है। उन्होंने एक ऐसी दवा का जिक्र भी किया जिसको लगाने के लिए कंपनी की मशीन को मेडिकल कॉलेज किराये पर लेता है। इसका भी ठेका डॉक्टर करवाते हैं। मशीनें किराये पर ली गई और खराब हो गई। जिनको बदला तक नहीं जा सका।
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दूसरे मेडिकल संस्थान में क्यों नहीं भेजा
विधायक ने डॉक्टरों से मिले जवाब पर पूछा कि अगर इतनी मंहगी दवाएं एक्सपायर हो रही थी तो इनको दूसरे मेडिकल संस्थानों में क्यों नहीं भेजा गया। हर मेडिकल संस्थान और जरूरतमंद लोग दवाएं न मिलने से परेशान हैं। अगर समिति का निरीक्षण न होता तो लाखों रुपये की एक्सपायर दवाओं का खुलासा कभी नहीं होता। ये दवाएं चंडीगढ़, रोहतक, खानपुर मेडिकल कॉलेज भेजी जाती तो किसी के काम आ सकती थी लेकिन डॉक्टरों ने ऐसी कोई जहमत नहीं उठाई। समिति सदस्य एवं विधायक की बातों का कोई जवाब नहीं दे पाया।
लाखों की मिट्टी बेचने का आरोपनिरीक्षण के दौरान कॉलेज परिसर में पड़ी लाखों रुपये की मिट्टी को रातों-रात बेच दिए जाने का आरोप भी लगाया गया। समिति ने जांच के आदेश देने की बात कही है। यह पहला मौका नहीं है जब कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज किसी विवाद में आया हो। तीन साल पहले कॉलेज में पैरा मेडिकल छात्राओं ने ओटी ट्रेनर पर शोषण के आरोप लगाए थे।
निदेशक बोले, होगी सख्त कार्रवाई
मामला संज्ञान में आ चुका है। यह गंभीर लापरवाही है। इस पर विभागाध्यक्षों से जवाब मांगे हैं। उनके जवाब मिलने के बाद निश्चित तौर पर जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। -डॉ. एमके गर्ग, निदेशक, कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज
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समिति में शामिल कांग्रेस विधायक इंदुराज नरवाल ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से मरीजों को एक्सपायरी दवाएं दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि वह मामला विधानसभा में उठाएंगे। उन्होंने मौके से एक्सपायर दवाओं के नमूने भी लिए।
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एक-दूसरे पर डाली जिम्मेदारी
निरीक्षण के दौरान जब विधायक ने डॉक्टरों व नर्सिंग स्टाफ से सवाल किए तो सभी ने एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल दी। नर्सों ने कहा कि जो दवाएं डॉक्टर मंगाते हैं, वे स्टोर से सिर्फ लाकर देती हैं। डॉक्टरों ने सफाई दी कि जो दवा आती है, वे मंगवा लेते हैं और वही लगानी पड़ती है। स्टोर इंचार्ज डॉक्टर ने कहा कि इन दवाओं में घपला हुआ है। जिस डॉक्टर ने इनको खरीदा था अब उनका ट्रांसफर हो चुका है। उन्होंने एक ऐसी दवा का जिक्र भी किया जिसको लगाने के लिए कंपनी की मशीन को मेडिकल कॉलेज किराये पर लेता है। इसका भी ठेका डॉक्टर करवाते हैं। मशीनें किराये पर ली गई और खराब हो गई। जिनको बदला तक नहीं जा सका।
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दूसरे मेडिकल संस्थान में क्यों नहीं भेजा
विधायक ने डॉक्टरों से मिले जवाब पर पूछा कि अगर इतनी मंहगी दवाएं एक्सपायर हो रही थी तो इनको दूसरे मेडिकल संस्थानों में क्यों नहीं भेजा गया। हर मेडिकल संस्थान और जरूरतमंद लोग दवाएं न मिलने से परेशान हैं। अगर समिति का निरीक्षण न होता तो लाखों रुपये की एक्सपायर दवाओं का खुलासा कभी नहीं होता। ये दवाएं चंडीगढ़, रोहतक, खानपुर मेडिकल कॉलेज भेजी जाती तो किसी के काम आ सकती थी लेकिन डॉक्टरों ने ऐसी कोई जहमत नहीं उठाई। समिति सदस्य एवं विधायक की बातों का कोई जवाब नहीं दे पाया।
लाखों की मिट्टी बेचने का आरोपनिरीक्षण के दौरान कॉलेज परिसर में पड़ी लाखों रुपये की मिट्टी को रातों-रात बेच दिए जाने का आरोप भी लगाया गया। समिति ने जांच के आदेश देने की बात कही है। यह पहला मौका नहीं है जब कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज किसी विवाद में आया हो। तीन साल पहले कॉलेज में पैरा मेडिकल छात्राओं ने ओटी ट्रेनर पर शोषण के आरोप लगाए थे।
निदेशक बोले, होगी सख्त कार्रवाई
मामला संज्ञान में आ चुका है। यह गंभीर लापरवाही है। इस पर विभागाध्यक्षों से जवाब मांगे हैं। उनके जवाब मिलने के बाद निश्चित तौर पर जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। -डॉ. एमके गर्ग, निदेशक, कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज